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किसान की तरबूज, खरबूजे की फसल देखने पहुंचे विशेषज्ञ
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किसान की तरबूज, खरबूजे की फसल देखने पहुंचे विशेषज्ञ
कांधला। गांव भारसी निवासी किसान अरविंद पंवार गन्ना और गेहूं के साथ फलों की खेती भी कर रहे हैं। उनके तरबूज खरबूजे की फसल देेखने के लिए इसका बीज उपलब्ध कराने वाली संस्था के विशेषज्ञों ने दौरा किया। साथ में जिले के कृषि विभाग के अधिकारी भी थे।
किसान अरविंद पंवार ने बताया कि फास्ट फूड के स्थान पर मीठे और स्वादिष्ट फलों को बढ़ावा देने के लिए उन्नत किस्म की तरबूज और अन्य फलों की किस्म को अपने खेतों में पैदावार करना शुरू कर दिया है। इसके बीच एक संस्था ने उपबध कराए हैं। इन बीज से ही उसने खरबूजे और तरबूज की पैदावार की है। अरविंद ने बताया कि सोमवार को बीज उपलब्ध कराने वाली संस्था के अधिकारी किसान के फार्म का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। किसान ने खेत में पीले, लाल और अंदर से पीले तरबूजों का निरीक्षण कराया। किसान ने बताया कि इसकी कीमत 24 से 25 रुपये प्रति किलो है। इस तरह की फसल विदेशों में होती है। इस संबंध में संस्था के विशेषज्ञ अधिकारी डॉ दिनेश शर्मा का कहना है कि यदि किसान गन्ने की खेती छोड़कर या फिर गन्ने के अंदर इस तरह की फसल लगाएं तो अच्छा मुनाफा प्राप्त होगा ,क्योंकि देश तभी सुरक्षित होगा जब मुनाफे के साथ साथ स्वस्थ रहेगा। इस दौरान अरुण पंवार, पप्पू पंवार, राकेश पंवार, नीरज पंवार, विक्रम, मांगेराम, बबलू अन्य किसान उपस्थित रहे।
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कांधला। गांव भारसी निवासी किसान अरविंद पंवार गन्ना और गेहूं के साथ फलों की खेती भी कर रहे हैं। उनके तरबूज खरबूजे की फसल देेखने के लिए इसका बीज उपलब्ध कराने वाली संस्था के विशेषज्ञों ने दौरा किया। साथ में जिले के कृषि विभाग के अधिकारी भी थे।
किसान अरविंद पंवार ने बताया कि फास्ट फूड के स्थान पर मीठे और स्वादिष्ट फलों को बढ़ावा देने के लिए उन्नत किस्म की तरबूज और अन्य फलों की किस्म को अपने खेतों में पैदावार करना शुरू कर दिया है। इसके बीच एक संस्था ने उपबध कराए हैं। इन बीज से ही उसने खरबूजे और तरबूज की पैदावार की है। अरविंद ने बताया कि सोमवार को बीज उपलब्ध कराने वाली संस्था के अधिकारी किसान के फार्म का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। किसान ने खेत में पीले, लाल और अंदर से पीले तरबूजों का निरीक्षण कराया। किसान ने बताया कि इसकी कीमत 24 से 25 रुपये प्रति किलो है। इस तरह की फसल विदेशों में होती है। इस संबंध में संस्था के विशेषज्ञ अधिकारी डॉ दिनेश शर्मा का कहना है कि यदि किसान गन्ने की खेती छोड़कर या फिर गन्ने के अंदर इस तरह की फसल लगाएं तो अच्छा मुनाफा प्राप्त होगा ,क्योंकि देश तभी सुरक्षित होगा जब मुनाफे के साथ साथ स्वस्थ रहेगा। इस दौरान अरुण पंवार, पप्पू पंवार, राकेश पंवार, नीरज पंवार, विक्रम, मांगेराम, बबलू अन्य किसान उपस्थित रहे।
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