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चीन में कुड़ाना गांव का बज रहा डंका
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:21 AM IST
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yoga day
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली/बागपत। भारत ने योग को विश्व में एक अलग पहचान दिलाई है। यही वजह है कि सेहत के प्रति फ्रिकमंद काफी संख्या में लोग योग करो निरोग रहो को अपने जीवन का एक आधार बना लिया। शामली जिले के कुड़ाना गांव का चीन में डंका बज रहा है। कुड़ाना के 25 युवक चीन के अलग-अलग शहरों में योग सिखाने का काम करे रहे हैं। सिर्फ फिटनेस ही नहीं, बल्कि गांव के युवाओं के लिए योग रोजगार का बड़ा माध्यम भी साबित हुआ है। इतना ही नहीं कुड़ाना के युवक मुंबई, दिल्ली, कोलकाता में भी योग सेंटर चला रहे हैं।
चीन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के योग गुरुओं की संख्या बढ़ी है। बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझू और हाईकोड़ सहित 10 से अधिक शहरों में पिछले दो दशक से योग का क्रेज बढ़ा है। दिलचस्प बात यह है कि कभी शिक्षकों के गांव के रूप में पहचान रखने वाला कुड़ाना अब योग गुरुओं का गांव बन गया है। किसान के बेटे धर्मेंद्र मलिक ने सबसे पहले साल 2001 में चीन के फिटनेस सेंटर में योग टीचर के तौर पर ज्वाइन किया।
सिलसिला शुरू हुआ तो इसके बाद नीरज मलिक साल 2002 में शंघाई पहुंच गए। नीरज बताते हैं कि चीन के लोग फिटनेस को लेकर बेहद गंभीर हैं। महिलाएं आकर्षक दिखना चाहती हैं और योग इसका सबसे बड़ा माध्यम है। चीन के शहरों से लेकर देहात तक में फिटनेस और योग सेंटर का चलन बढ़ा है।
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भारत के लोगों पर अधिक भरोसा करते हैं। यही वजह है कि वेस्ट यूपी के युवकों की संख्या इसके वक्त चीन में 250 के पार हैं। कुड़ाना गांव के सबसे अधिक 25 युवक चीन के अलग-अलग शहरों में योग सिखा रहे हैं। उधर, सिर्फ विदेशों में ही नहीं बल्कि देश मेें भी कुड़ाना गांव के योग गुरु का डंका बजा रहा है। मुंबई में गांव के उपेंद्र मलिक योग की शिक्षा देते हैं और वहीं पर सेंटर चलाते हैं। इसके अलावा 20 से अधिक युवक अपने देश के विभिन्न शहरों में ही योग की शिक्षा दे रहे हैं।
वहीं, सिर्फ विदेशों में ही नहीं बल्कि देश मेें भी कुड़ाना गांव के योग गुरु का डंका बजा रहा है। मुंबई में गांव के उपेंद्र मलिक योग की शिक्षा देते हैं और वहीं पर सेंटर चलाते हैं। इसके अलावा 20 से अधिक युवक अपने देश के विभिन्न शहरों में ही योग की शिक्षा दे रहे हैं।
योग में उतरिए, भरपूर हैं संभावनाएं
बागपत। मलकपुर का अभिषेक कहता है कि योग में पारंगत हो जाने के बाद तमाम संभावनाएं हैं। हलालपुर गांव का नीतेश कहता है कि भारत के योग सिखाने वाले युवकों के लिए चीन में तमाम संभावनाएं मौजूद हैं। इसी कड़ी में मेरठ के रासना का संदीप, कंकरखेड़ा का आशीष कुमार, बड़ौत का विशेष तोमर, हलालपुर का नीतेश कुमार, मलकपुर गांव का अभिषेक कुमार, मुजफ्फरनगर के पुष्पेंद्र कुमार, सहारनपुर के शैंकी, बागपत का दीपेंद्र सहित अन्य जिलों के सैकड़ों युवक वर्तमान समय में चीन कई विभिन्न शहरों में योग गुरु बन गए हैं।
कौन किस शहर में दे रहा योग की शिक्षा
सुभाष मलिक शंघाई
विकास मलिक बीजिंग
रोहित कुमार सूजो
विकास मलिक शंघाई
रमन मलिक हांगकांग
पंकज मलिक नानथॉंग
विपुल मलिक सूजो
रवींद्र मलिक सूजो
विवेक मलिक डालियन
मोहित कश्यप शंघाई
राहुल मलिक सूजो
प्रवेश दिल्ली
विक्की दिल्ली
उपेंद्र मलिक मुंबई
मोनिका मलिक बंगलूरु
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चीन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के योग गुरुओं की संख्या बढ़ी है। बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझू और हाईकोड़ सहित 10 से अधिक शहरों में पिछले दो दशक से योग का क्रेज बढ़ा है। दिलचस्प बात यह है कि कभी शिक्षकों के गांव के रूप में पहचान रखने वाला कुड़ाना अब योग गुरुओं का गांव बन गया है। किसान के बेटे धर्मेंद्र मलिक ने सबसे पहले साल 2001 में चीन के फिटनेस सेंटर में योग टीचर के तौर पर ज्वाइन किया।
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सिलसिला शुरू हुआ तो इसके बाद नीरज मलिक साल 2002 में शंघाई पहुंच गए। नीरज बताते हैं कि चीन के लोग फिटनेस को लेकर बेहद गंभीर हैं। महिलाएं आकर्षक दिखना चाहती हैं और योग इसका सबसे बड़ा माध्यम है। चीन के शहरों से लेकर देहात तक में फिटनेस और योग सेंटर का चलन बढ़ा है।
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भारत के लोगों पर अधिक भरोसा करते हैं। यही वजह है कि वेस्ट यूपी के युवकों की संख्या इसके वक्त चीन में 250 के पार हैं। कुड़ाना गांव के सबसे अधिक 25 युवक चीन के अलग-अलग शहरों में योग सिखा रहे हैं। उधर, सिर्फ विदेशों में ही नहीं बल्कि देश मेें भी कुड़ाना गांव के योग गुरु का डंका बजा रहा है। मुंबई में गांव के उपेंद्र मलिक योग की शिक्षा देते हैं और वहीं पर सेंटर चलाते हैं। इसके अलावा 20 से अधिक युवक अपने देश के विभिन्न शहरों में ही योग की शिक्षा दे रहे हैं।
वहीं, सिर्फ विदेशों में ही नहीं बल्कि देश मेें भी कुड़ाना गांव के योग गुरु का डंका बजा रहा है। मुंबई में गांव के उपेंद्र मलिक योग की शिक्षा देते हैं और वहीं पर सेंटर चलाते हैं। इसके अलावा 20 से अधिक युवक अपने देश के विभिन्न शहरों में ही योग की शिक्षा दे रहे हैं।
योग में उतरिए, भरपूर हैं संभावनाएं
बागपत। मलकपुर का अभिषेक कहता है कि योग में पारंगत हो जाने के बाद तमाम संभावनाएं हैं। हलालपुर गांव का नीतेश कहता है कि भारत के योग सिखाने वाले युवकों के लिए चीन में तमाम संभावनाएं मौजूद हैं। इसी कड़ी में मेरठ के रासना का संदीप, कंकरखेड़ा का आशीष कुमार, बड़ौत का विशेष तोमर, हलालपुर का नीतेश कुमार, मलकपुर गांव का अभिषेक कुमार, मुजफ्फरनगर के पुष्पेंद्र कुमार, सहारनपुर के शैंकी, बागपत का दीपेंद्र सहित अन्य जिलों के सैकड़ों युवक वर्तमान समय में चीन कई विभिन्न शहरों में योग गुरु बन गए हैं।
कौन किस शहर में दे रहा योग की शिक्षा
सुभाष मलिक शंघाई
विकास मलिक बीजिंग
रोहित कुमार सूजो
विकास मलिक शंघाई
रमन मलिक हांगकांग
पंकज मलिक नानथॉंग
विपुल मलिक सूजो
रवींद्र मलिक सूजो
विवेक मलिक डालियन
मोहित कश्यप शंघाई
राहुल मलिक सूजो
प्रवेश दिल्ली
विक्की दिल्ली
उपेंद्र मलिक मुंबई
मोनिका मलिक बंगलूरु