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विद्युत कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में बेचे चाय पकोडे़
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:14 AM IST
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शामली में कैराना रोड िबजलीघर पर पकोड़े तलते विद्युत निगम के कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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शामली में निजीकरण के विरोध में करमूखेड़ी बिजलीघर पर विद्युत कर्मचारियों ने चाय पकोड़ा बेचकर सरकार विरोधी नारे लगाए। दोपहर बाद तीन बजे से लेकर शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार करके प्रदर्शन करते हुए धरना दिया।
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बृहस्पतिवार को करमू खेड़ी बिजलीघर पर अधीक्षण अभियंता सुनील कपूर के कार्यालय के बाहर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सभी घटक संगठनों के कर्मचारियों और अधिकारियों की एक बैठक हुई। कर्मचारियों ने विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध करते हुए चाय पकोड़ा बेचकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर तीन बजे से लेकर शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार करते प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। बिजली कर्मचारियों ने मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, मुरादाबाद शहरों की विद्युत वितरण व्यवस्था को निजी क्षेत्रों बेचने की प्रक्रिया को रोकने, बिजली निगमों का एकीकरण कर उत्तर प्रदेेश राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन किए जाने, निजी घरानों की महंगी बिजली खरीदने के लिए सरकारी बिजलीघरों को बंद करने की नीति समाप्त करने, सरकारी क्षेत्र के बिजली उत्पादन गृहों का नवीनीकरण वं उच्चीकरण किया जाने, बिजली कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को तत्काल निराकरण किए जाने, सभी श्रेणी के सभी खाली पदो ंपर भर्ती किए जाने और वर्ष 2000 के बाद भर्ती हुए सभी कर्मियो के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू किए जाने, ठेकेदारी व संविदा कर्मचारियों को सीधे भुुगतान किए जाने की मांग की है।
समिति शाखा के अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह सैनी, अधिशासी अभियंता सुरेश चंद ने कहा कि शाम पाच बजे के बाद सुबह दस बजे तक और अवकाश के दिन किसी भी प्रकार का कार्य नहीं किया जाएगा। इस दौरान कोई भी शट डाउन नहीं लिया जाएगा। शाम पांच बजे से लेकर सुबह दस बजे तक सभी अधिकारियों के मोबाइल बंद रहेंगे। राजस्व वसूली, नए संयोजन, विद्युत विच्छेदन, सौभाग्य या अन्य कार्य के लिए कैंप नहीं लगाया जाएगा। सहायक अभियंता एके शीना ने विचार व्यक्त किए।
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