{"_id":"5e4052988ebc3ee5c77db961","slug":"famous-sufi-abdul-rauf-ceased-shamli-news-mrt468127537","type":"story","status":"publish","title_hn":"मशहूर सूफी अब्दुल रऊफ नहीं रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मशहूर सूफी अब्दुल रऊफ नहीं रहे
विज्ञापन
बाबरी क्षेत्र के गांव बुटराडा में अब्दुल रऊफ़ उर्फ शुफी का जनाजा ले जाते मुस्लिम समाज के लोग
- फोटो : SHAMLI
मशहूर सूफी अब्दुल रऊफ नहीं रहे
बाबरी (शामली)। क्षेत्र के गांव बुटराड़ा में मशहूर सूफी अब्दुल रऊफ का इंतकाल हो गया। वे करीब 95 साल के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। सूफी के इंतकाल की खबर मिलते ही उनके मुरीद और समाज के लोग गम में डूब गए।
थानाक्षेत्र के गांव बुटराड़ा मस्जिद में रहने वाले मशहूर सूफी अब्दुल रऊफ़ उर्फ सूफी जी पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। वे मूल रूप से बंगाल के निवासी थे और करीब 60 साल पहले बुटराड़ा में आए थे। शनिवार रात को उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। ग्रामीण उन्हें देर रात में शामली के निजी चिकित्सालय में ले गए, जहां उनका इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल की खबर जैसे ही गांव और आसपास के इलाके में फैली तो पूरा क्षेत्र गम में डूब गया। सुबह से ही दूर दराज से मुस्लिम समाज के लोगों का बुटराड़ा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक हजारों लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। दोपहर को नमाज के बाद जनाजे में दूर दराज से आए मौलवी सहित हजारों लोग शामिल हुए।
मस्जिद के निकट मदरसे में उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया। इस अवसर पर झिंझान नगर पंचायत के चेयरमैन नौशाद अली, पूर्व चेयरमैन सरफराज, रियास धौराला सहारनपुर, मौलाना नजम साहब थानाभवन, मौलाना अब्दुल अजीज पलड़ी, मौलाना यामीन सोंता, मौलाना हरीफ उल्ला जलालाबाद, मौलाना राशिद कांधला, मौलाना मुफ़्ती शराफत पानीपत, कारी जहीर बंती खेड़ा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाबरी (शामली)। क्षेत्र के गांव बुटराड़ा में मशहूर सूफी अब्दुल रऊफ का इंतकाल हो गया। वे करीब 95 साल के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। सूफी के इंतकाल की खबर मिलते ही उनके मुरीद और समाज के लोग गम में डूब गए।
थानाक्षेत्र के गांव बुटराड़ा मस्जिद में रहने वाले मशहूर सूफी अब्दुल रऊफ़ उर्फ सूफी जी पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। वे मूल रूप से बंगाल के निवासी थे और करीब 60 साल पहले बुटराड़ा में आए थे। शनिवार रात को उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। ग्रामीण उन्हें देर रात में शामली के निजी चिकित्सालय में ले गए, जहां उनका इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल की खबर जैसे ही गांव और आसपास के इलाके में फैली तो पूरा क्षेत्र गम में डूब गया। सुबह से ही दूर दराज से मुस्लिम समाज के लोगों का बुटराड़ा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक हजारों लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। दोपहर को नमाज के बाद जनाजे में दूर दराज से आए मौलवी सहित हजारों लोग शामिल हुए।
विज्ञापन
मस्जिद के निकट मदरसे में उन्हें सुपुर्द ए खाक किया गया। इस अवसर पर झिंझान नगर पंचायत के चेयरमैन नौशाद अली, पूर्व चेयरमैन सरफराज, रियास धौराला सहारनपुर, मौलाना नजम साहब थानाभवन, मौलाना अब्दुल अजीज पलड़ी, मौलाना यामीन सोंता, मौलाना हरीफ उल्ला जलालाबाद, मौलाना राशिद कांधला, मौलाना मुफ़्ती शराफत पानीपत, कारी जहीर बंती खेड़ा आदि मौजूद रहे।

बाबरी क्षेत्र के गांव बुटराडा में अब्दुल रऊफ़ उर्फ शुफी के इन्तकाल के बाद मुस्लिम समाज के लोगो क?- फोटो : SHAMLI
विज्ञापन