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Shamli News: शामली में आठ सीएचसी के पास नहीं है अग्निशमन विभाग की एनओसी

Tue, 19 Nov 2024 12:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 19 Nov 2024 12:53 AM IST
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Eight CHCs in Shamli do not have NOC from fire department
शामली। झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग से बच्चों की मौत की घटना के बाद भी सरकारी व निजी अस्पतालों में आग से बचाव को लेकर विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा हैं। अधिकारी सरकारी अस्पतालों में जहां आग से बचाव के लिए सभी जरूरी उपकरण व संसाधन उपलब्ध होने के दावे कर रहा है, वहीं जिले में संचालित आठ सीएचसी में किसी के पास भी अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। इसी तरह अग्निशमन विभाग के 62 निजी अस्पतालों के निरीक्षण में 17 निजी अस्पताल भी बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे है।
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जिले में आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल संचालित हैं। जिला अस्पताल को छोड़कर बाकी सभी आठ सीएचसी में से किसी के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। सिर्फ कैराना सीएचसी के नए भवन की एनओसी अग्निशमन विभाग से जारी हुई है।
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निजी अस्पतालों की बात करें तो अग्निशमन विभाग ने 62 निजी अस्पतालाें का निरीक्षण किया, जिनमें से 17 निजी अस्पतालों के पास एनओसी नहीं मिली। अग्निशमन अधिकारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर सभी सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया जा चुका है। निजी अस्पतालों में निरीक्षण किया जा रहा है। जिन निजी अस्पतालों के पास एनओसी नहीं पाई गई, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया जिला अस्पताल के पास विभाग की एनओसी है जबकि अन्य किसी भी सीएचसी के पाए विभाग की एनओसी नहीं मिली।
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जिला अस्पताल के एसएनसीयू में सात बच्चे भर्ती
जिला अस्पताल के एसएनसीयू में सोमवार को सात नवजात बच्चे भर्ती मिले। सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि एसएनसीयू में आग से बचाव के सभी उपकरण, सिलिंडर समेत सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त है। प्रशासन की टीम द्वारा भी निरीक्षण किया जा चुका है।
तंग गलियों में चल रहे अस्पताल, आग लगी तो जिम्मेदार कौन
शामली। जिले में तंग गली व मोहल्लों में निजी अस्पताल संचालित हैं। गलियां इतनी तंग है कि अगर आग लग जाए तो वहां तक दमकल की गाड़ी का पहुंचना संभव नहीं है। इन अस्पतालों के संचालक और विभागीय अधिकारी झांसी में हुए हादसे के बाद भी सबक लेने को तैयार नहीं है। इनमें कई अस्पताल ऐसे है जिसमें आने व जाने का एक ही रास्ता है। ऐसे में अगर कहीं आग लगने की घटना हो जाए तो अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जिंदगी खतरे में ही है।
सभी सरकारी अस्पतालों का स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की टीमों द्वारा ऑडिट किया गया है। ऑडिट में सभी अस्पतालों में आग से बचाव के सभी उपकरण व व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई। सीएचसी के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी न होने के बारे में जानकारी की जाएगी।

-डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं मिला फायर सिलिंडर
कैराना। नगर के मायापुर रोड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जच्चा बच्चा को भर्ती कराने की सुविधा है, लेकिन यहां आग से बचाव के लिए कोई संसाधन नहीं है। अस्पताल में बाहर निकलने व अंदर जाने के लिए एक ही रास्ता है। अस्पताल में आग से बचाव वाला सिलिंडर नहीं मिला।
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