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दीपावली पर जमकर हुई आतिशबाजी
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Fri, 20 Oct 2017 11:49 PM IST
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diwali
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। दीपावली का त्योहार जिलेभर में हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। मकानों, दुकानों पर रंगीन झालरों से सजावट रही। जिससे शहर रंगीन रोशनी में नहा गया। व्यापारियों ने सुबह अपने प्रतिष्ठानों पर पूजन किया, तो शाम को घरों में पूजन हुआ।
बृहस्पतिवार को दीपावली के त्योहार पर सुबह से ही पूजन की तैयारियों शुरू हो गई थी। झालरों के अलावा लोगों ने फूल मालाओं से भी मकान और दुकानों के गेट को सजाया।
फूल की बिक्री बढ़ने के कारण ही गेंदे के फूल की माला आम दिनों की अपेक्षा दोगुने दाम में 30 रुपये तक बिकी। वहीं, कमल के फूल की कली 50 से 150 रुपये तक बिकी। शाम को घरों में विशेष पूजन के दौरान लोगों ने फल, फूल, कमल गट्टा और मिठाई आदि से मां लक्ष्मी, गणेश भगवान, श्रीराम भगवान और हनुमान जी की पूजा कर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी गई। इसके अलावा त्योहार के मौके पर देवस्थान पर पहुंचकर पितृों का पूजन किया गया।
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शामली के मंदिर हनुमान धाम और भाकूवाला शिव मंदिर परिसर में काफी परिवारों के देवस्थान है, जिसके चलते वहां लोगों की भारी भीड़ रही।
उधर, दीपावली पर बच्चों में खास उत्साह दिखाई दिया। नए परिधान पहन बच्चे और युवा शाम को घरों में पूजन के बाद आतिशबाजी करने में लग गए। मकानों की छतों के साथ ही बाहर रास्तों पर जमकर आतिशबाजी की गई। देर रात तक आतिशबाजी का दौर चलता रहा।
उधर, ऊन में दीपावली पर्व श्रद्धा एवं उत्साह से मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों पर देव स्थलों पर भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। शाम को सभी घरों में विधि विधान से श्री गणेश और लक्ष्मी का पूजन किया गया। जिसके बाद युवकों ने पटाखे छोड़ते हुए जमकर आतिशबाजी की। वहीं, शुक्रवार को गाय के गोबर से प्रतिमा बनाकर उसका पूजन किया गया। उधर, सरदार भगत सिंह युवा सेवा समिति ने कस्बा ऊन में शहीदों को नमन करते हुए दीपावली पर्व मनाया ।
इस अवसर पर युवाओं ने शहीदों की प्रतिमा के सामने कैंडल जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए देश भक्ति गीतों को प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही गोवर्धन पूजा कर अन्नकूट भंडारा किया गया। उधर, नगर पंचायत गढ़ीपुख्ता के ग्रामीण क्षेत्र कच्चीगढ़ी में दीपावली पूजन के साथ पर्व धूमधाम से मनाया गया।
इस अवसर पर लोगों ने सुबह अपने पितरों का हवन पूजन किया। इस दौरान बाजारों और मिठाइयों की दुकानों पर खूब भीड़ रही। शाम को सभी घरों में महालक्ष्मी पूजन विधि-विधान से किया गया व दीप प्रज्वलित किए गए। वहीं शुक्रवार को गोवर्धन पर्व पर लोगों ने अपने घरों में गोबर से गोवर्धन की प्रतिमा बनाकर गोवर्धन पूजन किया। सभी ने ईख की फसल को पूजा में शामिल करते हुए वाहनों की चाबी, किताबें, ज्वेलरी आदि रख मन्नते मांगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मुकेश सैनी, गांव प्रधान फैजान खान, बिजेेंद्र सैनी, नरेंद्र, संदीप उपध्याय, अजब सिंह, चतर सिंह ठेकेदार, अतर सिंह, प्रमोद सैनी, अनिल वर्मा, अवधेश शर्मा, डॉ. सुभाष, अंग्रेज कोरी लोगों ने क्षेत्रवासियों को दीपावली व भैयादूज की शुभकामनाएं दी।
उधर, जलालाबाद व क्षेत्र के ग्रामाीण इलाके में दीपावली का त्योहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। बाजारों में मिठाइयों की दुकानों पर जमकर मिठाईयों की खरीददारी हुई। बिजली की रोशनी से जहां घरों को सजाया गया, वहीं कस्बे के प्राचीन दुर्गा देवी मंदिर, शिववालय, राममंदिर, राधाकृष्ण मंदिर आदि को भी सजाया गया। बच्चों के साथ बड़ो ने भी पटाखों से आतिशबाजी करते हुए दीपावली पर्व मनाया।
उधर, जलालाबाद क्षेत्र में विभिन्न स्थानों और देवस्थान देवता मंदिर पर लोगों ने पूजा की। देवी मंदिर के पंडित चंद्रमोहन शास्त्री का कहना है कि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष अमावस को अपने अपने पितरों की पूजा करने का महत्व माना जाता है।
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बृहस्पतिवार को दीपावली के त्योहार पर सुबह से ही पूजन की तैयारियों शुरू हो गई थी। झालरों के अलावा लोगों ने फूल मालाओं से भी मकान और दुकानों के गेट को सजाया।
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फूल की बिक्री बढ़ने के कारण ही गेंदे के फूल की माला आम दिनों की अपेक्षा दोगुने दाम में 30 रुपये तक बिकी। वहीं, कमल के फूल की कली 50 से 150 रुपये तक बिकी। शाम को घरों में विशेष पूजन के दौरान लोगों ने फल, फूल, कमल गट्टा और मिठाई आदि से मां लक्ष्मी, गणेश भगवान, श्रीराम भगवान और हनुमान जी की पूजा कर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी गई। इसके अलावा त्योहार के मौके पर देवस्थान पर पहुंचकर पितृों का पूजन किया गया।
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शामली के मंदिर हनुमान धाम और भाकूवाला शिव मंदिर परिसर में काफी परिवारों के देवस्थान है, जिसके चलते वहां लोगों की भारी भीड़ रही।
उधर, दीपावली पर बच्चों में खास उत्साह दिखाई दिया। नए परिधान पहन बच्चे और युवा शाम को घरों में पूजन के बाद आतिशबाजी करने में लग गए। मकानों की छतों के साथ ही बाहर रास्तों पर जमकर आतिशबाजी की गई। देर रात तक आतिशबाजी का दौर चलता रहा।
उधर, ऊन में दीपावली पर्व श्रद्धा एवं उत्साह से मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों पर देव स्थलों पर भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। शाम को सभी घरों में विधि विधान से श्री गणेश और लक्ष्मी का पूजन किया गया। जिसके बाद युवकों ने पटाखे छोड़ते हुए जमकर आतिशबाजी की। वहीं, शुक्रवार को गाय के गोबर से प्रतिमा बनाकर उसका पूजन किया गया। उधर, सरदार भगत सिंह युवा सेवा समिति ने कस्बा ऊन में शहीदों को नमन करते हुए दीपावली पर्व मनाया ।
इस अवसर पर युवाओं ने शहीदों की प्रतिमा के सामने कैंडल जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए देश भक्ति गीतों को प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही गोवर्धन पूजा कर अन्नकूट भंडारा किया गया। उधर, नगर पंचायत गढ़ीपुख्ता के ग्रामीण क्षेत्र कच्चीगढ़ी में दीपावली पूजन के साथ पर्व धूमधाम से मनाया गया।
इस अवसर पर लोगों ने सुबह अपने पितरों का हवन पूजन किया। इस दौरान बाजारों और मिठाइयों की दुकानों पर खूब भीड़ रही। शाम को सभी घरों में महालक्ष्मी पूजन विधि-विधान से किया गया व दीप प्रज्वलित किए गए। वहीं शुक्रवार को गोवर्धन पर्व पर लोगों ने अपने घरों में गोबर से गोवर्धन की प्रतिमा बनाकर गोवर्धन पूजन किया। सभी ने ईख की फसल को पूजा में शामिल करते हुए वाहनों की चाबी, किताबें, ज्वेलरी आदि रख मन्नते मांगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य मुकेश सैनी, गांव प्रधान फैजान खान, बिजेेंद्र सैनी, नरेंद्र, संदीप उपध्याय, अजब सिंह, चतर सिंह ठेकेदार, अतर सिंह, प्रमोद सैनी, अनिल वर्मा, अवधेश शर्मा, डॉ. सुभाष, अंग्रेज कोरी लोगों ने क्षेत्रवासियों को दीपावली व भैयादूज की शुभकामनाएं दी।
उधर, जलालाबाद व क्षेत्र के ग्रामाीण इलाके में दीपावली का त्योहार बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। बाजारों में मिठाइयों की दुकानों पर जमकर मिठाईयों की खरीददारी हुई। बिजली की रोशनी से जहां घरों को सजाया गया, वहीं कस्बे के प्राचीन दुर्गा देवी मंदिर, शिववालय, राममंदिर, राधाकृष्ण मंदिर आदि को भी सजाया गया। बच्चों के साथ बड़ो ने भी पटाखों से आतिशबाजी करते हुए दीपावली पर्व मनाया।
उधर, जलालाबाद क्षेत्र में विभिन्न स्थानों और देवस्थान देवता मंदिर पर लोगों ने पूजा की। देवी मंदिर के पंडित चंद्रमोहन शास्त्री का कहना है कि कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष अमावस को अपने अपने पितरों की पूजा करने का महत्व माना जाता है।