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Shamli News: 14 दिन में नहीं मिल रहा है किसानों को नए गन्ना सत्र का बकाया भुगतान
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: एक माह देरी से शामली चीनी मिल चलने से 15 से लेकर 17 लाख क्विंटल गन्ना पेराई हुई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। इस बार शामली चीनी मिल एक माह देरी से चलने से 15 से लेकर 17 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई प्रभावित हुई है। जिले की थानाभवन और ऊन चीनी मिल चालू होने के 14 दिन बाद नए पेराई सत्र का बकाया गन्ना भुगतान नहीं कर रही हैं। ऊन चीनी मिल पुराने पेराई सत्र का 65 करोड़ दस लाख रुपये किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर पाई है, जबकि नए पेराई सत्र को चालू हुए 19 दिन हो चुके हैं। थानाभवन का नया पेराई सत्र चालू हुए 25 दिन हो चुके हैं। किसानों के खातों में नए भुगतान का एक रुपये भी नहीं पहुुंचा है।
पिछले साल शामली की अपर दोआब चीनी मिल एक नवंबर को चालू हुई थी। पिछले सत्र का 99 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करके गत 12 मई 2023 को बंद हो गई थी। इस बार किसान आंदोलन से एक माह का शामली चीनी मिल का पेराई सत्र प्रभावित हुआ है। एक माह लेट पेराई सत्र चालू होने से 15 से लेकर 17 लाख क्विंटल गन्ना प्रभावित होने की संभावना है। नए पेराई सत्र चालू होने के बाद थानाभवन और ऊन चीनी किसानों को 14 दिन का गन्ना भुगतान करने में विफल है।
थानाभवन चीनी मिल 30 अक्तूबर को चालू कर चुकी है। थानाभवन चीनी मिल पर 25 दिन से ज्यादा का गन्ना भुगतान बकाया है। इसी प्रकार ऊन चीनी मिल पांच नवंबर को चालू हो चुकी है। ऊन मिल को चालू हुए 19 दिन बीत चुके हैं। ऊन चीनी मिल पर पिछले सत्र 2022-23 का 65 करोड़ दस लाख रुपये बकाया है। नए सत्र का बकाया गन्ना भुगतान दिए जाने का कोई अता-पता नहीं है। इस साल एक माह देरी से शामली चीनी मिल चलने से गेहूं की बुवाई प्रभावित हुई है।
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शामली गन्ना समिति के सचिव मुकेश राठी का कहना है कि शामली मिल एक माह देरी से चलने से जहां गेहूं की बुवाई प्रभावित हुई है, वहीं 15 से लेकर 17 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई प्रभावित हुई है।
- गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग
शामली। हरियाणा में नए पेराई सत्र का 386 रुपये घोषित हो जाने के बाद यूपी में गन्ने का मूल्य घोषित न होने से किसान में रोष व्याप्त है। किसान राजबहादुर सिंह का कहना है कि यूपी सरकार हरियाणा की तर्ज पर गन्ने का मूल्य घोषित करें। कालखंडे खाप के चौधरी संजय कालखंडे ने उत्तर प्रदेश शासन से गन्ना मूल्य घोषित करने और 450 रुपये घोषित करने की मांग की है। जिले में गन्ना भुगतान पुराने रेट से दिया जाएगा। जबकि हरियाणा और पंजाब में रेट अधिक दिया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। इस बार शामली चीनी मिल एक माह देरी से चलने से 15 से लेकर 17 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई प्रभावित हुई है। जिले की थानाभवन और ऊन चीनी मिल चालू होने के 14 दिन बाद नए पेराई सत्र का बकाया गन्ना भुगतान नहीं कर रही हैं। ऊन चीनी मिल पुराने पेराई सत्र का 65 करोड़ दस लाख रुपये किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर पाई है, जबकि नए पेराई सत्र को चालू हुए 19 दिन हो चुके हैं। थानाभवन का नया पेराई सत्र चालू हुए 25 दिन हो चुके हैं। किसानों के खातों में नए भुगतान का एक रुपये भी नहीं पहुुंचा है।
पिछले साल शामली की अपर दोआब चीनी मिल एक नवंबर को चालू हुई थी। पिछले सत्र का 99 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करके गत 12 मई 2023 को बंद हो गई थी। इस बार किसान आंदोलन से एक माह का शामली चीनी मिल का पेराई सत्र प्रभावित हुआ है। एक माह लेट पेराई सत्र चालू होने से 15 से लेकर 17 लाख क्विंटल गन्ना प्रभावित होने की संभावना है। नए पेराई सत्र चालू होने के बाद थानाभवन और ऊन चीनी किसानों को 14 दिन का गन्ना भुगतान करने में विफल है।
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थानाभवन चीनी मिल 30 अक्तूबर को चालू कर चुकी है। थानाभवन चीनी मिल पर 25 दिन से ज्यादा का गन्ना भुगतान बकाया है। इसी प्रकार ऊन चीनी मिल पांच नवंबर को चालू हो चुकी है। ऊन मिल को चालू हुए 19 दिन बीत चुके हैं। ऊन चीनी मिल पर पिछले सत्र 2022-23 का 65 करोड़ दस लाख रुपये बकाया है। नए सत्र का बकाया गन्ना भुगतान दिए जाने का कोई अता-पता नहीं है। इस साल एक माह देरी से शामली चीनी मिल चलने से गेहूं की बुवाई प्रभावित हुई है।
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शामली गन्ना समिति के सचिव मुकेश राठी का कहना है कि शामली मिल एक माह देरी से चलने से जहां गेहूं की बुवाई प्रभावित हुई है, वहीं 15 से लेकर 17 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई प्रभावित हुई है।
- गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग
शामली। हरियाणा में नए पेराई सत्र का 386 रुपये घोषित हो जाने के बाद यूपी में गन्ने का मूल्य घोषित न होने से किसान में रोष व्याप्त है। किसान राजबहादुर सिंह का कहना है कि यूपी सरकार हरियाणा की तर्ज पर गन्ने का मूल्य घोषित करें। कालखंडे खाप के चौधरी संजय कालखंडे ने उत्तर प्रदेश शासन से गन्ना मूल्य घोषित करने और 450 रुपये घोषित करने की मांग की है। जिले में गन्ना भुगतान पुराने रेट से दिया जाएगा। जबकि हरियाणा और पंजाब में रेट अधिक दिया जा रहा है।