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कम गन्ना पर्चियों और भुगतान के बीच फंसा किसान
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शामली। शामली चीनी मिल का छह नवंबर, ऊन मिल का दस नवंबर और थानाभवन मिल का गन्ना पेराई सत्र गत एक नवंबर से शुरू हुआ था। 95 दिन के पेराई सत्र में चीनी मिले अपनी पेराई क्षमता के अनुसार चल पाई है। धीमी गति से मिले चलने से किसानों का 30 प्रतिशत गन्ने की पेराई कर पाई है। वहीं, गन्ने की पर्चियों के लिए किसान मारा मारा फिर रहा है। औसतन किसान को कम पर्चियां मिली हैं। किसान को अपना खेत खाली करने के लिए कोल्हू क्रेशर पर डालना पड़ा है।
गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले की चीनी मिलें 456 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत का 169.81 लाख क्विंटल खरीद चुकी है। जिसमें शामली चीनी मिले कोई भुगतान कर पाई है। शामली मिल पर 139 करोड़ 52 लाख रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। ऊन मिल 10 करोड़ 49 लाख रुपये और थानाभवन मिल मात्र आठ करोड़ 25 लाख रुपये का भुुगतान कर पाई है। जिले की चीनी मिलों पर 446 करोड़ 91 लाख रुपये में शामली मिल पर 139 करोड़ 52 लाख रुपये, थानाभवन मिल पर 191 करोड़ 26 लाख रुपये, ऊन मिल पर 116 करोड़ 12 लाख रुपये बकाया है।
शामली चीनी मिल का एक करोड़ 21 लाख क्विंटल बेसिक कोटा है। 90 दिन में शामली चीनी मिल मात्र 51 हजार क्विंटल किसानों का गन्ना पेराई कर पाई है। चीनी मिल 30 प्रतिशत गन्ने की पेराई कर पाया है। चीनी मिल धीमी चलने से किसान गन्ने का खेत खाली नहीं कर पाए हैं। पिछले साल जिन किसानों को 50 गन्ने की पर्ची मिली थी, इस साल किसान को 30 पर्ची मिल पाई हैं। कम गन्ना पर्चियां मिलने का कारण चीनी मिल की कम पेराई क्षमता से चल पा रही है। - अक्षय, प्रगतिशील किसान, गांव बधेव
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चीनी मिले अपनी क्षमता से न चलने से शामली मिल का पेराई सत्र लंबा चलने का आसार बन गए है। मुकेश राठी, विशेष सचिव, शामली गन्ना समिति
जिले के ऊन मिल के दरगाह पुर खरीद केंद्र में घटतौली का मामला आया है। खरीद केंद्र के तौल लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है पिछले सत्र का संपूर्ण बकाया गन्ना भुगतान करा दिया गया है। नए सत्र बकाया भुगतान करने के लिए चीनी मिलों को नोटिस दिए जा रहे हैं। - विजय बहादुर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले की चीनी मिलें 456 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत का 169.81 लाख क्विंटल खरीद चुकी है। जिसमें शामली चीनी मिले कोई भुगतान कर पाई है। शामली मिल पर 139 करोड़ 52 लाख रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। ऊन मिल 10 करोड़ 49 लाख रुपये और थानाभवन मिल मात्र आठ करोड़ 25 लाख रुपये का भुुगतान कर पाई है। जिले की चीनी मिलों पर 446 करोड़ 91 लाख रुपये में शामली मिल पर 139 करोड़ 52 लाख रुपये, थानाभवन मिल पर 191 करोड़ 26 लाख रुपये, ऊन मिल पर 116 करोड़ 12 लाख रुपये बकाया है।
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शामली चीनी मिल का एक करोड़ 21 लाख क्विंटल बेसिक कोटा है। 90 दिन में शामली चीनी मिल मात्र 51 हजार क्विंटल किसानों का गन्ना पेराई कर पाई है। चीनी मिल 30 प्रतिशत गन्ने की पेराई कर पाया है। चीनी मिल धीमी चलने से किसान गन्ने का खेत खाली नहीं कर पाए हैं। पिछले साल जिन किसानों को 50 गन्ने की पर्ची मिली थी, इस साल किसान को 30 पर्ची मिल पाई हैं। कम गन्ना पर्चियां मिलने का कारण चीनी मिल की कम पेराई क्षमता से चल पा रही है। - अक्षय, प्रगतिशील किसान, गांव बधेव
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चीनी मिले अपनी क्षमता से न चलने से शामली मिल का पेराई सत्र लंबा चलने का आसार बन गए है। मुकेश राठी, विशेष सचिव, शामली गन्ना समिति
जिले के ऊन मिल के दरगाह पुर खरीद केंद्र में घटतौली का मामला आया है। खरीद केंद्र के तौल लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है पिछले सत्र का संपूर्ण बकाया गन्ना भुगतान करा दिया गया है। नए सत्र बकाया भुगतान करने के लिए चीनी मिलों को नोटिस दिए जा रहे हैं। - विजय बहादुर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी