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Shamli News: निराश्रित पशु की टक्कर से युवक की मौत पर ईओ पर जुर्माना
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- जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया
अदालत से
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। वर्ष 2017 में सेंट आरसी स्कूल के पास निराश्रित गोवंश की टक्कर से युवक की मौत के मामले में जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने नगर पालिका परिषद शामली के अधिशासी अधिकारी की लापरवाही मानी है। आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए युवक की मौत पर अधिशासी अधिकारी पर तीन लाख दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यहीं नहीं रुपये जमा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। यह पहला मौका है जब गोवंश की टक्कर से युवक की मौत के मामले में आयोग ने फैसला सुनाया है। इससे पूर्व में जिले में इस तरह के मामले में फैसला नहीं सुनाया जा सका था।
मालैंडी गांव के रहने वाले सूरजबली ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर करते हुए बताया कि उसका पुत्र प्रवीण कुमार तीन सितंबर 2017 को अपनी बाइक से गांव आ रहा था। जब वह रात करीब 8:30 बजे शामली के सेंट आरसी स्कूल के पास पहुंचा तो अचानक एक गोवंश सड़क पर आ गया। जिसकी टक्कर से प्रवीण बाइक से सड़क पर जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। लोगों ने प्रवीण को सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया मगर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार के अवनीश ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा कि नगर पालिका परिषद का अनिवार्य कार्य है कि बेसहारा पशुओं को पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, जिसका निर्वहन अधिशासी अधिकारी द्वारा नहीं किया गया है। इसी उपेक्षा के कारण उसके पुत्र को जान से हाथ धोना पड़ा है। ईओ द्वारा अपने दायित्व निर्वहन करने में लापरवाही व सेवा में कमी की गई है।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता, सदस्य अभिनव अग्रवाल ने आदेश सुनाते हुए कहा कि ईओ शामली को आदेशित किया जाता है कि वह परिवादी को हुई मानसिक, आर्थिक, शारीरिक, क्षतिपूर्ति के लिए दो लाख रुपये तथा वाद खर्च दस हजार रुपये परिवादी को अदा करने हेतु आयोग में जमा करें। इसके अलावा एक लाख का अर्थदंड लगाया जाता है। विपक्षी 45 दिन के अंदर आदेश का पालन करे, वरना उसके विरुद्ध धारा 71 तथा 72 के अंतर्गत उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- आयोग ने यह की टिप्पणी
जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत गुप्ता ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रकरण में नगर पालिका शामली के अधिशासी अधिकारी द्वारा सेवा में कमी एवं घोर लापरवाही एवं उपेक्षा की गई है। नागरिकों को दोष रहित सेवा प्रदान करना नगर पालिका का अनिवार्य कृत्य है और इन सेवाओं के लिए नगर पालिका द्वारा टैक्स वसूला जाता है।
- यह बोले युवक के पिता
सूरजबली ने कहा कि उसके पुत्र की तरह ही बहुत से लोग सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की टक्कर के कारण मर जाते हैं या फिर घायल हो जाते हैं। जिन पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है। मगर जिम्मेदार अधिकारियों ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा अक्सर नियमों की लापरवाही व अनदेखी देखी जाती है। इसी कारण मैंने आठ साल तक लंबी लड़ाई लड़ी, अब जाकर इंसाफ मिला है।
- रेबीज से व्यक्ति की मौत पर ईओ पर लगाया था तीन लाख का जुर्माना
शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने 23 मई 2025 को रेबीज से व्यक्ति की मौत होने के मामले में नगर पालिका कांधला के अधिशासी अधिकारी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया था। यह मामला भी जिले में पहला था।
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अदालत से
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। वर्ष 2017 में सेंट आरसी स्कूल के पास निराश्रित गोवंश की टक्कर से युवक की मौत के मामले में जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने नगर पालिका परिषद शामली के अधिशासी अधिकारी की लापरवाही मानी है। आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए युवक की मौत पर अधिशासी अधिकारी पर तीन लाख दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यहीं नहीं रुपये जमा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। यह पहला मौका है जब गोवंश की टक्कर से युवक की मौत के मामले में आयोग ने फैसला सुनाया है। इससे पूर्व में जिले में इस तरह के मामले में फैसला नहीं सुनाया जा सका था।
मालैंडी गांव के रहने वाले सूरजबली ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर करते हुए बताया कि उसका पुत्र प्रवीण कुमार तीन सितंबर 2017 को अपनी बाइक से गांव आ रहा था। जब वह रात करीब 8:30 बजे शामली के सेंट आरसी स्कूल के पास पहुंचा तो अचानक एक गोवंश सड़क पर आ गया। जिसकी टक्कर से प्रवीण बाइक से सड़क पर जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। लोगों ने प्रवीण को सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया मगर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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परिवार के अवनीश ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा कि नगर पालिका परिषद का अनिवार्य कार्य है कि बेसहारा पशुओं को पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए, जिसका निर्वहन अधिशासी अधिकारी द्वारा नहीं किया गया है। इसी उपेक्षा के कारण उसके पुत्र को जान से हाथ धोना पड़ा है। ईओ द्वारा अपने दायित्व निर्वहन करने में लापरवाही व सेवा में कमी की गई है।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता, सदस्य अभिनव अग्रवाल ने आदेश सुनाते हुए कहा कि ईओ शामली को आदेशित किया जाता है कि वह परिवादी को हुई मानसिक, आर्थिक, शारीरिक, क्षतिपूर्ति के लिए दो लाख रुपये तथा वाद खर्च दस हजार रुपये परिवादी को अदा करने हेतु आयोग में जमा करें। इसके अलावा एक लाख का अर्थदंड लगाया जाता है। विपक्षी 45 दिन के अंदर आदेश का पालन करे, वरना उसके विरुद्ध धारा 71 तथा 72 के अंतर्गत उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- आयोग ने यह की टिप्पणी
जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष हेमंत गुप्ता ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रकरण में नगर पालिका शामली के अधिशासी अधिकारी द्वारा सेवा में कमी एवं घोर लापरवाही एवं उपेक्षा की गई है। नागरिकों को दोष रहित सेवा प्रदान करना नगर पालिका का अनिवार्य कृत्य है और इन सेवाओं के लिए नगर पालिका द्वारा टैक्स वसूला जाता है।
- यह बोले युवक के पिता
सूरजबली ने कहा कि उसके पुत्र की तरह ही बहुत से लोग सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की टक्कर के कारण मर जाते हैं या फिर घायल हो जाते हैं। जिन पर लगाम लगाने के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है। मगर जिम्मेदार अधिकारियों ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा अक्सर नियमों की लापरवाही व अनदेखी देखी जाती है। इसी कारण मैंने आठ साल तक लंबी लड़ाई लड़ी, अब जाकर इंसाफ मिला है।
- रेबीज से व्यक्ति की मौत पर ईओ पर लगाया था तीन लाख का जुर्माना
शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने 23 मई 2025 को रेबीज से व्यक्ति की मौत होने के मामले में नगर पालिका कांधला के अधिशासी अधिकारी पर तीन लाख रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया था। यह मामला भी जिले में पहला था।