फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Farmers motivated not to burn crop residue

किसानों को फसल अवशेष न जलाने को किया प्रेरित

Mon, 17 Oct 2022 07:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 07:45 PM IST
विज्ञापन
Farmers motivated not to burn crop residue
शामली, गढ़ीपुख्ता। क्षेत्र के गांव पुरमाफी में ग्राम प्रधान पति आदेश कुमार की अध्यक्षता में उनके आवास पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी एडीओ अजय तोमर ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं पर सेटेलाइट व अन्य प्रकार से नजर रखी जाएगी।
विज्ञापन

ग्राम प्रधान से भी गांव के सभी किसानों को जागरूक करने और पराली को नष्ट कराने के लिए पूसा डिकंपोजर का प्रयोग कर जैविक खाद के रूप में प्रयोग करने की बात कही। फसल अवशेषों को न जलाकर उसका प्रबंधन करने के लिए पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग, मिट्टी में मिला कर खाद बनाने के लिए किया जा सकता है। कृषि विभाग के रोहित खोखर ने बताया कि हम बायो डिकंपोजर विधि से निस्तारण के लिए एक प्लास्टिक के ड्रम में 200 लीटर पानी लें। इसमें 2 किलो गुड़ मिलाकर अच्छी तरह मिला लें। बायो डिकंपोजर बोतल खोलकर सभी सामग्री को इस घोल में मिला दें।
विज्ञापन

ध्यान रहे कि बायो डिकंपोजर को बोतल में उपलब्ध दवाई को हाथ से ने छुए। दवा मिलाने के बाद हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धो लें। इस घोल को सुबह शाम लकड़ी की सहायता से हिलाएं। ड्रम या टंकी को ढककर रख दें। 7 दिन के अंदर छिड़काव के लिए कल्चर तैयार हो जाएगा। इस कल्चर को स्प्रे से ही खेत में पड़ी पराली पर छिड़काव करें। 15 दिन बाद पराली व गन्ने की पत्ती गलनी शुरू हो जाएगी। 21 से 25 दिन में खाद बनने की स्थिति में आ जाएगी। इस अवसर पर हरेंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, भूपेंद्र, रामदेव, ओमबीर, सोहन वीर,विक्रम ,सचिन आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed