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Shamli News: चिकनी मिट्टी, बर्तनों की आड़ में चल रहा नशीले पदार्थों की तस्करी का खेल
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- मध्य प्रदेश, राजस्थान से यूपी, दिल्ली, हरियाणा समेत चार राज्यों में सप्लाई किया जा रहा नशा
- शामली में पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने किया खुलासा
- ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे वे से वाहनों में लाए जाते हैं नशीले पदार्थ
शामली। नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के संबंध में पुलिस को अहम जानकारी हाथ लगी है। अब पंजाब के बजाए मध्य प्रदेश, राजस्थान के अलवर आदि से डोडा पोस्त, स्मैक को व्यापक स्तर पर तस्करी कर वेस्ट यूपी, हरियाणा, दिल्ली, बिहार में सप्लाई किया जा रहा है। नशा सप्लाई करने के लिए चिकनी मिट्टी, बर्तनों का सहारा लिया जा रहा है। उनके बीच में ही नशीले पदार्थों को रखकर लाया जाता है। हैरत की बात है कि गिरोह के सदस्य हाईवे किनारे होटल, ढाबों पर नशा सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस द्वारा पकड़े गए गिरोह के तीन सदस्यों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स सहारनपुर और झिंझाना पुलिस ने सोमवार की रात बिडौली के एक ढाबे से 12 क्विंटल 47 किलोग्राम डोडा पोस्त के साथ तीन आरोपी जलालाबाद के शहगाजीपुरा मोहल्ला निवासी नौशाद, हरियाणा के कुरुक्षेत्र के शाहाबाद के बलविंदर उर्फ बिंदर, सहारनपुर के गंगोह के मुस्तकीम को गिरफ्तार किया था, जबकि दो मौके से भाग गए थे।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के प्रभारी मोरध्वज और झिंझाना थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य पिछले काफी समय से मध्य प्रदेश के मंदसौर, राजस्थान के अलवर से डोडा पोस्त, स्मैक आदि की तस्करी कर ट्रक में लाते हैं। पुलिस को शक न हो, इसके लिए ट्रक में ऊपर चिकनी मिट्टी, मिट्टी और तांबे के बर्तनों को रखते हैं, उनके बीच में कट्टों में नशीले पदार्थों को रखा जाता है।
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जांच में पता चला कि हर सप्ताह गिरोह के सदस्य शामली के अलावा सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर के अलावा हरियाणा के पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, रोहतक, दिल्ली, गाजियाबाद, बिहार के पटना, गया, भागलपुर के हाईवे किनारे होटल, ढाबों पर नशा सप्लाई करते हैं। एक गाड़ी को बताए गए ठिकाने पर पहुंचाने के बदले गिरोह के सदस्य चालक को 30 से लेकर 40 हजार रुपये तक मिलते थे। कई बार सीमेंट के कट्टों के बीच भी नशीले पदार्थों को रखकर लाया जाता था। यदि पुलिस चेकिंग करती थी तो सीमेंट, मिट्टी देखकर ट्रक को आगे जाने की परमिशन दे देती थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह के कई अन्य सदस्य भी ट्रेस किए गए हैं। जल्द ही गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया जाएगा।
- म्याऊं कोड वर्ड से मिलता है नशा
आरोपी नौशाद ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि पुलिस को उन पर शक नहीं हो, इसके लिए गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप पर ही एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं। पुलिस को उनके कोडवर्ड के बारे में लगातार जानकारी मिल रही थी। इसलिए अब नशा खरीदने वालों के लिए म्याऊं, जलजीरा आदि कोड वर्ड बनाए हैं। कोड वर्ड बताने पर ही नशा ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता था। पुलिस को आरोपी नौशाद के व्हाट्सएप ग्रुप में कई मोबाइल नंबर मिले हैं, जिनमें शामली, हरियाणा, दिल्ली के 20 से अधिक ढाबा मालिक भी हैं। सभी पर पुलिस ने जल्द शिकंजा कसने की बात कही है।
- गाड़ियों को खरीदकर प्रयोग में लाते हैं
पुलिस को जांच में पता चला है कि जिस गाड़ी से डोडा पोस्त बरामद किए गए हैं, वह लिलौन गांव अब्बास के नाम से खरीदी गई थी। गाड़ी किसी अन्य की है। पुलिस को शक है कि जिनके नाम गाड़ी है, उन्हें भी नशा बिक्री के बाद कमीशन बांटा जाता है। हालांकि, अभी इस तथ्य की जांच की जा रही है।
- ग्राहकों को लगा रहे नशे की लत
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य होटल, ढाबों पर पहुंचने वाले ग्राहकों को नशे की लत लगवा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील है कि नशे की बिक्री करने वालों की सूचना उन्हें दें, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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- शामली में पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने किया खुलासा
- ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे वे से वाहनों में लाए जाते हैं नशीले पदार्थ
शामली। नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के संबंध में पुलिस को अहम जानकारी हाथ लगी है। अब पंजाब के बजाए मध्य प्रदेश, राजस्थान के अलवर आदि से डोडा पोस्त, स्मैक को व्यापक स्तर पर तस्करी कर वेस्ट यूपी, हरियाणा, दिल्ली, बिहार में सप्लाई किया जा रहा है। नशा सप्लाई करने के लिए चिकनी मिट्टी, बर्तनों का सहारा लिया जा रहा है। उनके बीच में ही नशीले पदार्थों को रखकर लाया जाता है। हैरत की बात है कि गिरोह के सदस्य हाईवे किनारे होटल, ढाबों पर नशा सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस द्वारा पकड़े गए गिरोह के तीन सदस्यों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स सहारनपुर और झिंझाना पुलिस ने सोमवार की रात बिडौली के एक ढाबे से 12 क्विंटल 47 किलोग्राम डोडा पोस्त के साथ तीन आरोपी जलालाबाद के शहगाजीपुरा मोहल्ला निवासी नौशाद, हरियाणा के कुरुक्षेत्र के शाहाबाद के बलविंदर उर्फ बिंदर, सहारनपुर के गंगोह के मुस्तकीम को गिरफ्तार किया था, जबकि दो मौके से भाग गए थे।
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एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के प्रभारी मोरध्वज और झिंझाना थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य पिछले काफी समय से मध्य प्रदेश के मंदसौर, राजस्थान के अलवर से डोडा पोस्त, स्मैक आदि की तस्करी कर ट्रक में लाते हैं। पुलिस को शक न हो, इसके लिए ट्रक में ऊपर चिकनी मिट्टी, मिट्टी और तांबे के बर्तनों को रखते हैं, उनके बीच में कट्टों में नशीले पदार्थों को रखा जाता है।
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जांच में पता चला कि हर सप्ताह गिरोह के सदस्य शामली के अलावा सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर के अलावा हरियाणा के पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, रोहतक, दिल्ली, गाजियाबाद, बिहार के पटना, गया, भागलपुर के हाईवे किनारे होटल, ढाबों पर नशा सप्लाई करते हैं। एक गाड़ी को बताए गए ठिकाने पर पहुंचाने के बदले गिरोह के सदस्य चालक को 30 से लेकर 40 हजार रुपये तक मिलते थे। कई बार सीमेंट के कट्टों के बीच भी नशीले पदार्थों को रखकर लाया जाता था। यदि पुलिस चेकिंग करती थी तो सीमेंट, मिट्टी देखकर ट्रक को आगे जाने की परमिशन दे देती थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह के कई अन्य सदस्य भी ट्रेस किए गए हैं। जल्द ही गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया जाएगा।
- म्याऊं कोड वर्ड से मिलता है नशा
आरोपी नौशाद ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि पुलिस को उन पर शक नहीं हो, इसके लिए गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप पर ही एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं। पुलिस को उनके कोडवर्ड के बारे में लगातार जानकारी मिल रही थी। इसलिए अब नशा खरीदने वालों के लिए म्याऊं, जलजीरा आदि कोड वर्ड बनाए हैं। कोड वर्ड बताने पर ही नशा ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता था। पुलिस को आरोपी नौशाद के व्हाट्सएप ग्रुप में कई मोबाइल नंबर मिले हैं, जिनमें शामली, हरियाणा, दिल्ली के 20 से अधिक ढाबा मालिक भी हैं। सभी पर पुलिस ने जल्द शिकंजा कसने की बात कही है।
- गाड़ियों को खरीदकर प्रयोग में लाते हैं
पुलिस को जांच में पता चला है कि जिस गाड़ी से डोडा पोस्त बरामद किए गए हैं, वह लिलौन गांव अब्बास के नाम से खरीदी गई थी। गाड़ी किसी अन्य की है। पुलिस को शक है कि जिनके नाम गाड़ी है, उन्हें भी नशा बिक्री के बाद कमीशन बांटा जाता है। हालांकि, अभी इस तथ्य की जांच की जा रही है।
- ग्राहकों को लगा रहे नशे की लत
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य होटल, ढाबों पर पहुंचने वाले ग्राहकों को नशे की लत लगवा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील है कि नशे की बिक्री करने वालों की सूचना उन्हें दें, तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।