कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त, नहीं हुई मरम्मत
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हरियाणा और वेस्ट यूपी को जोड़ने वाली यमुना नदी लाइफ लाइन कहीं जाती है। शामली जनपद में 55 किमी लंबाई का यमुना तटबंध है। सहारनपुर जिले की सीमा से जुड़े भड़ी गांव से लेकर डूंडुखेड़ा- इस्सौपुर टील तक यमुना तटबंध की कई स्थानों पर खस्ता हाल में हैं। तीन साल पहले यमुना नदी में बाढ़ आने से सहपत गांव में बंधा कट गया था, जिसके बाद कैराना यमुना पुल पर पानीपत की ओर की सड़क भी कट गई थी और दोनों राज्यों का रास्ता तक बंद हो गया था। वहीं, पिछले साल कलरी, चौतरा,मंडावर, पढेड, साल्हापुर, भडी में भारी कटान होने से तटबंध को क्षति पहुंची थी। इस बार भी मानसून अच्छा बताया जा रहा है, जिससे यमुना नदी में उफान आने की संभावना है।
वहीं, तटबंधों की हालत यह है कि पत्थरों से बना तटबंध पर तारों का जाल तक नहीं है। भड़ी गांव के किसान इलियास नूरा, हसन, वकील का कहना है कि यमुना नदी में उफान आने से तटबंध को खतरा हो जाता है। ग्रामीणों ने यमुना के तटबंध को पक्का कराने की मांग की हैं।
हर साल बर्बाद हो जाती है सैकड़ों बीघा फसल
पिछले साल यमुना नदी में उफान आने पर गांव कलरी, साल्हापुर व चौतरा के क्षेत्र में तटबंध टूटने के बाद खेतों में पानी भर गया था, जिससे फसलें बर्बाद हो गई थीं। यही नहीं गांव कलरी पर बाढ़ का खतरा भी मंडरा गया था। एक साल बीत जाने के बाद बाढ़ की रोकथाम के लिए कोई प्रयास अभी तक नहीं किया है। प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के लिए 18 करोड़ रूपये का बजट मांगा था, लेकिन बजट नहीं मिलने पर तटबंधों की मरम्मत नहीं हो पाई है। यदि तटबंध ठीक नहीं हुए, तो इस बार भी कलरी, साल्हापुर चौतरा आदि के किसानों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
यमुना नदी में छोड़ा गया पानी
शामली। यमुना नदी में एक दिन पूर्व ही करीब में 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी शामली जिले में चौसाना क्षेत्र तक पहुंच गया है। सहारनपुर जिले के अपर यमुना नहर प्रणाली के अधिशासी अभियंता शिवराज सिंह ने बताया कि फिलहाल हरियाणा- वेस्ट यूपी के जिलों की नहरों की अपेक्षा यमुना नदी को कम पानी मिल रहा है। हरियाणा की नहर को 2200 क्यूसेक, वेस्ट यूपी की नहर को 1100 क्यूसेक पानी मिल रहा है। यमुना नदी में दो लाख क्यूसेक पानी तक बाढ़ की कोई समस्या नहीं है, ज्यादा पानी आने से हालत खराब होते हैं।