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पूर्वी यमुना नहर पटरी चौड़ीकरण : भूमि के स्वामित्व को लेकर उलझा मामला

Wed, 30 Mar 2022 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2022 12:21 AM IST
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Eastern Yamuna Canal track widening: The matter complicated regarding the ownership of the land
शामली में पूर्वी युमना नहर की पटरी। - फोटो : SHAMLI
पूर्वी यमुना नहर पटरी चौड़ीकरण : भूमि के स्वामित्व को लेकर उलझा मामला
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शामली। करमूखेड़ी से लेकर भैंसवाल पुल तक पूर्वी यमुना नहर पटरी का चौड़ीकरण अब भूमि स्वामित्व को लेकर उलझ गया है। विधान परिषद चुनाव के बाद इस विवाद को लेकर सुलझाने के लिए डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में एक बार फिर सिंचाई, लोक निर्माण, पावर कारपोरेशन और वन विभाग के अफसरों की संयुक्त बैठक होगी। बैठक के बाद यह तय किया जाएगा कि पूर्वी यमुना नहर पटरी का चौड़ीकरण कार्य कौन सा विभाग करेगा।
विकास भवन में मंगलवार को 9.10 किमी लंबाई की पूर्वी यमुना नहर पटरी के चौड़ीकरण को लेकर सीडीओ शंभू नाथ तिवारी ने पावर कारपोरेशन, वन और लोक निर्माण विभाग के अफसरों की बैठक बुलाई थी। बैठक लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रेम सिंह ने पटरी के चौड़ीकरण के लिए सिंचाई विभाग ने एक साल पूर्व लोक निर्माण विभाग को अनापत्ति प्रमाण जारी कर दिया था। चौड़ीकरण की जद में आने वाले पेड़ और बिजली के खंभे व लाइन शिफ्टिंग का इस्टीमेट तैयार किया जाना था। विद्युत वितरण चतुर्थ खंड से ही इस्टीमेट मिला था। दो घंटे की मैराथन बैठक में सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से पूर्वी यमुना नहर की पटरी निर्माण के लिए स्वामित्व का अधिकार लोक निर्माण विभाग को देना होगा। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग संयुक्त इस्टीमेट तैयार करके शासन को भेजेगा।
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परियोजना स्वीकृत होने पर पूर्व लोक निर्माण विभाग लेआउट तैयार कर वन विभाग को देगा। परियोजना स्वीकृत होने के बाद वन विभाग को ऑनलाइन प्रस्ताव स्वीकृति को भेजेगा। शासन से धनराशि अवमुक्त हो जाने के बाद नोडल एजेंसी पटरी का चौड़ीकरण कराएगी। उन्होंने बताया कि पूर्वी यमुना नहर पटरी विवाद और उलझ गया है। डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में विधान परिषद चुनाव के बाद विभागों के अफसरों की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में वन विभाग के प्रभागीय निदेशक विनय कुमार सक्सेना, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रेम सिंह, विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल सिंह, चतुर्थ खंड के अधिशासी अभियंता रविद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे।
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स्वामित्व का अधिकार बन गया विवाद
सीडीओ शंभूनाथ ने बताया है कि पूर्वी यमुना नहर पटरी निर्माण में सिंचाई विभाग की ओर से स्वामित्व अधिकार और यूनिक आईडी का पेंच अभी फंसा हुआ है। निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग के स्थान पर सिंचाई विभाग बने तो समाधान हो सकता है। सिंचाई विभाग पूरी परियोजना को अपने स्तर से शासन को भेजकर स्वीकृत करानी होगी। पूर्वी यमुना नहर खंड के अधिशासी अभियंता रविंद्र राणा का कहना है कि नहर पटरी निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को स्वामित्व का अधिकार नहीं दे सकते हैं। इससे उनके कार्य क्षेत्र में व्यवधान होगा।
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