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Shamli News: आई फ्लू कम हुआ, खत्म नहीं, बरतें सावधानी
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- सरकारी व निजी अस्पतालों में अभी भी आई फ्लू के आ रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में आईफ्लू का प्रकोप कम हो गया है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। चिकित्सकों का कहना है कि लोगों को आई फ्लू से बचाव के लिए अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में जुलाई माह से आई फ्लू का प्रकोप तेजी से फैल रहा था। सरकारी व निजी अस्पतालों में आने वाले आंखों के मरीजों में 90 प्रतिशत मरीज आई फ्लू से पीड़ित आ रहे थे। हालत ये थी कि सरकारी अस्पतालों में आई फ्लू की आई ड्रॉप की खपत दस गुना से ज्यादा बढ़ गई थी और कई बार तो आई ड्रॉप तक खत्म हो गई थी। हर दूसरे तीसरे घर में आई फ्लू के मरीज मिल रहे थे। मौसम में आए बदलाव के साथ ही आई फ्लू कम होना शुरू हो गया है।
जिला अस्पताल के नेत्र परीक्षण अधिकारी राजकुमार ने बताया कि आई फ्लू का प्रकोप कम हो गया है। अब दस प्रतिशत मरीज ही आई फ्लू के आ रहे हैं। पहले यह संख्या 80 से 90 प्रतिशत तक थी। उन्होंने बताया शनिवार को ओपीडी में 133 मरीजों की जांच में करीब 13 मरीज आई फ्लू के आए थे। उनका कहना है कि बारिश थमने के बाद मौसम में नमी दूर हो गई, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा कम होने से आई फ्लू का प्रकोप कम हो गया। उन्होंने लोगों से कहा कि आई फ्लू कम हुआ है, लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
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ये बरतें सावधानी-
- तेज धूप में आंखों पर काला चश्मा लगाएं।
- आंखों को साफ पानी से बार-बार धोएं।
- आंखों को हाथ से बार-बार न छुएंं।
- आई फ्लू होने पर चिकित्सक की सलाह से ही दवा डालें।
- आई फ्लू होने पर अपना रूमाल व तौलिया आदि अलग रखें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में आईफ्लू का प्रकोप कम हो गया है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। चिकित्सकों का कहना है कि लोगों को आई फ्लू से बचाव के लिए अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में जुलाई माह से आई फ्लू का प्रकोप तेजी से फैल रहा था। सरकारी व निजी अस्पतालों में आने वाले आंखों के मरीजों में 90 प्रतिशत मरीज आई फ्लू से पीड़ित आ रहे थे। हालत ये थी कि सरकारी अस्पतालों में आई फ्लू की आई ड्रॉप की खपत दस गुना से ज्यादा बढ़ गई थी और कई बार तो आई ड्रॉप तक खत्म हो गई थी। हर दूसरे तीसरे घर में आई फ्लू के मरीज मिल रहे थे। मौसम में आए बदलाव के साथ ही आई फ्लू कम होना शुरू हो गया है।
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जिला अस्पताल के नेत्र परीक्षण अधिकारी राजकुमार ने बताया कि आई फ्लू का प्रकोप कम हो गया है। अब दस प्रतिशत मरीज ही आई फ्लू के आ रहे हैं। पहले यह संख्या 80 से 90 प्रतिशत तक थी। उन्होंने बताया शनिवार को ओपीडी में 133 मरीजों की जांच में करीब 13 मरीज आई फ्लू के आए थे। उनका कहना है कि बारिश थमने के बाद मौसम में नमी दूर हो गई, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा कम होने से आई फ्लू का प्रकोप कम हो गया। उन्होंने लोगों से कहा कि आई फ्लू कम हुआ है, लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
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ये बरतें सावधानी-
- तेज धूप में आंखों पर काला चश्मा लगाएं।
- आंखों को साफ पानी से बार-बार धोएं।
- आंखों को हाथ से बार-बार न छुएंं।
- आई फ्लू होने पर चिकित्सक की सलाह से ही दवा डालें।
- आई फ्लू होने पर अपना रूमाल व तौलिया आदि अलग रखें।