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Shamli News: जेई और एसडीओ को बचाने में जुटे विद्युत अधिकारी
Sun, 17 Mar 2024 02:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 17 Mar 2024 02:03 AM IST
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शामली। ऊर्जा निगम में एक के बाद एक गोलमाल करने के मामले सामने आ रहे हैं। कुछ मामलों में जहां कार्रवाई कर दी गई वहीं कुछ मामलों में स्थानीय अधिकारी ही मातहतों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। दरगाहपुर गांव में बिना एस्टीमेट के अवैध रूप से लाइन खींचने के मामले में एक्सईन प्रथम विनोद कुमार ने बिना जांच किए ही जेई, एसडीओ को क्लीन चिट दे दी है। कहा कि जेई की कोई गलती नहीं, पूर्व में भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें जुर्माना वसूला गया है। वहीं एसई ने मामले में जांच कमेटी गठित करते हुए जल्द कार्रवाई की बात कहीं है।
दरगाहपुर गांव में बिना एस्टीमेट के अवैध रूप से बिजली लाइन को खींच दिया गया था। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। जेई ने ग्रामीण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पूरे मामले का ही पटाक्षेप कर दिया। आरोप लगाया कि ग्रामीण ने ही अवैध रूप से लाइन खींची। जबकि बिना किसी ऊर्जा निगम के कर्मचारी या लाइनमैन के बिना लाइन खींचना मुश्किल है। इस मामले में अब एक्सईएन जेई और एसडीओ को बचाते नजर आ रहे हैं। मामले की जांच किए बिना ही कहा कि जेई और एसडीओ का मामले से कोई लेना देना नहीं है।
उधर, झिंझाना में प्रकाशी के नाम पर पिंकी देवी को कनेक्शन देने के मामले में भी जेई और एसडीओ को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। 10 दिन बाद भी मामले में दोनों को जांच में शामिल नहीं किया गया जा सका है। जबकि विभागीय जांच में कनेक्शन गलत रूप से देने का मामला सामने आ चुका है। एसई रामकुमार का कहना है कि दोनों मामलों में फिर से जांच कमेटी गठित की गई है। जेई, एसडीओ या फिर किसी अन्य अधिकारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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पीवीवीएनएल मेरठ की एमडी ईशा दुहन का कहना है कि गोलमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। झिंझाना और दरगाहपुर वाले मामलों की जांच कराई जाएगी।
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दरगाहपुर गांव में बिना एस्टीमेट के अवैध रूप से बिजली लाइन को खींच दिया गया था। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। जेई ने ग्रामीण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पूरे मामले का ही पटाक्षेप कर दिया। आरोप लगाया कि ग्रामीण ने ही अवैध रूप से लाइन खींची। जबकि बिना किसी ऊर्जा निगम के कर्मचारी या लाइनमैन के बिना लाइन खींचना मुश्किल है। इस मामले में अब एक्सईएन जेई और एसडीओ को बचाते नजर आ रहे हैं। मामले की जांच किए बिना ही कहा कि जेई और एसडीओ का मामले से कोई लेना देना नहीं है।
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उधर, झिंझाना में प्रकाशी के नाम पर पिंकी देवी को कनेक्शन देने के मामले में भी जेई और एसडीओ को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। 10 दिन बाद भी मामले में दोनों को जांच में शामिल नहीं किया गया जा सका है। जबकि विभागीय जांच में कनेक्शन गलत रूप से देने का मामला सामने आ चुका है। एसई रामकुमार का कहना है कि दोनों मामलों में फिर से जांच कमेटी गठित की गई है। जेई, एसडीओ या फिर किसी अन्य अधिकारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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पीवीवीएनएल मेरठ की एमडी ईशा दुहन का कहना है कि गोलमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। झिंझाना और दरगाहपुर वाले मामलों की जांच कराई जाएगी।