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जिला अस्पताल में अगले सप्ताह शुरू होगी इमजेंसी
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शामली का संयुक्त जिला अस्पताल
- फोटो : SHAMLI
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जिला अस्पताल में अगले सप्ताह शुरू होगी इमजेंसी
शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को और चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगले सप्ताह से इमरजेंसी सेवा और डायलिसिस की सुविधा चालू करने की तैयारी की जा रही है। शासन से अस्पताल को हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति हुई है। इसके अलावा जिला स्तर से इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर चिकित्सक मिले हैं। ओपीडी में पहले से दो चिकित्सक नियुक्त हैं।
जिला अस्पताल में 16 अगस्त को ओपीडी शुरू की गई थी। पिछले महीने जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट में दो मशीनें लगाई गई थीं, जिनका उद्घाटन भी हो गया था, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण डायलिसिस की सुविधा मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इमरजेंसी सेवा भी चालू नहीं हो पाई थी। अब मरीजों को ये दोनों सुविधाएं अगले सप्ताह से मिलनी शुरू हो जाएंगी। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. सफल कुमार ने बताया कि शासन स्तर से हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद आसिफ की जिला अस्पताल में नियुक्ति हो गई है। एक-दो दिन में वह अपना कार्यभार संभाल लेंगे। इसके अलावा आपातकालीन सेवा के लिए डॉ. इंतजार (ईएमओ) की जिला स्तर पर नियुक्ति हुई है। ओपीडी में पहले से ही दो चिकित्सक नियुक्त हैं। इस तरह से जिला अस्पताल में अब चार चिकित्सकों की तैनाती हो गई है। अब जिला अस्पताल में आठ-आठ घंटे तीन शिफ्ट में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर इमरजेंसी सेवा चालू की जा सकेगी। इमरजेंसी चालू होने के साथ ही डायलिसिस यूनिट भी चालू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मरीजों के लिए ये दोनों चिकित्सा सुविधाएं अगले सप्ताह से मिलने लगेंगी।
किडनी रोगियों को आसानी से मिलेगा इलाज
जिले में किडनी रोगियों की बड़ी संख्या है। यहां किसी निजी अस्पताल में भी डायलिसिस यूनिट नहीं है। ऐसे में मरीजों को मेरठ, दिल्ली और पानीपत की दौड़ लगानी होती है। शहर के किडनी रोग से पीड़ित एक व्यक्ति ने बताया कि निजी अस्पताल में एक बार की डायलिसिस पर करीब चार हजार रुपये का खर्च आता है। रोग के अनुसार सप्ताह में एक बार तो कई बार सप्ताह में दो बार तक डायलिसिस करानी होती है। सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस का खर्च न के बराबर आता है।
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बर्न यूनिट से अस्पताल में शिफ्ट होगी ओपीडी
सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में तीन माह पहले जब ओपीडी शुरू की गई थी तो अस्पताल के एक हिस्से में टीकाकरण के बूथ चल रहे थे। इस वजह से अस्पताल के पीछे की तरफ बनी बर्न यूनिट में ओपीडी चालू कर दी गई थी। अब टीकाकरण बूथ को वहां से दूसरी तरफ कर दिया गया है। अब सोमवार से बर्न यूनिट से ओपीडी को अस्पताल में ही शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को और चिकित्सा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगले सप्ताह से इमरजेंसी सेवा और डायलिसिस की सुविधा चालू करने की तैयारी की जा रही है। शासन से अस्पताल को हड्डी रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति हुई है। इसके अलावा जिला स्तर से इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर चिकित्सक मिले हैं। ओपीडी में पहले से दो चिकित्सक नियुक्त हैं।
जिला अस्पताल में 16 अगस्त को ओपीडी शुरू की गई थी। पिछले महीने जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट में दो मशीनें लगाई गई थीं, जिनका उद्घाटन भी हो गया था, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण डायलिसिस की सुविधा मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इमरजेंसी सेवा भी चालू नहीं हो पाई थी। अब मरीजों को ये दोनों सुविधाएं अगले सप्ताह से मिलनी शुरू हो जाएंगी। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. सफल कुमार ने बताया कि शासन स्तर से हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद आसिफ की जिला अस्पताल में नियुक्ति हो गई है। एक-दो दिन में वह अपना कार्यभार संभाल लेंगे। इसके अलावा आपातकालीन सेवा के लिए डॉ. इंतजार (ईएमओ) की जिला स्तर पर नियुक्ति हुई है। ओपीडी में पहले से ही दो चिकित्सक नियुक्त हैं। इस तरह से जिला अस्पताल में अब चार चिकित्सकों की तैनाती हो गई है। अब जिला अस्पताल में आठ-आठ घंटे तीन शिफ्ट में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर इमरजेंसी सेवा चालू की जा सकेगी। इमरजेंसी चालू होने के साथ ही डायलिसिस यूनिट भी चालू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मरीजों के लिए ये दोनों चिकित्सा सुविधाएं अगले सप्ताह से मिलने लगेंगी।
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किडनी रोगियों को आसानी से मिलेगा इलाज
जिले में किडनी रोगियों की बड़ी संख्या है। यहां किसी निजी अस्पताल में भी डायलिसिस यूनिट नहीं है। ऐसे में मरीजों को मेरठ, दिल्ली और पानीपत की दौड़ लगानी होती है। शहर के किडनी रोग से पीड़ित एक व्यक्ति ने बताया कि निजी अस्पताल में एक बार की डायलिसिस पर करीब चार हजार रुपये का खर्च आता है। रोग के अनुसार सप्ताह में एक बार तो कई बार सप्ताह में दो बार तक डायलिसिस करानी होती है। सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस का खर्च न के बराबर आता है।
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बर्न यूनिट से अस्पताल में शिफ्ट होगी ओपीडी
सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में तीन माह पहले जब ओपीडी शुरू की गई थी तो अस्पताल के एक हिस्से में टीकाकरण के बूथ चल रहे थे। इस वजह से अस्पताल के पीछे की तरफ बनी बर्न यूनिट में ओपीडी चालू कर दी गई थी। अब टीकाकरण बूथ को वहां से दूसरी तरफ कर दिया गया है। अब सोमवार से बर्न यूनिट से ओपीडी को अस्पताल में ही शिफ्ट कर दिया जाएगा।