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ऋण स्वीकृत करने में जिले के बैंक फिसड्डी
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शामली कलेक्ट्रेट सभागार में बैक कर्मियो की बैठक लेते डीएम
- फोटो : SHAMLI
शामली। बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में डीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि ऋण स्वीकृत करने में जिले में बैंक काफी पीछे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूहों को बैंक द्वारा किए जाने वाले ऋण स्वीकृत न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। बैंकों के शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द व्यवस्था में सुधार करें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक हुई। जिसमें डीएम द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूहों को बैंक द्वारा दिए जाने वाले ऋण के संबंध में जानकारी मांग। संबंधित अधिकारी ने बताया कि अधिकतर बैंकों द्वारा कई माह से फाइलों का निस्तारण नहीं किया गया है। निस्तारण न करने वाले बैंकों में एसबीआई बैंक एलम में दस माह से, यूको बैंक भभीसा में आठ माह से, इलाहाबाद बैंक ऊन में सात माह से फाइलें लंबित चल रही हैं। समूह की फाइलों का निस्तारण न किए जाने पर डीएम द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बैंकों के समन्वयक को कड़े निर्देश दिए। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी रचना शर्मा ने बताया कि अनुसूचित जाति के पात्र लाभार्थियों के लिए स्पेशल कंपोनेट प्लॉन की 295 फाइलें विभिन्न बैंकों की शाखाओं में स्वीकृति हेतु भेजी गई थी। जिनमें से मात्र 11 फाइलें ही स्वीकृत की गई। 20 फाइलें निरस्त कर दी गईं, शेष फाइलें लंबित चल रही हैं।
डीएम ने कहा कि कई बैंकों की लापरवाही के कारण पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल ऋण मोचन के तहत लाभ नहीं मिला है। बैंक कर्मचारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भविष्य में लापरवाही बरतने पर बैंकों के शाखा प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि कुनाल मोहन, एनआरएलएम के उपायुक्त शैलेश कुमार व्यास, जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर हरिशंकर सहित सभी बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।
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बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक हुई। जिसमें डीएम द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूहों को बैंक द्वारा दिए जाने वाले ऋण के संबंध में जानकारी मांग। संबंधित अधिकारी ने बताया कि अधिकतर बैंकों द्वारा कई माह से फाइलों का निस्तारण नहीं किया गया है। निस्तारण न करने वाले बैंकों में एसबीआई बैंक एलम में दस माह से, यूको बैंक भभीसा में आठ माह से, इलाहाबाद बैंक ऊन में सात माह से फाइलें लंबित चल रही हैं। समूह की फाइलों का निस्तारण न किए जाने पर डीएम द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बैंकों के समन्वयक को कड़े निर्देश दिए। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी रचना शर्मा ने बताया कि अनुसूचित जाति के पात्र लाभार्थियों के लिए स्पेशल कंपोनेट प्लॉन की 295 फाइलें विभिन्न बैंकों की शाखाओं में स्वीकृति हेतु भेजी गई थी। जिनमें से मात्र 11 फाइलें ही स्वीकृत की गई। 20 फाइलें निरस्त कर दी गईं, शेष फाइलें लंबित चल रही हैं।
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डीएम ने कहा कि कई बैंकों की लापरवाही के कारण पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल ऋण मोचन के तहत लाभ नहीं मिला है। बैंक कर्मचारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भविष्य में लापरवाही बरतने पर बैंकों के शाखा प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि कुनाल मोहन, एनआरएलएम के उपायुक्त शैलेश कुमार व्यास, जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर हरिशंकर सहित सभी बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।
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