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Shamli News: पुलिस हिरासत में लिए गए किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
Tue, 20 Feb 2024 02:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 20 Feb 2024 02:01 AM IST
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झिंझाना क्षेत्र के गांव बिडौली सादात में मृतक की कमर पर चोट के निशान
झिंझाना (शामली)। बिड़ौली गांव में किसान की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस रविवार की रात किसान घर से लेकर गई थी और देर रात में शव घर के बाहर डालकर फरार हो गई। सोमवार को परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस को शव तक नहीं उठाने दिया। पांच घंटे की गहमागहमी के बाद पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह से परिजनों को समझाबुझाकर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा।
गांव बिड़ौली निवासी सद्दाम ने बताया कि उसके भाई भूरा (33) पुत्र महबूब को बिड़ौली पुलिस रविवार की रात करीब 12 बजे पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर चली गई और करीब आधा घंटे बाद ही भूरा मृत हालत में घर के बाहर पड़ा था। आरोप लगाया कि पुलिस चौकी के दरोगा ने भूरा को थर्ड डिग्री दी, जिसमें उसकी मौत तो गई। सूचना पर थाना प्रभारी सुदेश कुमार एवं कैराना कोतवाल विरेंद्र कसाना फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिसवालों पर भूरा की हत्या करने का आरोप लगाते हुए शव को उठाने से इंकार कर दिया।
पुलिस ने गांव के पूर्व प्रधान इसरार एवं नगर पंचायत झिंझाना के पूर्व चेयरमेन नौशाद ठेकेदार को साथ लेकर ग्रामीणों और परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस ने शव को सीधा पीएम हाउस भिजवाया।
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आरोप बेबुनियाद
सीओ का कहना है कि पुलिसकर्मियों पर भूरा की हत्या का आरोप बेबुनियाद है। भूरा के ही पड़ोस का महफूज वारंटी है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस पहुंची थी। मगर पुलिस को देखकर भूरा भागने लगा। भूरा के निर्दाेष होने पर उसे तुंरत ही छोड़ दिया गया था। पुलिस उसे चौकी लेकर भी नहीं पहुंची। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम में ही मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
झिंझाना। भूरा अपने सात भाइयों में दूसरे नंबर का था। मृतक की माता बार-बार बेहोश होती रही। परिजनों ने बताया कि वह यमुना में ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं। मृतक के पांच बेटी तथा एक दो वर्षीय बेटा है। पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नेताओं ने बंधाया ढांढस
झिंझाना। बिड़ौली सादात में भूरा की मौत के बाद हर कोई पीड़ित के घर की तरफ दौड़ पड़ा। सूचना पर कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन भी गांव में परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचे और परिजनों से मामले की जानकारी ली। पोस्टमार्टम हाउस पर भी कैराना विधायक नाहिद हसन एवं कैराना लोकसभा प्रभारी इकरा हसन पहुंची। उन्होंने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया।
डीजीपी को किया ट्वीट
झिंझाना। भूरा की मौत पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने डीजीपी उत्तर प्रदेश को टैग कर योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट में कहा कि योगी सरकार ने यूपी की पुलिस को अपराध करने की खुली छूट दे रखी है। क्या मुजरिम पुलिस वालों को गिरफ्तार किया जाएगा या उन्हें मेडल से नवाजा जाएगा। पीड़ित परिवार को तुरंत मुआवजा दिलाने की मांग की।
भूरा को थाने तक नहीं लाया गया
थाना प्रभारी सुदेश कुमार ने बताया बिड़ौली सादात में पुलिस वारंटी महफूज को गिरफ्तार करने के लिए गई थी। मौके पर भूरा घर से भागने लगा तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह वारंटी नहीं है तो पुलिस ने भूरा का आधार कार्ड मंगवाया। जिसके बाद भूरा को छोड़कर पुलिस लौट गई।
परिजन बोले- शरीर पर कई निशान
परिजनों का आरोप है कि भूरा ने आज तक कोई अपराध नहीं किया है। किसी भी थाने में उस पर कोई मामला दर्ज नहीं है। फिर पुलिस ने उनके बेटे को क्यों उठाया था, इसकी जांच होनी चाहिए। मृतक के भाई सद्दाम का कहना है कि भूरा के शरीर पर चोट के कई निशान है। आरोप लगाया कि उसकी पिटाई की गई है। जिसके कारण उसकी मौत हुई।
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गांव बिड़ौली निवासी सद्दाम ने बताया कि उसके भाई भूरा (33) पुत्र महबूब को बिड़ौली पुलिस रविवार की रात करीब 12 बजे पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर चली गई और करीब आधा घंटे बाद ही भूरा मृत हालत में घर के बाहर पड़ा था। आरोप लगाया कि पुलिस चौकी के दरोगा ने भूरा को थर्ड डिग्री दी, जिसमें उसकी मौत तो गई। सूचना पर थाना प्रभारी सुदेश कुमार एवं कैराना कोतवाल विरेंद्र कसाना फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिसवालों पर भूरा की हत्या करने का आरोप लगाते हुए शव को उठाने से इंकार कर दिया।
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पुलिस ने गांव के पूर्व प्रधान इसरार एवं नगर पंचायत झिंझाना के पूर्व चेयरमेन नौशाद ठेकेदार को साथ लेकर ग्रामीणों और परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस ने शव को सीधा पीएम हाउस भिजवाया।
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आरोप बेबुनियाद
सीओ का कहना है कि पुलिसकर्मियों पर भूरा की हत्या का आरोप बेबुनियाद है। भूरा के ही पड़ोस का महफूज वारंटी है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस पहुंची थी। मगर पुलिस को देखकर भूरा भागने लगा। भूरा के निर्दाेष होने पर उसे तुंरत ही छोड़ दिया गया था। पुलिस उसे चौकी लेकर भी नहीं पहुंची। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम में ही मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
झिंझाना। भूरा अपने सात भाइयों में दूसरे नंबर का था। मृतक की माता बार-बार बेहोश होती रही। परिजनों ने बताया कि वह यमुना में ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं। मृतक के पांच बेटी तथा एक दो वर्षीय बेटा है। पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नेताओं ने बंधाया ढांढस
झिंझाना। बिड़ौली सादात में भूरा की मौत के बाद हर कोई पीड़ित के घर की तरफ दौड़ पड़ा। सूचना पर कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन भी गांव में परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचे और परिजनों से मामले की जानकारी ली। पोस्टमार्टम हाउस पर भी कैराना विधायक नाहिद हसन एवं कैराना लोकसभा प्रभारी इकरा हसन पहुंची। उन्होंने पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया।
डीजीपी को किया ट्वीट
झिंझाना। भूरा की मौत पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने डीजीपी उत्तर प्रदेश को टैग कर योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट में कहा कि योगी सरकार ने यूपी की पुलिस को अपराध करने की खुली छूट दे रखी है। क्या मुजरिम पुलिस वालों को गिरफ्तार किया जाएगा या उन्हें मेडल से नवाजा जाएगा। पीड़ित परिवार को तुरंत मुआवजा दिलाने की मांग की।
भूरा को थाने तक नहीं लाया गया
थाना प्रभारी सुदेश कुमार ने बताया बिड़ौली सादात में पुलिस वारंटी महफूज को गिरफ्तार करने के लिए गई थी। मौके पर भूरा घर से भागने लगा तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह वारंटी नहीं है तो पुलिस ने भूरा का आधार कार्ड मंगवाया। जिसके बाद भूरा को छोड़कर पुलिस लौट गई।
परिजन बोले- शरीर पर कई निशान
परिजनों का आरोप है कि भूरा ने आज तक कोई अपराध नहीं किया है। किसी भी थाने में उस पर कोई मामला दर्ज नहीं है। फिर पुलिस ने उनके बेटे को क्यों उठाया था, इसकी जांच होनी चाहिए। मृतक के भाई सद्दाम का कहना है कि भूरा के शरीर पर चोट के कई निशान है। आरोप लगाया कि उसकी पिटाई की गई है। जिसके कारण उसकी मौत हुई।

झिंझाना क्षेत्र के गांव बिडौली सादात में मृतक की कमर पर चोट के निशान

झिंझाना क्षेत्र के गांव बिडौली सादात में मृतक की कमर पर चोट के निशान