फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Every month 300 new patients are being found in the district, 650 are undergoing treatment.

Shamli News: जिले में हर महीने मिल रहे 300 नए मरीज, 650 का चल रहा उपचार

Sun, 28 Jul 2024 01:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 28 Jul 2024 01:24 AM IST
विज्ञापन
Every month 300 new patients are being found in the district, 650 are undergoing treatment.
शामली। जिले में हेपेटाइटिस के मरीज बढ़ रहे हैं। हर महीने लगभग 300 नए मरीज सामने आ रहे हैं, जबकि 650 मरीजों का इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों को निशुल्क दवा दी जाती है। चिकित्सकों का कहना है कि लक्षण नजर आते ही मरीजों को जांच कराकर उपचार कराना चाहिए। इसमें लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
विज्ञापन

हर वर्ष 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करना होता है। जिले में हेपेटाइटिस सी और बी के मरीज मिल रहे हैं। इनमें हेपेटाइटिस सी के मरीज ज्यादा हैं। जिले की स्थिति देखे तो हर महीने लगभग 300 नए मरीज सामने आ रहे हैं। वर्तमान में करीब 650 मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें करीब 250 मरीज हेपेटाइटिस बी के और बाकी हेपेटाइटिस सी के मरीज शामिल हैं।
विज्ञापन

इनमें ज्यादातर मरीज जिले के कैराना और कांधला ब्लाॅक में मिल रहे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक अशोक कुमार का कहना है कि संक्रमित सूई का इस्तेमाल होने से हेपेटाइटिस की बीमारी फैलने का सबसे बड़ा कारण है। गांव देहात में अप्रशिक्षित ज्यादातर एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल करते हैं, जिससे हेपेटाइटिस होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया हेपेटाइटिस सी के मरीज का उपचार तीन माह चलता है। इसके बाद भी अगर बीमारी ठीक नहीं होती तो छह माह तक उपचार चल सकता है। हेपेटाइटिस के मरीज का एक से दो साल तक उपचार चलता है। उनका कहना है कि लक्षण नजर आने पर जांच करानी चाहिए। जांच में हेपेटाइटिस की पुष्टि होती है तो समय रहते उपचार शुरू कर देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेरठ मेडिकल जाते है सैंपल, दो माह में आती है रिपोर्ट
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की जांच की सुविधा तो है, लेकिन वायरल लोड की जांच की सुविधा नहीं है। हर सप्ताह शुक्रवार को जिला अस्पताल में वायरल लोड के लिए मरीजों का सैंपल लेने का दिन निर्धारित है। मरीजों के सैंपल जांच के लिए मेरठ मेडिकल भेजे जाते हैं। वहां से रिपोर्ट आने में डेढ़ से दो माह का इंतजार करना पड़ता है। रिपोर्ट आने तक मरीज को सामान्य दवा दी जाती है। रिपोर्ट आने पर वायरल लोड के अनुसार दवा दी जाती है।
लक्षण
भूख न लगना या कम लगना।
पीलिया होना, पेट फूलना, उल्टी होना।
बुखार आना
बचाव
अप्रशिक्षित से उपचार न कराएं।
इंजेक्शन लगवाते समय हर बार नई सीरिंज का प्रयोग करे।
लक्षण नजर आने पर जांच कराकर उपचार कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed