{"_id":"6ae4f846fbd2d9bb3e05721c","slug":"files-for-two-villages-go-missing-construction-pace-of-750-km-expressway-stalls-shamli-news-c-26-1-sal1002-177104-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: दो गांवों की फाइल गायब, 750 किमी एक्सप्रेसवे के निर्माण की रफ्तार थमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: दो गांवों की फाइल गायब, 750 किमी एक्सप्रेसवे के निर्माण की रफ्तार थमी
Sat, 31 Oct 2026 01:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
शामली। पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल की दूरी समेटने वाले 35 हजार करोड़ की लागत से बनने वाले 750 किलोमीटर लंबे पानीपत-शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की रफ्तार शामली में आकर थम गई है।
जिले के दो गांवों गोगवान जलालपुर और भैसानी इस्लामपुर का रिकॉर्ड फाइल में नहीं मिल रहा है। इस कारण दोनों गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया (थ्री-ए और थ्री-सी) अटक गई है। रिकॉर्ड नहीं मिलने के मामले में कंसल्टेंट कंपनी की लापरवाही मानी जा रही है।
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा। इस महा-प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली की चैतन्य कंसल्टेंट कंपनी को सौंपी है। प्रशासन के मुताबिक शामली के गोगवान जलालपुर और भैसानी इस्लामपुर गांवों के किसानों की आपत्तियों पर सक्षम अधिकारी एवं एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सत्येंद्र कुमार सिंह सुनवाई पूरी कर चुके हैं।
विज्ञापन
इसके बाद अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी होनी थी, लेकिन बताया गया कि कंसल्टेंट कंपनी ने अब तक इन दोनों गांवों का रिकॉर्ड एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को नहीं सौंपा है। इस हालात में दोनों गांवों की भूमि का अधिग्रहण भी अटक गया है।
n इन 22 जिलों से होकर गुजरेगा प्रोजेक्ट : यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत से शुरू होकर शामली के रास्ते यूपी में प्रवेश करेगा। यहां से मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, बस्ती और संतकबीर नगर होते हुए गोरखपुर तक पहुंचेगा। प्रोजेक्ट पूरा होने पर हरियाणा और पश्चिमी यूपी से सीधे नेपाल सीमा और पूर्वांचल तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा।
विज्ञापन
जिले के दो गांवों गोगवान जलालपुर और भैसानी इस्लामपुर का रिकॉर्ड फाइल में नहीं मिल रहा है। इस कारण दोनों गांवों की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया (थ्री-ए और थ्री-सी) अटक गई है। रिकॉर्ड नहीं मिलने के मामले में कंसल्टेंट कंपनी की लापरवाही मानी जा रही है।
विज्ञापन
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा। इस महा-प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली की चैतन्य कंसल्टेंट कंपनी को सौंपी है। प्रशासन के मुताबिक शामली के गोगवान जलालपुर और भैसानी इस्लामपुर गांवों के किसानों की आपत्तियों पर सक्षम अधिकारी एवं एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सत्येंद्र कुमार सिंह सुनवाई पूरी कर चुके हैं।
विज्ञापन
इसके बाद अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी होनी थी, लेकिन बताया गया कि कंसल्टेंट कंपनी ने अब तक इन दोनों गांवों का रिकॉर्ड एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को नहीं सौंपा है। इस हालात में दोनों गांवों की भूमि का अधिग्रहण भी अटक गया है।
n इन 22 जिलों से होकर गुजरेगा प्रोजेक्ट : यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत से शुरू होकर शामली के रास्ते यूपी में प्रवेश करेगा। यहां से मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, बस्ती और संतकबीर नगर होते हुए गोरखपुर तक पहुंचेगा। प्रोजेक्ट पूरा होने पर हरियाणा और पश्चिमी यूपी से सीधे नेपाल सीमा और पूर्वांचल तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा।