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Shamli News: जिला न्यायालय व आवासीय भवनों का मिल सकता है बजट
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- नए जिलों में 700 करोड़ रुपये का बजट का रखा गया प्रावधान
- 420 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए अनावासीय भवनों के लिए
- शामली समेत दस जिलों के न्यायालयों के लिए 400 करोड़ के बजट की पहले हो चुकी घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बजट में नवसृजित जिलों में न्यायालयों के निर्माण के लिए 700 करोड़ के प्रावधान से जिला सत्र एवं न्यायाधीश कार्यालय एवं आवासीय भवनों की धनराशि अवमुक्त होने का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही यूपी कैबिनेट की बैठक में जिले के आधुनिक न्यायालय का प्रस्ताव पेश होगा। जिसमें नवसृजित जिलों में जिला न्यायालय, आवासीय भवनों के निर्माण के बजट की मंजूरी मिल जाएगी।
28 सितंबर 2011 को जिला बनने के बाद पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी, मुंडेट, बधेव और भैंसवाल गांव में नवीन जिला मुख्यालय घोषित किया गया था। गोहरनी गांव में जिला न्यायालय एवं आवासीय भवनों के लिए 50 एकड़ भूमि जिला प्रशासन की ओर से आरक्षित है। शासन के निर्देश पर जिला न्यायालय एवं आवासीय भवनों की चहारदीवारी का निर्माण 3.75 करोड़ की लागत से हो चुका है। तीन साल पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले के न्यायालय और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 295 करोड़ का एस्टीमेट तैयार करके डीएम जसजीत कौर ने शासन को भेजा था।
दो माह पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुजरात मॉडल की तर्ज पर शामली समेत दस नवसृजित जिलों में आधुनिक न्यायालय निर्माण के लिए 400 करोड़ का बजट दिए जाने की घोषणा की थी। शामली समेत दस जिलों में आधुनिक जिला न्यायालयों के निर्माण के लिए बजट मंगलवार को होने वाली यूपी कैबिनेट बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। जल्दी ही यूपी कैबिनेट की बैठक में दस जिलों की जिला न्यायालयों का बजट पारित होने के बाद निर्माण होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, यूपी सरकार के वर्ष 2023-24 मे नवसृजित जिलों में पायलट योजना के तहत जिला न्यायालयों के निर्माण के लिए 700 करोड़ की व्यवस्था की है।
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इसके अलावा अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 420 करोड़ की व्यवस्था की गई है। नए जिलों में पुलिस अधिकारियों के आवासों के लिए एक हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था का बजट में दी गई है। जिला मुख्यालय पर एसपी, एएसपी आवास नहीं है। अस्थाई रूप से सभी अधिकारी रहने की व्यवस्था है। जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर पुलिस के अफसरों के लिए डीएम आवास कॉलोनी के पास भूमि आरक्षित है। जिले में पुलिस अफसरों का आवासीय भवन का बजट की व्यवस्था होने से निर्माण का रास्ता साफ हो सकता है।
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- 420 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए अनावासीय भवनों के लिए
- शामली समेत दस जिलों के न्यायालयों के लिए 400 करोड़ के बजट की पहले हो चुकी घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बजट में नवसृजित जिलों में न्यायालयों के निर्माण के लिए 700 करोड़ के प्रावधान से जिला सत्र एवं न्यायाधीश कार्यालय एवं आवासीय भवनों की धनराशि अवमुक्त होने का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही यूपी कैबिनेट की बैठक में जिले के आधुनिक न्यायालय का प्रस्ताव पेश होगा। जिसमें नवसृजित जिलों में जिला न्यायालय, आवासीय भवनों के निर्माण के बजट की मंजूरी मिल जाएगी।
28 सितंबर 2011 को जिला बनने के बाद पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी, मुंडेट, बधेव और भैंसवाल गांव में नवीन जिला मुख्यालय घोषित किया गया था। गोहरनी गांव में जिला न्यायालय एवं आवासीय भवनों के लिए 50 एकड़ भूमि जिला प्रशासन की ओर से आरक्षित है। शासन के निर्देश पर जिला न्यायालय एवं आवासीय भवनों की चहारदीवारी का निर्माण 3.75 करोड़ की लागत से हो चुका है। तीन साल पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले के न्यायालय और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 295 करोड़ का एस्टीमेट तैयार करके डीएम जसजीत कौर ने शासन को भेजा था।
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दो माह पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुजरात मॉडल की तर्ज पर शामली समेत दस नवसृजित जिलों में आधुनिक न्यायालय निर्माण के लिए 400 करोड़ का बजट दिए जाने की घोषणा की थी। शामली समेत दस जिलों में आधुनिक जिला न्यायालयों के निर्माण के लिए बजट मंगलवार को होने वाली यूपी कैबिनेट बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। जल्दी ही यूपी कैबिनेट की बैठक में दस जिलों की जिला न्यायालयों का बजट पारित होने के बाद निर्माण होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, यूपी सरकार के वर्ष 2023-24 मे नवसृजित जिलों में पायलट योजना के तहत जिला न्यायालयों के निर्माण के लिए 700 करोड़ की व्यवस्था की है।
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इसके अलावा अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 420 करोड़ की व्यवस्था की गई है। नए जिलों में पुलिस अधिकारियों के आवासों के लिए एक हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था का बजट में दी गई है। जिला मुख्यालय पर एसपी, एएसपी आवास नहीं है। अस्थाई रूप से सभी अधिकारी रहने की व्यवस्था है। जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर पुलिस के अफसरों के लिए डीएम आवास कॉलोनी के पास भूमि आरक्षित है। जिले में पुलिस अफसरों का आवासीय भवन का बजट की व्यवस्था होने से निर्माण का रास्ता साफ हो सकता है।