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Shamli News: टैंकर को उठाने जर्जर तार लेकर पहुंची फायर ब्रिगेड़
Thu, 04 Apr 2024 01:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 04 Apr 2024 01:30 AM IST
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कांधला में ट्रक को उठाने के लिये पहुची जेसीबी
शामली। किसी भी हादसे से निपटने, रेस्क्यू करने के लिए प्रशासन के पास संसाधनों का पूरी तरह से टोटा है। जिसकी पोल बुधवार को उस समय खुल गई जब हादसे के डेढ़ घंटे बाद तक लोगों के ऊपर पलटे टैंकर को नहीं उठाया जा सका। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी जर्जर पुराने तार को लेकर टैंकर को उठाने पहुंचे, जो बार-बार टूट रहा था। लोगों का कहना था कि यदि प्रशासन के पास संसाधन होते तो टैंकर को समय पर सीधा कर लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
कांधला में हादसे में चार की मौत के मामले में लखनऊ तक के अधिकारियों को भी हिलाकर रख दिया। लखनऊ के अधिकारियों ने भी हादसे के बारे में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी हासिल की। हादसे के बाद प्रशासन के पास सुविधाओं का टोटा भी साफ नजर आया।
एलम में हादसा करने के बाद शाम करीब चार बजे टैंकर कांधला में पलट गया था। जिसकी सूचना करीब 4:05 बजे ही लोगों ने डीएम रविंद्र सिंह से लेकर एसपी अभिषेक को दी। अधिकारी समय पर मौके पर पहुंच गए। अधिकारी टैंकर को उठवाने का पूरा प्रयास कर रहे थे।मगर संसाधन ही नहीं थे जिसके कारण वे भी बेबस नजर आए। फायर ब्रिगेड़ की टीम मौके पर पहुंची मगर संसाधनों के अभाव में टैंकर उठाने में नाकाम रही।इसके बाद लोगों सहयोग से मौके पर प्राइवेट आठ जेसीबी को भी लाया गया। मगर टैंकर बिना हाइड्रो के उठाना संभव नहीं था। जिस पर हाइड्रो लाने के लिए जिलेभर में संपर्क किया गया। मगर हाइड्रो नहीं मिल पा रहा था। जिसके कारण टैंकर के नीचे दबे लोग तब तक काल के गा ल में समा गए। शाम करीब 5:30 बजे शामली और अन्य स्थानों से तीन हाइड्रा मौके पर पहुंचे। इस दौरान दिल्ली से लेकर शामली की तरफ के रोड को बंद किया गया । लोगों ने भी शवों को निकालने में एकजुटता दिखाई और जेसीबी और हाइड्रा चालकों की मदद के बाद 6 बजे पहला शव निकाला गया। इसके बाद हाइड्रा के माध्यम से जिस तार से उसे उठाने का प्रयास किया जा रहा था वह कई बार बीच में ही टूट गया। नतीजन शाम 6:50 बजे बाकी दो शव निकाले गए। यानी करीब तीन घंटे बाद शवों को निकाला गया।यदि प्रशासन, फायर ब्रिगेड के पास व्यापक संसाधन होते तो शायद समय पर टैंकर को उठा कर उ सके नीचे दबे लोगों की जान बचाई जा सकती थी। एडीएम संतोष कुमार का कहना है कि प्रयास रहा कि समय पर हाइड्रा और जेसीबी पहुंचाई जाए। भार अधिक होने के कारण टैंकर को सीधा करने में थोड़ा स मय लगा।
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हर कोई घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा
जिसने भी हादसे के बारे में सुना व ह हादसा स्थल की तरफ दौड़ पड़ा। यही नहीं हिंदू, मुस्लिम स भी ने मिलकर टैंकर को उठवाने में मदद की बल्कि बाद में आवागमन को सुचारु कराने में भी कई लोग देर रात में लगे रहे।
इन सवालों के जवाब अभी बाकी
: डीएम ने ओवरलोड, ओवरस्पीड वाहनों पर एक माह पूर्व ही शिकंजा कसने के आदेश दिए थे, फिर पुलिस, परिवहन विभाग ने इन पर शिकंजा क्यों नहीं कसा
: एलम में बाइक सवार को टक्कर मारने के बाद तुरंत ही सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने उ सका पीछा करना मुनासिब क्यों नहीं समझा, यदि पुलिस पीछा कर पकड़ने का प्रयास करती तो शायद हादसा ही नहीं होता
: टैंकर के पलटने के बाद उसे उठाने के लिए विभागीय अधिकारियों के पास संसाधन क्यों नहीं थे, इसकी मांग पहले क्यों नहीं की गई, जबकि दो बार जिले में झिंझाना और थानाभवन में हादसे हो चुके थे।
: ओवरस्पीड वाहनों पर शिकंजा कसने से पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी क्यों बच रहे हैं?
मिनट दर मिनट
: टैंकर ने एलम में बाइक सवार को टक्कर मारी : दोपहर बाद 3:30 बजे
: कांधला में टैंकर दुकानों को ध्वस्त करते हुए पलटा, 4 बजे
: तीन जेसीबी से पलटे टैंकर को उठाने का प्रयास किया गया - 4:30 बजे
: एसपी अभिषेक, एडीएम संतोष कुमार, एएसपी संतोष कुमार मौके पर पहुंचे 4.:30 बजे
: हाइड्रा टैंकर को उठाने प हुंचे- 5:30 बजे
: टैंकर के नीचे से पहला शव निकाला गया- 6 बजे
: दो शव निकाले गए : शाम 6:50 बजे
: टैंकर को तीन हाइड्रा और आठ जेसीबी की मदद से सीधा किया गया: 7 बजे
:कांधला में आवागमन सुचारु कराया गया- शाम 8 बजे।
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कांधला में हादसे में चार की मौत के मामले में लखनऊ तक के अधिकारियों को भी हिलाकर रख दिया। लखनऊ के अधिकारियों ने भी हादसे के बारे में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी हासिल की। हादसे के बाद प्रशासन के पास सुविधाओं का टोटा भी साफ नजर आया।
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एलम में हादसा करने के बाद शाम करीब चार बजे टैंकर कांधला में पलट गया था। जिसकी सूचना करीब 4:05 बजे ही लोगों ने डीएम रविंद्र सिंह से लेकर एसपी अभिषेक को दी। अधिकारी समय पर मौके पर पहुंच गए। अधिकारी टैंकर को उठवाने का पूरा प्रयास कर रहे थे।मगर संसाधन ही नहीं थे जिसके कारण वे भी बेबस नजर आए। फायर ब्रिगेड़ की टीम मौके पर पहुंची मगर संसाधनों के अभाव में टैंकर उठाने में नाकाम रही।इसके बाद लोगों सहयोग से मौके पर प्राइवेट आठ जेसीबी को भी लाया गया। मगर टैंकर बिना हाइड्रो के उठाना संभव नहीं था। जिस पर हाइड्रो लाने के लिए जिलेभर में संपर्क किया गया। मगर हाइड्रो नहीं मिल पा रहा था। जिसके कारण टैंकर के नीचे दबे लोग तब तक काल के गा ल में समा गए। शाम करीब 5:30 बजे शामली और अन्य स्थानों से तीन हाइड्रा मौके पर पहुंचे। इस दौरान दिल्ली से लेकर शामली की तरफ के रोड को बंद किया गया । लोगों ने भी शवों को निकालने में एकजुटता दिखाई और जेसीबी और हाइड्रा चालकों की मदद के बाद 6 बजे पहला शव निकाला गया। इसके बाद हाइड्रा के माध्यम से जिस तार से उसे उठाने का प्रयास किया जा रहा था वह कई बार बीच में ही टूट गया। नतीजन शाम 6:50 बजे बाकी दो शव निकाले गए। यानी करीब तीन घंटे बाद शवों को निकाला गया।यदि प्रशासन, फायर ब्रिगेड के पास व्यापक संसाधन होते तो शायद समय पर टैंकर को उठा कर उ सके नीचे दबे लोगों की जान बचाई जा सकती थी। एडीएम संतोष कुमार का कहना है कि प्रयास रहा कि समय पर हाइड्रा और जेसीबी पहुंचाई जाए। भार अधिक होने के कारण टैंकर को सीधा करने में थोड़ा स मय लगा।
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जिसने भी हादसे के बारे में सुना व ह हादसा स्थल की तरफ दौड़ पड़ा। यही नहीं हिंदू, मुस्लिम स भी ने मिलकर टैंकर को उठवाने में मदद की बल्कि बाद में आवागमन को सुचारु कराने में भी कई लोग देर रात में लगे रहे।
इन सवालों के जवाब अभी बाकी
: डीएम ने ओवरलोड, ओवरस्पीड वाहनों पर एक माह पूर्व ही शिकंजा कसने के आदेश दिए थे, फिर पुलिस, परिवहन विभाग ने इन पर शिकंजा क्यों नहीं कसा
: एलम में बाइक सवार को टक्कर मारने के बाद तुरंत ही सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने उ सका पीछा करना मुनासिब क्यों नहीं समझा, यदि पुलिस पीछा कर पकड़ने का प्रयास करती तो शायद हादसा ही नहीं होता
: टैंकर के पलटने के बाद उसे उठाने के लिए विभागीय अधिकारियों के पास संसाधन क्यों नहीं थे, इसकी मांग पहले क्यों नहीं की गई, जबकि दो बार जिले में झिंझाना और थानाभवन में हादसे हो चुके थे।
: ओवरस्पीड वाहनों पर शिकंजा कसने से पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी क्यों बच रहे हैं?
मिनट दर मिनट
: टैंकर ने एलम में बाइक सवार को टक्कर मारी : दोपहर बाद 3:30 बजे
: कांधला में टैंकर दुकानों को ध्वस्त करते हुए पलटा, 4 बजे
: तीन जेसीबी से पलटे टैंकर को उठाने का प्रयास किया गया - 4:30 बजे
: एसपी अभिषेक, एडीएम संतोष कुमार, एएसपी संतोष कुमार मौके पर पहुंचे 4.:30 बजे
: हाइड्रा टैंकर को उठाने प हुंचे- 5:30 बजे
: टैंकर के नीचे से पहला शव निकाला गया- 6 बजे
: दो शव निकाले गए : शाम 6:50 बजे
: टैंकर को तीन हाइड्रा और आठ जेसीबी की मदद से सीधा किया गया: 7 बजे
:कांधला में आवागमन सुचारु कराया गया- शाम 8 बजे।
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कांधला में ट्रक को उठाने के लिये पहुची जेसीबी

कांधला में ट्रक को उठाने के लिये पहुची जेसीबी