{"_id":"5f5138648ebc3e54c3002238","slug":"education-department-did-not-provide-the-cloth-how-to-get-uniform-shamli-news-mrt499517448","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा विभाग ने नहीं दिया कपड़ा, कैसे तैयार हों यूनिफार्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा विभाग ने नहीं दिया कपड़ा, कैसे तैयार हों यूनिफार्म
विज्ञापन
शामली में बच्चों की ड्रेस तैयार करती स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
- फोटो : SHAMLI
शिक्षा विभाग ने नहीं दिया कपड़ा, कैसे तैयार हों यूनिफार्म
शामली। परिषदीय स्कूलों में यूनिफार्म वितरण को लेकर हवाई तीर चलाए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म तैयार करके देनी हैं, लेकिन उन्हें पूरा कपड़ा ही नहीं मुहैया कराया गया। 31 अगस्त तक यूूनिफार्म छात्रों को मिल जानी चाहिए थी, लेकिन 89 हजार के सापेक्ष लगभग 30 हजार ही तैयार हो पाई हैं। यूनिफार्म सिल रहे समूह और खादी ग्रामोद्योग से जुड़े लोग इंतजार में बैठे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग कपड़ा मुहैया नहीं करा पाया।
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल तो बंद हैं, लेकिन शासन ने सभी विद्यार्थियों को दो-दो यूनिफार्म 31 अगस्त तक उपलब्ध कराने के लिए कहा था। जिले में स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म सिलनी थी और कपड़ा शिक्षा विभाग को देना था। जिले में 89 हजार 540 यूनिफार्म का वितरण होना है। 14 अगस्त को डीएम जसजीत कौर ने भी यूनिफार्म वितरण की स्थिति असंतोषजनक पाई थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित 90 समूह की 420 महिलाओं को यूनिफार्म की सिलाई की जिम्मेदारी दी गई है। कपड़ा 17 अगस्त तक देना था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं दिया गया। 89 हजार 540 यूनिफार्म में 77364 की सिलाई समूहों को करनी थी, जबकि शामली ब्लाक के स्कूलों की यूनिफार्म खादी ग्रामोद्योग विभाग को देनी थी। पिछले 15 दिन में 77364 यूनिफार्म के सापेक्ष मात्र 32 हजार यूनिफार्म का ही कपड़ा समूहों को दिया गया है। इसमें से 15 हजार यूनिफार्म तैयार हो पाई हैं। खादी ग्रामोद्योग से भी 22 हजार 176 के सापेक्ष 15 हजार यूनिफार्म ही तैयार हो सकी हैं।
जान बूझकर तो नहीं की जा रही देरी
यूनिफार्म वितरण का कार्य हर साल ठेकेदार करते थे। इस बार स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म सिलने का काम दे दिया गया है। इससे ठेकेदारों के कारोबार पर असर पड़ा है। समूहों को कपड़ा देने में की जा रही पीछे ठेकेदारों की घुसपैठ भी हो सकती है।
विज्ञापन
बच्चों का नाप लेने में आ रही परेशानी
शामली ब्लाक में यूनिफार्म तैयार करने वाले खादी ग्रामोद्योग संस्था के संचालक राजेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल बंद होने के कारण बच्चों का नाप लेने में दिक्कत आ रही है। बच्चों को 10-10 के समूहों में स्कूल बुलाया जा रहा है। अगले दस दिन में वह अपने स्तर से यूनिफार्म तैयार कर स्कूलों को सौंप देंगे।
देरी से मिल रहा कपड़ा, हो रही परेशानी
शामली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त शैलेन व्यास का कहना है कि स्कूलों के प्रधानाचार्यों की ओर से यूनिफार्म का कपड़ा देने में देरी की जा रही है। समय पर कपड़ा मिल जाए तो स्वयं सहायता समूह यूनिफार्म में देरी नहीं करते और समय पर यूनिफार्म तैयार हो जाती।
स्कूल खुलने से बंट जाएंगी यूनिफार्म
बीएसए गीता वर्मा का कहना कि स्कूलों की ओर से यूनिफार्म का कपड़ा देरी से दिए जाने की शिकायत उनसे किसी ने नहीं की गई है। 10 अगस्त तक यूनिफार्म तैयार होकर बांट दी जाएगी, फिलहाल विद्यालय बंद हैं। विद्यालय खुलने से पहले यूनिफार्म बच्चों को तैयार करके दे दी जाएंगी।
विज्ञापन
शामली। परिषदीय स्कूलों में यूनिफार्म वितरण को लेकर हवाई तीर चलाए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म तैयार करके देनी हैं, लेकिन उन्हें पूरा कपड़ा ही नहीं मुहैया कराया गया। 31 अगस्त तक यूूनिफार्म छात्रों को मिल जानी चाहिए थी, लेकिन 89 हजार के सापेक्ष लगभग 30 हजार ही तैयार हो पाई हैं। यूनिफार्म सिल रहे समूह और खादी ग्रामोद्योग से जुड़े लोग इंतजार में बैठे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग कपड़ा मुहैया नहीं करा पाया।
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल तो बंद हैं, लेकिन शासन ने सभी विद्यार्थियों को दो-दो यूनिफार्म 31 अगस्त तक उपलब्ध कराने के लिए कहा था। जिले में स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म सिलनी थी और कपड़ा शिक्षा विभाग को देना था। जिले में 89 हजार 540 यूनिफार्म का वितरण होना है। 14 अगस्त को डीएम जसजीत कौर ने भी यूनिफार्म वितरण की स्थिति असंतोषजनक पाई थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित 90 समूह की 420 महिलाओं को यूनिफार्म की सिलाई की जिम्मेदारी दी गई है। कपड़ा 17 अगस्त तक देना था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं दिया गया। 89 हजार 540 यूनिफार्म में 77364 की सिलाई समूहों को करनी थी, जबकि शामली ब्लाक के स्कूलों की यूनिफार्म खादी ग्रामोद्योग विभाग को देनी थी। पिछले 15 दिन में 77364 यूनिफार्म के सापेक्ष मात्र 32 हजार यूनिफार्म का ही कपड़ा समूहों को दिया गया है। इसमें से 15 हजार यूनिफार्म तैयार हो पाई हैं। खादी ग्रामोद्योग से भी 22 हजार 176 के सापेक्ष 15 हजार यूनिफार्म ही तैयार हो सकी हैं।
विज्ञापन
जान बूझकर तो नहीं की जा रही देरी
यूनिफार्म वितरण का कार्य हर साल ठेकेदार करते थे। इस बार स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म सिलने का काम दे दिया गया है। इससे ठेकेदारों के कारोबार पर असर पड़ा है। समूहों को कपड़ा देने में की जा रही पीछे ठेकेदारों की घुसपैठ भी हो सकती है।
विज्ञापन
बच्चों का नाप लेने में आ रही परेशानी
शामली ब्लाक में यूनिफार्म तैयार करने वाले खादी ग्रामोद्योग संस्था के संचालक राजेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल बंद होने के कारण बच्चों का नाप लेने में दिक्कत आ रही है। बच्चों को 10-10 के समूहों में स्कूल बुलाया जा रहा है। अगले दस दिन में वह अपने स्तर से यूनिफार्म तैयार कर स्कूलों को सौंप देंगे।
देरी से मिल रहा कपड़ा, हो रही परेशानी
शामली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त शैलेन व्यास का कहना है कि स्कूलों के प्रधानाचार्यों की ओर से यूनिफार्म का कपड़ा देने में देरी की जा रही है। समय पर कपड़ा मिल जाए तो स्वयं सहायता समूह यूनिफार्म में देरी नहीं करते और समय पर यूनिफार्म तैयार हो जाती।
स्कूल खुलने से बंट जाएंगी यूनिफार्म
बीएसए गीता वर्मा का कहना कि स्कूलों की ओर से यूनिफार्म का कपड़ा देरी से दिए जाने की शिकायत उनसे किसी ने नहीं की गई है। 10 अगस्त तक यूनिफार्म तैयार होकर बांट दी जाएगी, फिलहाल विद्यालय बंद हैं। विद्यालय खुलने से पहले यूनिफार्म बच्चों को तैयार करके दे दी जाएंगी।

शामली में बच्चों की ड्रेस तैयार करती स्वयं सहायता समूह की महिलाएं- फोटो : SHAMLI

शामली में स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार की गई ड्रेस- फोटो : SHAMLI