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Shamli News: हजारों की बिजली जलाई, फिर भी मीटर में जीरो यूनिट आई
Sun, 07 Jun 2026 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:25 AM IST
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शामली। जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद भी विद्युत चोरी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। ऊर्जा निगम की स्मार्ट मॉनिटरिंग और खपत विश्लेषण के दौरान यह चौंकाने वाला मामला सामने आया कि पूरे महीने खूब फ्रीज, कूलर, एसी और अन्य बिजली उपकरण इस्तेमाल हुए और मीटर में खपत शून्य या मात्र 5 से 10 यूनिट दर्ज हुई। जांच में सामने आया है कि कई स्थानों पर मीटर से पहले केबल में कट लगाकर सीधे बिजली इस्तेमाल की जा रही थी। ऊर्जा निगम ने ऐसे करीब सात हजार उपभोक्ताओं को चिह्नित किया है।
तीन हजार उपभोक्ताओं के यहां खपत शून्य : ऊर्जा निगम के अनुसार कैराना, थानाभवन, ऊन, जलालाबाद और शामली क्षेत्रों में तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं के यहां एक माह की खपत शून्य दर्ज हुई है। वहीं करीब चार हजार उपभोक्ताओं के यहां केवल 5 से 10 यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इतनी कम खपत सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं है।
तकनीकी जांच से खुली पोल : ऊर्जा निगम ने हाल के महीनों में स्मार्ट मीटरों और उपभोक्ताओं के खपत रिकॉर्ड का डिजिटल विश्लेषण शुरू किया है। इसी दौरान संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान हुई। अधिकारियों के अनुसार कई उपभोक्ता मीटर से पहले केबल में कट लगाकर बिजली उपयोग कर रहे थे, जिससे मीटर में वास्तविक खपत दर्ज नहीं हो रही थी। बिजली चोरी से निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान होता है।
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विभागीय कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में : इसमें ऊर्जा निगम के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि मीटर से पहले केबल में कट लगाकर अथवा अन्य तरीकों से लंबे समय तक बिजली चोरी होना बिना तकनीकी जानकारी के संभव नहीं है। कुछ स्थानों पर स्मार्ट मीटरों में भी तकनीकी गड़बड़ी मिली है। ऐसे में सभी पांचों सर्किलों में एसडीओ स्तर पर जांच कराई जा रही है। संवाद
केस- 1 गंदेवला के कुल्लू के यहां जांच में पता चला कि पिछले करीब एक वर्ष से बिजली का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन बिल में खपत लगभग शून्य आ रही थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने और राजस्व वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
केस- 2 नंगला गांव निवासी राजेश के यहां छह माह से बिजली का उपयोग हो रहा था, लेकिन इस दौरान कुल खपत केवल 30 यूनिट दर्ज हुई। विभाग ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि केबल में कट किसने लगाया और इसमें विभागीय कर्मचारी की कितनी भूमिका थी।
केस- 3 कैराना के कांधला रोड निवासी बाबर के यहां तीन माह तक बिजली खपत शून्य दर्ज हुई, जबकि घर में पंखे, कूलर और अन्य उपकरण संचालित पाए गए। विभागीय टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। नाई नंगला और नंगला गांव के महताब, शहजाद, फुरकान, लुकमान, इरफान के यहां भी इसी प्रकार के मामले आने पर जांच शुरू की गई है।
जिन उपभोक्ताओं के यहां असामान्य रूप से कम यूनिट दर्ज हुई हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। अभी तीन सर्किलों में ही ऐसे उपभोक्ता चिह्नित हुए है। जल्द अन्य क्षेत्रों में भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील है कि बिजली चोरी बिल्कुल भी नहीं करें। - सौरभ पाठक, एक्सईएन, ऊर्जा निगम
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तीन हजार उपभोक्ताओं के यहां खपत शून्य : ऊर्जा निगम के अनुसार कैराना, थानाभवन, ऊन, जलालाबाद और शामली क्षेत्रों में तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं के यहां एक माह की खपत शून्य दर्ज हुई है। वहीं करीब चार हजार उपभोक्ताओं के यहां केवल 5 से 10 यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इतनी कम खपत सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं है।
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तकनीकी जांच से खुली पोल : ऊर्जा निगम ने हाल के महीनों में स्मार्ट मीटरों और उपभोक्ताओं के खपत रिकॉर्ड का डिजिटल विश्लेषण शुरू किया है। इसी दौरान संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान हुई। अधिकारियों के अनुसार कई उपभोक्ता मीटर से पहले केबल में कट लगाकर बिजली उपयोग कर रहे थे, जिससे मीटर में वास्तविक खपत दर्ज नहीं हो रही थी। बिजली चोरी से निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान होता है।
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विभागीय कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में : इसमें ऊर्जा निगम के कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि मीटर से पहले केबल में कट लगाकर अथवा अन्य तरीकों से लंबे समय तक बिजली चोरी होना बिना तकनीकी जानकारी के संभव नहीं है। कुछ स्थानों पर स्मार्ट मीटरों में भी तकनीकी गड़बड़ी मिली है। ऐसे में सभी पांचों सर्किलों में एसडीओ स्तर पर जांच कराई जा रही है। संवाद
केस- 1 गंदेवला के कुल्लू के यहां जांच में पता चला कि पिछले करीब एक वर्ष से बिजली का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन बिल में खपत लगभग शून्य आ रही थी। मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने और राजस्व वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
केस- 2 नंगला गांव निवासी राजेश के यहां छह माह से बिजली का उपयोग हो रहा था, लेकिन इस दौरान कुल खपत केवल 30 यूनिट दर्ज हुई। विभाग ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि केबल में कट किसने लगाया और इसमें विभागीय कर्मचारी की कितनी भूमिका थी।
केस- 3 कैराना के कांधला रोड निवासी बाबर के यहां तीन माह तक बिजली खपत शून्य दर्ज हुई, जबकि घर में पंखे, कूलर और अन्य उपकरण संचालित पाए गए। विभागीय टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। नाई नंगला और नंगला गांव के महताब, शहजाद, फुरकान, लुकमान, इरफान के यहां भी इसी प्रकार के मामले आने पर जांच शुरू की गई है।
जिन उपभोक्ताओं के यहां असामान्य रूप से कम यूनिट दर्ज हुई हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। अभी तीन सर्किलों में ही ऐसे उपभोक्ता चिह्नित हुए है। जल्द अन्य क्षेत्रों में भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील है कि बिजली चोरी बिल्कुल भी नहीं करें। - सौरभ पाठक, एक्सईएन, ऊर्जा निगम