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पोस्टमास्टर पर किया जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 19 Jun 2016 12:58 AM IST
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आदेश
- फोटो : अमर उजाला
शामली में एक व्यापारी के पीपीएफ खाते को अवैध रूप से बंद करने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने शामली मुख्य डाकघर के पोस्ट मास्टर पर एक लाख का जुर्माना लगाया है।
शहर के हनुमान रोड स्थित आशीष अग्रवाल ने जिला उपभोक्ता फोरम में डाक दूरसंचार विभाग नई दिल्ली के मुख्यसचिव यूनियन आफ इंडिया, मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल लखनऊ, मुजफ्फरनगर मुख्य डाकघर के प्रवर अधीक्षक, मुख्य डाकघर शामली के पोस्टमास्टर को आरोपी बनाकर वाद दायर किया है।
मुख्य डाकघर शामली में एक पीपीएफ खाता गत 15 मार्च 1994 को खोला था। तीन फरवरी 2012 को इस खाते में एक लाख रुपये जमा किए थे। इस खाते की परिपक्वता तिथि 31 मार्च 2014 थी। 28 सितंबर 2012 को मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर ने कथित नियमों का हवाला देकर खाता बंद कर दिया। विधि विरुद्ध 2011-12 की ब्याज राशि में 46 हजार 965 काटकर छह लाख 55 हजार 267 रुपये भुगतान किया। जबकि पीपीएफ खाता की पासबुक में सात लाख दो हजार 232 रुपये का दर्ज हैं। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के चेयरमैन एसकेएस यादव सदस्य श्रवण कुमार ने मामले की
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उन्होंने मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर को पीड़ित के पीपीएफ खाता में एक लाख जमा करने को कहा है। उस पर बचत खाता की चार प्रतिशत ब्याज की दर से जमा अवधि तीन फरवरी से 2012 से 28 सितंबर 2012 तक की अवधि के लिए ब्याज एक माह में भुगतान करने आदेश दिए हैं। आदेश के चूक होने पर समस्त देय धनराशि पर दंडात्मक 12 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज आरोपी को पीड़ित को देना होगा। धनराशि अधिकारी के खाते से डाकघर वसूलेगा।
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शहर के हनुमान रोड स्थित आशीष अग्रवाल ने जिला उपभोक्ता फोरम में डाक दूरसंचार विभाग नई दिल्ली के मुख्यसचिव यूनियन आफ इंडिया, मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल लखनऊ, मुजफ्फरनगर मुख्य डाकघर के प्रवर अधीक्षक, मुख्य डाकघर शामली के पोस्टमास्टर को आरोपी बनाकर वाद दायर किया है।
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मुख्य डाकघर शामली में एक पीपीएफ खाता गत 15 मार्च 1994 को खोला था। तीन फरवरी 2012 को इस खाते में एक लाख रुपये जमा किए थे। इस खाते की परिपक्वता तिथि 31 मार्च 2014 थी। 28 सितंबर 2012 को मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर ने कथित नियमों का हवाला देकर खाता बंद कर दिया। विधि विरुद्ध 2011-12 की ब्याज राशि में 46 हजार 965 काटकर छह लाख 55 हजार 267 रुपये भुगतान किया। जबकि पीपीएफ खाता की पासबुक में सात लाख दो हजार 232 रुपये का दर्ज हैं। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के चेयरमैन एसकेएस यादव सदस्य श्रवण कुमार ने मामले की
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उन्होंने मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर को पीड़ित के पीपीएफ खाता में एक लाख जमा करने को कहा है। उस पर बचत खाता की चार प्रतिशत ब्याज की दर से जमा अवधि तीन फरवरी से 2012 से 28 सितंबर 2012 तक की अवधि के लिए ब्याज एक माह में भुगतान करने आदेश दिए हैं। आदेश के चूक होने पर समस्त देय धनराशि पर दंडात्मक 12 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज आरोपी को पीड़ित को देना होगा। धनराशि अधिकारी के खाते से डाकघर वसूलेगा।