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होली के लिए नहीं चलीं अतिरिक्त बसें
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शामली में रोडवेज बस अड्डे पर खड़े यात्री।
- फोटो : SHAMLI
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होली के लिए नहीं चलीं अतिरिक्त बसें
शामली। होली के मद्देनजर परिवहन निगम अतिरिक्त रोडवेज बसों का संचालन नहीं कर पाया है। जिसके चलते शामली से मेरठ और करनाल, सहारनपुर, दिल्ली और पानीपत की ओर जाने के लिए सवारियां देर रात तक बस अड्डों पर भटकती रहती हैं।
जिला मुख्यालय होने के बाद शाम सात बजे के बाद शामली से मेरठ, करनाल और पानीपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और दिल्ली की बसें न होने से सवारियां रोडवेज बस अड्डा, झिंझाना बस अड्डा चौक, गुरुद्वारा चौक पर आने जाने वाले वाहनों के इंतजार में खड़ी रहती हैं। यूपी रोडवेज और प्राइवेट बसों के संचालन होने से दूसरे साधनों की तलाश में रहती है। ट्रक-टैक्सी, मिनी ट्रकों के माध्यम से ज्यादा किराया देकर सवारियां अपने शहरों की ओर रवाना होते हैं।
बदइंतजामी का यह आलम है कि कोरोना काल की पहली लहर के बाद यूपी रोडवेज बस और ट्रेनों का सीमित संख्या में यात्रियों को सफर करना पड़ रहा है। सुबह और शाम और दोपहर के समय संचालित होने वाली हरिद्वार-ऋषिकेश, जनता एक्सप्रेस का संचालन न होने यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर भटकना पड़ता है। होली पर्व के मद्देनजर सवारियां स्पेशल ट्रेन और रोडवेज की बसों के संचालन की उम्मीद कर रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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दिल्ली, मेरठ और पानीपत की ओर से आ रहीं अधिक सवारियां
शामली। होली पर दिल्ली, पानीपत और मेरठ से शामली आने वाली हरियाणा व यूपी रोडवेज की बसों में भीड़ उमड़ रही है। शामली से लखनऊ जाने वाली एसी बसों में बैठने की जगह नहीं है। शामली से सभी लखनऊ जाने वाली एसी बसें फुल चल रही हैं। त्योहार के कारण ज्यादा सवारियां निकलने से शामली से लोनी, शाहदरा, दिल्ली, शामली से सहारनपुर तक 322 किमी प्रतिदिन यूपी रोडवेज की बसें चलती थीं। अब प्रतिदिन 400 किमी प्रतिदिन दौड़ रही हैं। यूपी रोडवेज के शामली बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि शामली रोडवेज बस डिपो की 23 अनुबंधित बसों का प्रतिदिन 325 लाख रुपये आय हो रही थी। होली के त्योहार के दौरान प्रतिदिन 3.76 लाख रुपये की आय हुई है। 25 हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये की आय बढ़ी है।
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शामली। होली के मद्देनजर परिवहन निगम अतिरिक्त रोडवेज बसों का संचालन नहीं कर पाया है। जिसके चलते शामली से मेरठ और करनाल, सहारनपुर, दिल्ली और पानीपत की ओर जाने के लिए सवारियां देर रात तक बस अड्डों पर भटकती रहती हैं।
जिला मुख्यालय होने के बाद शाम सात बजे के बाद शामली से मेरठ, करनाल और पानीपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और दिल्ली की बसें न होने से सवारियां रोडवेज बस अड्डा, झिंझाना बस अड्डा चौक, गुरुद्वारा चौक पर आने जाने वाले वाहनों के इंतजार में खड़ी रहती हैं। यूपी रोडवेज और प्राइवेट बसों के संचालन होने से दूसरे साधनों की तलाश में रहती है। ट्रक-टैक्सी, मिनी ट्रकों के माध्यम से ज्यादा किराया देकर सवारियां अपने शहरों की ओर रवाना होते हैं।
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बदइंतजामी का यह आलम है कि कोरोना काल की पहली लहर के बाद यूपी रोडवेज बस और ट्रेनों का सीमित संख्या में यात्रियों को सफर करना पड़ रहा है। सुबह और शाम और दोपहर के समय संचालित होने वाली हरिद्वार-ऋषिकेश, जनता एक्सप्रेस का संचालन न होने यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर भटकना पड़ता है। होली पर्व के मद्देनजर सवारियां स्पेशल ट्रेन और रोडवेज की बसों के संचालन की उम्मीद कर रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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दिल्ली, मेरठ और पानीपत की ओर से आ रहीं अधिक सवारियां
शामली। होली पर दिल्ली, पानीपत और मेरठ से शामली आने वाली हरियाणा व यूपी रोडवेज की बसों में भीड़ उमड़ रही है। शामली से लखनऊ जाने वाली एसी बसों में बैठने की जगह नहीं है। शामली से सभी लखनऊ जाने वाली एसी बसें फुल चल रही हैं। त्योहार के कारण ज्यादा सवारियां निकलने से शामली से लोनी, शाहदरा, दिल्ली, शामली से सहारनपुर तक 322 किमी प्रतिदिन यूपी रोडवेज की बसें चलती थीं। अब प्रतिदिन 400 किमी प्रतिदिन दौड़ रही हैं। यूपी रोडवेज के शामली बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि शामली रोडवेज बस डिपो की 23 अनुबंधित बसों का प्रतिदिन 325 लाख रुपये आय हो रही थी। होली के त्योहार के दौरान प्रतिदिन 3.76 लाख रुपये की आय हुई है। 25 हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये की आय बढ़ी है।