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वोट काउंटिंग में फेल और पोस्टिंग में अव्वल रहे इंद्र

Tue, 13 Nov 2018 11:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली Updated Tue, 13 Nov 2018 11:45 PM IST
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failure in Vote counting and top in posting
इंद्र विक्रम सिंह। - फोटो : अमर उजाला
शामली में कैराना उपचुनाव की त्रुटिपूर्ण टैबुलेशन भेजने के मामले में केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हटाए गए इंद्र विक्रम सिंह जिले में डीएम की सबसे लंबी पारी खेल गए। सत्ता में उनकी मजबूत पकड़ कहें या कोई दूसरी वजह, कैराना उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद भी वे पद पर बने रहे।
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2017 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद एक मई 2017 को 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को शामली का डीएम बनाकर भेजा गया था। अपने करीब डेढ़ साल के कार्यकाल में वे कई कार्यों के लिए चर्चित रहे। उन्होंने ही शामली जनपद की सभी नगर निकायों को ओडीएफ करके रिपोर्ट भेजी थी। इनमें जिले की बनत नगर पंचायत को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला था और नगर पंचायत को शासन ने पुरस्कृत भी किया था। इसे लेकर भी डीएम प्रदेश भर में सुर्खियों में रहे थे।  
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किसानों की कर्ज माफी के मामले में भी जनपद की स्थिति काफी बेहतर रही थी। उन्होंने जिले के विकास के लिए कई काम भी किए। मुख्यालय निर्माण और सरकारी विभागों के भवन निमार्ण में भी खासी रुचि ली। बनत में चल रहे बीएसए कार्यालय को गोहरनी स्थित नए भवन में स्थानांतरित कराया। सीएमओ कार्यालय को भी उनके नए भवन में भेजा। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भी अगले सप्ताह नए भवन में स्थानातंरित कराने की तैयारी थी। शामली डिपो की स्थापना के लिए जमीन की व्यवस्था भी उन्होंने कराई, जो तीन साल से लटकी थी।  
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भाजपाइयों की नाराजगी भी झेली
कैराना उपचुनाव में सीएम तक ने यहां सभाएं की। प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर पार्टी इस सीट को लड़ी थी लेकिन इसके बावजूद पार्टी हार गई। इसके बाद कुछ भाजपाइयों की अंदरुनी नाराजगी भी झेलनी पड़ी थी। हालांकि खुलकर कोई सामने नहीं आया था। कुछ भाजपाइयों ने उपचुनाव में प्रशासन पर साथ ना देने के भी आरोप लगाए थे। इसके बाद डीएम के जल्द तबादले की भी खूब अफवाह उड़ी लेकिन विक्रम सिंह यहीं डटे रहे।



सत्ता में थी मजबूत पकड़
दरअसल सत्ता में मजबूत पकड़ होने की वजह से उपचुुनाव में हार के बाद भी इंद्र विक्रम नहीं हटे। इसके बाद भाजपाइयों के अलावा विपक्षियों में भी ये मेसेज गया था कि इंद्र विक्रम जिले में लंबी पारी खेलेंगे। हो सकता है कि आने वाले लोकसभा चुनाव भी वहीं कराएं लेकिन मंगलवार को उनके हटने के बाद ये कयास दूर हो गए। इंद्र विक्रम सिंह एक मई 2017 से 13 जून 2018 तक डीएम रहे। जो जिला बनने के बाद अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। इनसे पूर्व पीके सिंह दो अगस्त 2012 से 5 फरवरी 2014 तक यहां के सबसे लंबे समय तक  डीएम रहे थे।  



आदेश आते ही छोड़ा चार्ज
डीएम ने शासन का आदेश आते ही कार्यभार एडीएम को दे दिया। उन्होंने अपना सीयूजी फोन भी एडीएम को दे दिया है।  एडीएम ने उनके चार्ज छोड़ने की पुष्टि करते हुए बताया कि कल उनकी विदाई पार्टी है। वे कल शामली से चले जाएंगे।   




शासन के आदेश सर्वोपरि हैं। मैंने पूरी निष्पक्षता से चुनाव कराए। काउंटिंग भी निष्पक्षता से कराई । खुशी है कि मुझे शामली में सबसे अधिक समय तक डीएम बने रहने का मौका मिला।  
-इंद्र विक्रम सिंह, आईएएस, निवर्तमान डीएम शामली
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