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‘किसानों की आमदनी पांच वर्ष में 42 फीसदी तक घटी’

Sun, 03 Oct 2021 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 12:21 AM IST
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'Farmers' income declined by 42 per cent in five years'
शामली के अग्रसेन बरात घर में आयोजित समारोह में मंचासीन अतिथि। - फोटो : SHAMLI
शामली। पूर्व केंद्रीय मंत्री सोमपाल शास्त्री ने कहा कि केन्द्र सरकार कृषि क्षेत्र को कारपोरेट घरानों के हाथों सौंपना चाह रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ने की बजाए तेजी से घटी है, वर्ष 2013 से 18 के पांच वर्षों में यह 35 से 42 फीसदी घट गई है।
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डॉ. सोमपाल शास्त्री शनिवार को नगर के श्री मंदिर हनुमान टीला पर वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह में पहुंचे थे। उन्होंने कहा सत्ता में आने से पहले मोदी ने सैकड़ों जनसभाओं में किसानों की उन्नति के जो वादे किए थे, उनमें एक भी पूरा नहीं किया। डीजल 90 रुपये से ऊपर पहुंच गया है। गैस का सिलिंडर 400 से ऊपर था आज नौ सौ रुपये के पास पहुंच गया। सरकार महंगाई कम करने समेत कोई भी वादा पूरा नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि केंद्र के फार्मूले से वर्तमान में गन्ने का भाव 377 रुपये होना चाहिए। सरकार की नीयत कृषि क्षेत्र को कारपोरेट सेक्टर को सौंपने की है। सारे किसान और मजदूरों को दास बनाने की। पांच-छह घरानों को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में 50 फीसदी परिसंपत्तियां कुल 6.2 प्रतिशत जबकि शहर में 10.2 फीसदी के पास हैं।
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समिति के संरक्षक पूर्व विधायक राजेश्वर कुमार बंसल ने जनपद वरिष्ठ महिला, पुरुषों को शॉल भेंटकर सम्मानित किया। मौके पर अखिल बंसल, चौधरी श्यामसिंह बहावडी, रविन्द्र लांक, शोकेंद्र भैंसवाल, रमेश विश्वकर्मा, पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस, अशरफ अली खान, डा. प्रियंवदा तोमर मौजूद रहे।
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