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बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ने की उम्मीद
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शामली। एक फरवरी को पेश होने वाले बजट से आयकर दाताओं को बड़ी उम्मीद है। करदाता आयकर में छूट की मांग कर रहे हैं। करदाताओं का कहना है कि पांच लाख तक की आय को कर मुक्त किया जाए।
बजट को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता आयकर दाताओं को रहती है। हर साल की तरह वे इनकम टैक्स में छूट की मांग कर रहे हैं। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष उमाशंकर भट्ट का कहना है कि बजट में सरकार को डिडक्शन की सीमा बढ़ानी चाहिए। चार लाख तक की आय को पूरी तरह इनकम टैक्स मुक्त किया जाना चाहिए।
शामली इंडस्ट्रीयल इस्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि बजट में आयकर की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए। यह कम से कम पांच लाख होनी चाहिए। व्यापारी ईमानदारी से टैक्स भर रहा है। सरकार को आयकर में छूट देनी चाहिए।
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सरकार बढ़ा सकती है डिडक्शन सीमा
शामली। आयकर अधिवक्ता श्यामलाल का कहना है कि जो आयकर छूटे लेते आ रहे हैं वह पुराने स्लैब को ही अपनाए हुए हैं। उसमें बीमा पालिसी एवं अन्य निवेश के अलावा हाउस लोन आदि की छूट मिलती है। पुराने स्लैब में आयकर दाताओं को छह लाख तक की आय पर टैक्स नहीं देना पड़ रहा। नया स्लैब नए करदाताओं ने ही अपनाया है। आगामी बजट में सरकार डिडक्शन डेढ़ लाख से बढ़ाकर दो लाख कर सकती है।
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व्यापारियों ने बजट में मांगा आर्थिक राहत पैकेज
शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने बताया कि व्यापारियों की मांग पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ई-मेल से पत्र भेजकर व्यापारियों को आर्थिक राहत पैकेज देने की मांग की गई है।
उन्होंने बताया कि व्यापारियों की अर्थव्यवस्था कोरोना संकट काल में पटरी से उतर गई है। इसे ठीक करने के लिए केंद्रीय बजट में व्यापारियों के लिए आर्थिक राहत पैकेज जारी किया जाए। आर्थिक राहत पैकेज के माध्यम से व्यापारियों के तीन माह के बिजली के बिल माफ किए जाएं। बैंकों का ब्याज तथा ईएमआई तीन माह की माफ हो। जनवरी से जीएसटी में लागू किए गए प्रावधान वापस हों, इनकम टैक्स में राहत दी जाए। पेट्रोल और डीजल के दामों पर अंकुश लगाया जाए। छोटे बड़े सभी व्यापारियों के लिए पेंशन योजना लागू हो और हर छोटे अपंजीकृत व्यापारी को भी कम से कम पांच लाख का जीवन दुर्घटना बीमा मिले।
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बजट को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता आयकर दाताओं को रहती है। हर साल की तरह वे इनकम टैक्स में छूट की मांग कर रहे हैं। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष उमाशंकर भट्ट का कहना है कि बजट में सरकार को डिडक्शन की सीमा बढ़ानी चाहिए। चार लाख तक की आय को पूरी तरह इनकम टैक्स मुक्त किया जाना चाहिए।
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शामली इंडस्ट्रीयल इस्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि बजट में आयकर की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए। यह कम से कम पांच लाख होनी चाहिए। व्यापारी ईमानदारी से टैक्स भर रहा है। सरकार को आयकर में छूट देनी चाहिए।
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सरकार बढ़ा सकती है डिडक्शन सीमा
शामली। आयकर अधिवक्ता श्यामलाल का कहना है कि जो आयकर छूटे लेते आ रहे हैं वह पुराने स्लैब को ही अपनाए हुए हैं। उसमें बीमा पालिसी एवं अन्य निवेश के अलावा हाउस लोन आदि की छूट मिलती है। पुराने स्लैब में आयकर दाताओं को छह लाख तक की आय पर टैक्स नहीं देना पड़ रहा। नया स्लैब नए करदाताओं ने ही अपनाया है। आगामी बजट में सरकार डिडक्शन डेढ़ लाख से बढ़ाकर दो लाख कर सकती है।
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व्यापारियों ने बजट में मांगा आर्थिक राहत पैकेज
शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने बताया कि व्यापारियों की मांग पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ई-मेल से पत्र भेजकर व्यापारियों को आर्थिक राहत पैकेज देने की मांग की गई है।
उन्होंने बताया कि व्यापारियों की अर्थव्यवस्था कोरोना संकट काल में पटरी से उतर गई है। इसे ठीक करने के लिए केंद्रीय बजट में व्यापारियों के लिए आर्थिक राहत पैकेज जारी किया जाए। आर्थिक राहत पैकेज के माध्यम से व्यापारियों के तीन माह के बिजली के बिल माफ किए जाएं। बैंकों का ब्याज तथा ईएमआई तीन माह की माफ हो। जनवरी से जीएसटी में लागू किए गए प्रावधान वापस हों, इनकम टैक्स में राहत दी जाए। पेट्रोल और डीजल के दामों पर अंकुश लगाया जाए। छोटे बड़े सभी व्यापारियों के लिए पेंशन योजना लागू हो और हर छोटे अपंजीकृत व्यापारी को भी कम से कम पांच लाख का जीवन दुर्घटना बीमा मिले।