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मन को सात्विक बनाने के लिए आहार का शुद्ध होना जरूरी
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आर्य समाज मंदिर में वेद प्रचार सप्ताह का छठा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। आर्य उपदेशक आचार्य उमेश चंद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि परमात्मा का साक्षात्कार मन से होता है। मन को सात्विक बनाने के लिए आहार शुद्ध एवं धर्म से कमाया हुआ धन होना चाहिए। मन ही मनुष्य को पाप और पुण्य की ओर ले जाता है। मन को नियंत्रित करने के लिए प्राणायाम करना चाहिए।
आर्य समाज मंदिर में शनिवार को श्रावणी पर्व के उपलक्ष्य में चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के छठे दिन प्रवचन करते हुए आचार्य उमेश चंद ने कहा कि बिना मन के कोई साधना सफल नहीं होती है। मन को नियंत्रण करने के लिए प्राणायम करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग्य मित्रों, व्यक्तियों की संगति करनी चाहिए। इससे योग्यता बढ़ती है। इससे पूर्व महिला सशक्तीकरण को समर्पित वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। मुख्य यज्ञमान संरक्षिका संतोष आर्या, प्रधान प्रेमलता आर्य, डॉ. मीरा वर्मा, कौशल्या आर्या, पूनम आर्या, मिथलेश आर्या, मंजू आर्या, हेमलता आर्या, सुनीता पाल आर्या, मणि गुप्ता आदि रहीं।
यज्ञ के ब्रह्मा आर्य समाज के पुरोहित डा. रविदत्त आचार्य रहे। नोएडा से आई भजनोपदेशिका अलका आर्या ने भजनों से मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक प्रसन्न चौधरी का ओम पट्टिका पहनाकर और शॉल भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम संयोजक राजपाल आर्य, सुभाष धीमान और नितिन वर्मा रहे। इस अवसर पर सोमपाल शास्त्री, दिनेश आर्य, रामेश्वर दयाल आर्य, अशोक बहादुर झिंझाना, सुधाकर आर्य, दिनेश आर्य, विकास धीमान, सुरेंद्र सिंह, शांतनु मित्तल, रघुवीर सिंह आर्य, विनोद आर्य, गिरधारी लाल आर्य, देवेंद्र देव आर्य, शैलेश मुनि सत्यार्थी, लक्ष्मीचंद आर्य, चरण सिंह आर्य व अमित आर्र्य आदि मौजूद रहे।
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शामली। आर्य उपदेशक आचार्य उमेश चंद कुलश्रेष्ठ ने कहा कि परमात्मा का साक्षात्कार मन से होता है। मन को सात्विक बनाने के लिए आहार शुद्ध एवं धर्म से कमाया हुआ धन होना चाहिए। मन ही मनुष्य को पाप और पुण्य की ओर ले जाता है। मन को नियंत्रित करने के लिए प्राणायाम करना चाहिए।
आर्य समाज मंदिर में शनिवार को श्रावणी पर्व के उपलक्ष्य में चल रहे वेद प्रचार सप्ताह के छठे दिन प्रवचन करते हुए आचार्य उमेश चंद ने कहा कि बिना मन के कोई साधना सफल नहीं होती है। मन को नियंत्रण करने के लिए प्राणायम करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग्य मित्रों, व्यक्तियों की संगति करनी चाहिए। इससे योग्यता बढ़ती है। इससे पूर्व महिला सशक्तीकरण को समर्पित वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। मुख्य यज्ञमान संरक्षिका संतोष आर्या, प्रधान प्रेमलता आर्य, डॉ. मीरा वर्मा, कौशल्या आर्या, पूनम आर्या, मिथलेश आर्या, मंजू आर्या, हेमलता आर्या, सुनीता पाल आर्या, मणि गुप्ता आदि रहीं।
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यज्ञ के ब्रह्मा आर्य समाज के पुरोहित डा. रविदत्त आचार्य रहे। नोएडा से आई भजनोपदेशिका अलका आर्या ने भजनों से मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक प्रसन्न चौधरी का ओम पट्टिका पहनाकर और शॉल भेंटकर स्वागत किया। कार्यक्रम संयोजक राजपाल आर्य, सुभाष धीमान और नितिन वर्मा रहे। इस अवसर पर सोमपाल शास्त्री, दिनेश आर्य, रामेश्वर दयाल आर्य, अशोक बहादुर झिंझाना, सुधाकर आर्य, दिनेश आर्य, विकास धीमान, सुरेंद्र सिंह, शांतनु मित्तल, रघुवीर सिंह आर्य, विनोद आर्य, गिरधारी लाल आर्य, देवेंद्र देव आर्य, शैलेश मुनि सत्यार्थी, लक्ष्मीचंद आर्य, चरण सिंह आर्य व अमित आर्र्य आदि मौजूद रहे।
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