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दोबारा लॉकडाउन की आशंका से सहमे उद्यमी

Sat, 10 Apr 2021 12:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Apr 2021 12:04 AM IST
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Entrepreneurs scared of lockdown again
शामली मौहल्ला गुजरातियान में सैपल लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम - फोटो : SHAMLI
शामली। एक साल पहले लागू हुए लॉकडाउन के बाद से रफ्तार पकड़ रहे उद्योग कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते एक बार फिर से सहमने लगे हैं। शादी सीजन शुरू होने वाला है लेकिन दोना-पत्तल, कागज कप, आइसक्रीम स्टिक और बर्तन आदि के ऑर्डर बढ़ने के बजाए स्थगित किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि शासन-प्रशासन समारोहों में भीड़ पर सख्त पाबंदी लगा सकती है, इससे खपत कम हो जाएगी।
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पिछले साल कोरोना की शुरुआत होते ही सख्त लॉकडाउन लागू हो गया था। करीब तीन माह के सख्त लॉकडाउन में श्रमिकों के चले जाने तथा खपत एवं उत्पादन ठप हो जाने से उद्योगों की कमर टूट गई थी। एक बार फिर से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में उद्यमियों को फिर से लॉकडाउन का डर सताने लगा है। जिले में दोना-पत्तल, पेपर कप, आइसक्रीम स्टिक बनाने की करीब 12 फैक्टरियां हैं जबकि बर्तन बताने की लगभग 100 इकाइयां संचालित हैं। आईआईए के सचिव अनुज गर्ग बताते हैं कि इस तरह के उद्योग शादी-पार्टियों पर निर्भर होते हैं। सरकार ने बढ़ते कोरोना को लेकर कार्यक्रमों में ज्यादा भीड़ पर पाबंदी लगानी शुरू कर दी है। इससे खपत कम होने लगी है। इसके चलते कुछ ऑर्डर स्थगित हो रहे हैं। यदि रात्रि कालीन कर्फ्यू लगता है तो खपत और कम हो जाएगी। क्योंकि इस समय स्कूल-कॉलेज बंद हैं, बच्चे अपने परिजनों के साथ रात में घूमने निकलते हैं और तरह-तरह की चीजें खाते हैं। जब यह खपत बंद हो जाएगी तो इसका सीधा असर उद्योगों पर पड़ेगा।
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उद्योगों का चलते रहना बेहद जरूरी
शायमा के अध्यक्ष अंकित गोयल कहते हैं उद्योगों का चलते रहना बेहद जरूरी है। पिछले साल लॉकडाउन की मार से चरमराई अर्थ व्यवस्था अब सुधर रही है। यदि अब लॉकडाउन लागू कर दिया गया तो स्थिति बेहद खराब हो जाएगी। उद्योगों पर कर्ज का भार है। उद्योगों के संचालन का चक्र टूट जाता है तो पूरी व्यवस्था ठप हो जाती है। वह बताते हैं कि उद्योगों में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए काम कराया जा रहा है।
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सरकार को लागू नहीं करना चाहिए लॉकडाउन
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिशन शामली (आईआईए) के चेयरमैन अशोक मित्तल का कहना है कि सरकार को अब लॉकडाउन लागू नहीं करना चाहिए। सरकार कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए सख्ती कर सकती है। साप्ताहिक कर्फ्यू या फिर सप्ताह में दो दिन की बंदी लागू की जा सकती है। कम संख्या में लोगों की मौजूदगी के साथ कार्यक्रमों की इजाजत दी जा सकती है लेकिन संपूर्ण लॉकडाउन देश की अर्थव्यवस्था और उद्योगों के हित में नहीं रहेगा।

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जिले में रात्रि कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं
शामली। डीएम जसजीत कौर ने बताया कि जिले में रात्रिकालीन कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं है। रात्रि कालीन कर्फ्यू उन्हीं जिलों में लागू किया गया है, जहां प्रतिदिन 100 से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिक कोरोना से बचाव के लिए गाइडलाइन का पालन करें। मास्क लगाएं तथा सामाजिक दूरी का पालन करें।
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