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स्मार्ट क्लास चलाने को करना पड़ता है बिजली का इंतजार

Wed, 29 Jun 2022 11:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jun 2022 11:54 PM IST
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Electricity waits for smart class
संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था नहीं है। अभी तक लगभग 28 फीसदी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू हो सकी हैं। हालांकि शासन के निर्देश हैं कि सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित की जानी चाहिए। जिन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए एलईडी लगी हैं, वहां बिजली का इंतजार करना पड़ता है। अधिकतर विद्यालयों में बिजली के भरोसे ही स्मार्ट क्लास चलती हैं। बिजली के बिना स्मार्ट क्लास न चलने से शिक्षण कार्य प्रभावित रहता है।
जिले में अभी तक करीब 165 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू हुई हैं। इसके लिए एलईडी और अन्य उपकरण लगाए गए हैं। जिले में बेसिक शिक्षा परिषद से 596 विद्यालय संचालित हैं। इस तरह से देखा जाए तो अभी तक महज 28 प्रतिशत विद्यालयों में ही यह व्यवस्था बन पाई है। इसकी वजह यह है कि शासन की तरफ से स्मार्ट क्लास के लिए अलग से बजट नहीं जारी किया गया है। जिन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू हुई हैं वे ग्राम पंचायत निधि से या फिर जन सहयोग से हैं। अब समस्या ये है कि अधिकतर विद्यालयों में इन्वर्टर की सुविधा न होने से स्मार्ट क्लास चलाने के लिए बिजली का इंतजार करना पड़ता है। बिजली के भरोसे ही स्मार्ट क्लास चलती हैं। इस स्थिति में शिक्षण कार्य बाधित होता है।
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आदर्श प्राथमिक विद्यालय बंतीखेड़ा के प्रधानाध्यापक उपेंद्र कुमार ने बताया कि उनके यहां तीन कक्ष में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था है। इन्वर्टर न होने से स्मार्ट क्लास बिजली आने पर ही संचालित की जाती हैं। अगर पूरे समय बिजली रहे तो सभी क्लास के बच्चों को एक-एक घंटा स्मार्ट क्लास में पढ़ाया जा सकता है। बिजली न होने से सभी क्लास के बच्चों को लाभ नहीं मिल पाता है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गांव गढ़ीश्याम के प्रधानाध्यापक ओमवीर सिंह ने बताया कि एक कक्ष में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था है, लेकिन इन्वर्टर नहीं है। इसलिए बिजली के भरोसे ही स्मार्ट क्लास चलती है। इसलिए बिजली के शेड्यूल के अनुसार कक्षाओं का शेड्यूल बनाया है। बिजली जाने पर स्मार्ट क्लास नहीं चल पाती है।
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वर्जन
सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए शासन से बजट नहीं मिला है। इस बार बजट जल्द मिलने की उम्मीद है। जिन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चल रही हैं, वहां पर जनसहयोग व ग्राम पंचायत निधि से व्यवस्था की गई है। इन्वर्टर की भी व्यवस्था कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।-अमित कुमार, जिला समन्वयक बेसिक शिक्षा विभाग
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