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शैक्षिक स्तर कमजोर मिलने पर डीएम ने जताई नाराजगी
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:47 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापक को सुधार के कड़े निर्देश दिए। बुधवार को डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने थानाभवन ब्लाक के गांव उस्मानपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। वहीं उद्यमी अनुज कुमार द्वारा कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों को निर्देश दिए कि शिक्षा में गुणवत्ता परिवर्तन लाने के लिए शिक्षकों की जिम्मेदारी है। जिन विद्यालयों के पाठ्यक्रमों में आधुनिकता को ध्यान में रखकर अंग्रेजी में कंप्यूटर आदि की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बच्चों से प्रश्नों के उत्तर पूछे, तो काफी बच्चों द्वारा नहीं बताया गया। कुछ बच्चों ने प्रश्न का सही उत्तर दिया।
उन्होंने अध्यापकों को निर्देश दिए कि बच्चों को मेहनत और लगन के साथ पढ़ाया जाए और शिक्षा का स्तर ऊंचा करें। पूर्व माध्यमिक के बच्चे भी अंग्रेजी विषय में बहुत कमजोर पाए गए। जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अध्यापकों को शिक्षा का स्तर बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं प्रधानाध्यापक तथा ग्राम प्रधान को स्कूल में शौचालय की सफाई न होने के कारण तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य वजन की जानकारी की। बच्चों को समय से पौष्टिक आहार भोजन देने के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी द्वारा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों को निर्देश दिए कि शिक्षा में गुणवत्ता परिवर्तन लाने के लिए शिक्षकों की जिम्मेदारी है। जिन विद्यालयों के पाठ्यक्रमों में आधुनिकता को ध्यान में रखकर अंग्रेजी में कंप्यूटर आदि की शिक्षा भी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बच्चों से प्रश्नों के उत्तर पूछे, तो काफी बच्चों द्वारा नहीं बताया गया। कुछ बच्चों ने प्रश्न का सही उत्तर दिया।
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उन्होंने अध्यापकों को निर्देश दिए कि बच्चों को मेहनत और लगन के साथ पढ़ाया जाए और शिक्षा का स्तर ऊंचा करें। पूर्व माध्यमिक के बच्चे भी अंग्रेजी विषय में बहुत कमजोर पाए गए। जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अध्यापकों को शिक्षा का स्तर बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं प्रधानाध्यापक तथा ग्राम प्रधान को स्कूल में शौचालय की सफाई न होने के कारण तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य वजन की जानकारी की। बच्चों को समय से पौष्टिक आहार भोजन देने के निर्देश दिए।
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