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पालिका में बिल ठीक कराने वालों का लगा तांता

Sat, 21 Sep 2019 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2019 12:09 AM IST
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Disturbance in the bills sent by building and burning
शामली। नगर पालिका की तरफ से लोगों को भवन एवं जलकर के भेजे गए बिल में गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। गलत बिल भेजने की शिकायतों को लेकर लोग रोजाना पालिका पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे 30 सितंबर तक टैक्स पर दी जा रही छूट का लाभ लेकर बिल जमा कराना चाहते है। मगर बिल गलत होने के कारण वे टैक्स जमा नहीं करा पा रहे हैं। अमर उजाला ने बिल में गड़बड़ी को लेकर पड़ताल की तो कई मामले ऐसे मामले सामने आए जिससे पालिका की लापरवाही उजागर हो रही थी।
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केस एक
पालिका की तरफ से भेजे गए भवन एवं जलकर के बिल को ठीक कराने पहुंची वार्ड-11 मोहल्ला रेलपार निवासी रामकली ने बताया कि उनका बिल साढ़े आठ हजार रुपये का भेजा गया है। पालिका कर्मियों ने उनके यहां किरायेदार होना बताया, जबकि उनके यहां कोई किराएदार नहीं है। उसने बताया कि बिल तो ठीक नहीं हुआ। पालिका कर्मियों ने लिखित में उनकी शिकायत लेकर जांच कराने का आश्वासन दिया गया है।
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केस दो
वार्ड-15 निवासी लालचंद ने बताया कि उन्होंने मार्च में पिछले साल का टैक्स 720 रुपये जमा कराया था। अब पालिका की तरफ से उनका भवन एवं जलकर 11225 रुपये का भेजा गया है। वह बिल ठीक कराने के लिए पालिका कार्यालय में गए। उन्हें रिकार्ड का मिलान कर ठीक करने की बात कही गई है।
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केस तीन
वार्ड-12 सीबी गुप्ता कालोनी निवासी जगनलाल ने बताया कि उनका बिल करीब 29 हजार रुपये का भेजा गया है। पालिका के कर्मचारियों ने उनके मकान में किरायेदार होना बताया गया है, जबकि उनके यहां किरायेदार नहीं है।
केस चार
वार्ड-1 में गणेश चौक मंदिर की देखभाल करने वाले मुकेश कुमार ने बताया कि पहले मंदिर का भवन एवं जलकर लगभग 200 रुपये आता था, लेकिन इस बार 12348 रुपये टैक्स का बिल मिला है। वे पालिका में ठीक कराने पहुंचेे, लेकिन अभी तक बिल ठीक नहीं हुआ।
तभी तो हुई केवल एक चौथाई टैक्स वसूली
शामली। नगरपालिका शामली ने चालू सत्र 2019-20 में भवन एवं जलकर वसूली का लक्ष्य चार करोड़, 65 लाख 29 हजार रुपये निर्धारित किया है। 30 सितंबर तक टैक्स जमा करने पर लोगों को भवन एवं जलकर में पांच-पांच प्रतिशत यानी कुल 10 प्रतिशत की छूट दी गई है। पालिका रिकार्ड के मुताबिक 31 अगस्त तक एक करोड़ छह लाख सात हजार रुपये टैक्स जमा हुआ था। इस महीने 19 सितंबर तक करीब 37 लाख 61 हजार रुपये टैक्स जमा हुआ है।
कंप्यूटर में अपडेट न होने से बनी समस्या
पालिका ने पिछले साल शहर में सर्वे कराया था। सर्वे के आधार पर पिछले साल 2018-19 के बिल भेजे गए थे। उस समय कुछ लोगों ने किरायेदार न होने व अन्य शिकायतें करते हुए गलत बिल भेजने की शिकायत की थी। इन शिकायतों को लेकर आपत्ति मांगी गई थी। मार्च माह में आपत्तियों पर सुनवाई कर निस्तारण किया गया था। इसके बाद अप्रैल माह तक पिछले साल का टैक्स जमा करने का मौका दिया गया था। बताया गया है कि उस समय टैक्स जमा होने की जो रसीद काटी गई थी। उनकी पालिका रजिस्टर में तो एंट्री कर दी गई थी, लेकिन कुछ रसीद कंप्यूटर में अपडेट नहीं हो पाई थी।

कोट
भवन एवं जलकर संबंधी कुछ बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं। उनकी पालिका रिकार्ड में जांच कराकर समाधान कराया जा रहा है। किराएदार न होने के बाद किरायेदारी पर टैक्स लगाने की शिकायतों के समाधान के लिए हर तीन माह में भवन मालिक से किराएदार न होने की सूचना देने को कहा गया है। पालिका कर्मचारी मौके पर जाकर इसका सत्यापन करेंगे। अगर मार्च तक कोई किराएदार नहीं पाया जाता तब किराएदारी में छूट देने पर विचार किया जाएगा।
- सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका।
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