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धन के अभाव में जिले की कई पेयजल परियोजनाएं सूखी
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शामली। जिले में कई पाइप पेयजल परियोजनाएं कई साल से धनाभाव में अधूरी पड़ी हैं। जिसके चलते इस बार भी भीषण गर्मी में ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ पाएगी।
थानाभवन विधानसभा क्षेत्र के सोहंजनी उमरपुर गांव में जल निगम की मल्टी सेक्टोरियल डवलपमेंट प्लान के तहत पाइप पेयजल परियोजना के लिए 2.82 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति 23 जनवरी 2019 को शासन से मिली थी। परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य 31 दिसंबर 2021 तक था। 1.32 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई थी। यह धनराशि खर्च होने के बाद 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो पाया है। धनाभाव में परियोजना का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
एमएसडीपी योजना में कैराना विधानसभा के इस्सोपुर खुरगान पाइप पेयजल परियोजना के लिए शासन से 23 जनवरी 2019 में 3.61 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी। 31 दिसंबर 2021 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। शासन से परियोजना के लिए 2.02 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त होने के बाद दो साल में 80 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
धनराशि अभाव में इस पेयजल परियोजना का कार्य भी अधर में है। शामली नगर में 32 केएलडी एसटीपी के निर्माण कार्य के लिए 5.21 करोड़ रुपये की जल परियोजना 27 अगस्त 2020 को स्वीकृत की गई थी। 31 दिसंबर 2021 तक परियोजना पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अभी तक परियोजना का 50 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
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जलनिगम की ये परियोजनाएं हुईं पूरी
जलनिगम की हिरनवाड़ा, सोंता रसूलपुर, लिसाढ़ गांव की पाइप पेयजल परियोजना, शामली नगर पुनर्गठन पेयजल योजना जोन-छह का कार्य पूरा हो गया है।
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किसान कल्याण केंद्र की धनराशि अवमुक्त
शामली। कृषि विभाग की ओर झिंझाना में किसान कल्याण केंद्र की परियोजना दो साल पहले स्वीकृत होने के बाद कार्य शुरू नहीं हो पाया है। दो साल बाद परियोजना विधानसभा और विधानपरिषद चुनाव की आचार संहिता में उलझ कर रह गई। ई-टेंडरिंग का कार्य नहीं हो पाया है।
80 लाख की लागत की इस परियोजना 22 दिसंबर 2020 को स्वीकृति मिली थी। शासन ने किसान कल्याण केंद्र 22 दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्माण एजेंसी को दिया था। निर्माण के 72 लाख रुपये अवमुक्त हो गए थे। यूपीपीसीएल सहारनपुर को निर्माण एजेंसी नामित की गई है। दो साल पहले परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना का ई-टेंडरिंग का कार्य नहीं हो पाया है। निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक विकास त्यागी का कहना है कि झिंझाना में किसान कल्याण केंद्र का कृषि विभाग की भूमि निर्माण होगा। विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद परियोजना का टेंडर खोला जाएगा। उसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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थानाभवन विधानसभा क्षेत्र के सोहंजनी उमरपुर गांव में जल निगम की मल्टी सेक्टोरियल डवलपमेंट प्लान के तहत पाइप पेयजल परियोजना के लिए 2.82 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति 23 जनवरी 2019 को शासन से मिली थी। परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य 31 दिसंबर 2021 तक था। 1.32 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई थी। यह धनराशि खर्च होने के बाद 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो पाया है। धनाभाव में परियोजना का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।
एमएसडीपी योजना में कैराना विधानसभा के इस्सोपुर खुरगान पाइप पेयजल परियोजना के लिए शासन से 23 जनवरी 2019 में 3.61 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी। 31 दिसंबर 2021 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। शासन से परियोजना के लिए 2.02 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त होने के बाद दो साल में 80 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
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धनराशि अभाव में इस पेयजल परियोजना का कार्य भी अधर में है। शामली नगर में 32 केएलडी एसटीपी के निर्माण कार्य के लिए 5.21 करोड़ रुपये की जल परियोजना 27 अगस्त 2020 को स्वीकृत की गई थी। 31 दिसंबर 2021 तक परियोजना पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अभी तक परियोजना का 50 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
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जलनिगम की ये परियोजनाएं हुईं पूरी
जलनिगम की हिरनवाड़ा, सोंता रसूलपुर, लिसाढ़ गांव की पाइप पेयजल परियोजना, शामली नगर पुनर्गठन पेयजल योजना जोन-छह का कार्य पूरा हो गया है।
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किसान कल्याण केंद्र की धनराशि अवमुक्त
शामली। कृषि विभाग की ओर झिंझाना में किसान कल्याण केंद्र की परियोजना दो साल पहले स्वीकृत होने के बाद कार्य शुरू नहीं हो पाया है। दो साल बाद परियोजना विधानसभा और विधानपरिषद चुनाव की आचार संहिता में उलझ कर रह गई। ई-टेंडरिंग का कार्य नहीं हो पाया है।
80 लाख की लागत की इस परियोजना 22 दिसंबर 2020 को स्वीकृति मिली थी। शासन ने किसान कल्याण केंद्र 22 दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्माण एजेंसी को दिया था। निर्माण के 72 लाख रुपये अवमुक्त हो गए थे। यूपीपीसीएल सहारनपुर को निर्माण एजेंसी नामित की गई है। दो साल पहले परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना का ई-टेंडरिंग का कार्य नहीं हो पाया है। निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक विकास त्यागी का कहना है कि झिंझाना में किसान कल्याण केंद्र का कृषि विभाग की भूमि निर्माण होगा। विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद परियोजना का टेंडर खोला जाएगा। उसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।