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जिला अस्पताल में 32 बैड का बनेगा फेब्रिकेटिड वार्ड
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जिला अस्पताल में 32 बेड का बनेगा फेब्रिकेटिड वार्ड
शामली। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन स्तर से जिला संयुक्त चिकित्सालय में 32 बेड का फेब्रिकेटिड वार्ड बनाने की कवायद शुरू हुई है। लखनऊ से आई टीम जगह के लिए सर्वे कर चुकी है। जिला अस्पताल में आयुष विंग के पास की जगह का चयन किया गया है।
कोरोना संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस समय भी जिले में कोरोना के चार सक्रिय केस चल रहे हैं। मई महीने में 13 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। कोरोना की स्थिति को देखते हुए शासन ने जिले में 32 फेब्रिकेटिड वार्ड बनाने की कवायद शुरू की है। करीब एक सप्ताह पहले लखनऊ से आई टीम जिला अस्पताल में उपलब्ध जगह का सर्वे कर चुकी है। आयुष विंग के पास की जगह वार्ड के लिए चयनित की गई है। इस समय जिला अस्पताल में कोविड अस्पताल में 200 बेड की व्यवस्था है। हालांकि कोरोना की तीसरी लहर से अब तक किसी मरीज को कोविड अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि शासन ने जिला अस्पताल के भवन से अलग फेब्रिकेटिड वार्ड बनाने का निर्णय इसलिए लिया है कि जिला अस्पताल में आने वाले अन्य बीमारी के मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि शासन स्तर से जिला अस्पताल में 32 बेड का फेब्रिकेटिड वार्ड बनाने की योजना है। करीब एक सप्ताह पहले लखनऊ से टीम आकर जगह का सर्वे कर चुकी है। शासन स्तर से टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। फेब्रिकेटिड वार्ड का प्रयोग कोरोना के मरीजों के लिए किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उसे आईसीयू के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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शामली। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन स्तर से जिला संयुक्त चिकित्सालय में 32 बेड का फेब्रिकेटिड वार्ड बनाने की कवायद शुरू हुई है। लखनऊ से आई टीम जगह के लिए सर्वे कर चुकी है। जिला अस्पताल में आयुष विंग के पास की जगह का चयन किया गया है।
कोरोना संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस समय भी जिले में कोरोना के चार सक्रिय केस चल रहे हैं। मई महीने में 13 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। कोरोना की स्थिति को देखते हुए शासन ने जिले में 32 फेब्रिकेटिड वार्ड बनाने की कवायद शुरू की है। करीब एक सप्ताह पहले लखनऊ से आई टीम जिला अस्पताल में उपलब्ध जगह का सर्वे कर चुकी है। आयुष विंग के पास की जगह वार्ड के लिए चयनित की गई है। इस समय जिला अस्पताल में कोविड अस्पताल में 200 बेड की व्यवस्था है। हालांकि कोरोना की तीसरी लहर से अब तक किसी मरीज को कोविड अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी है।
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स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि शासन ने जिला अस्पताल के भवन से अलग फेब्रिकेटिड वार्ड बनाने का निर्णय इसलिए लिया है कि जिला अस्पताल में आने वाले अन्य बीमारी के मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि शासन स्तर से जिला अस्पताल में 32 बेड का फेब्रिकेटिड वार्ड बनाने की योजना है। करीब एक सप्ताह पहले लखनऊ से टीम आकर जगह का सर्वे कर चुकी है। शासन स्तर से टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। फेब्रिकेटिड वार्ड का प्रयोग कोरोना के मरीजों के लिए किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर उसे आईसीयू के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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