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Shamli News: डायरी और दस्तावेज खोलेंगे पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंटों का राज
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शामली नोकुआा रोड पर आइएसआइ एजेंट कलीम के घर पहुंची एनआईए । संवाद
शामली। शहर के मोहल्ला नौकुआं रोड बर्फ वाली गली में सुबह करीब चार बजे एनआईए टीम ने स्थानीय पुलिस बल के साथ जैसे ही दबिश दी तो मोहल्ले में दहशत बन गई। ज्यादातर घरों से लोग बाहर नहीं निकले। टीम के जाने के बाद लोग एक दूसरे से जानकारी करते रहे।
टीम ने आईएसआई एजेंट कलीम के भाई तहसीम के मकान पर जहां सील लगा दी। वहीं डायरी और अन्य दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। माना जा रहा है कि डायरी और दस्तावेजों से ही पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंटों का रोज खुलेगा। मकान के अंदर भी कुछ ऐसी गतिविधियां रही है, जिसके कारण एनआईए को मकान पर सील लगाने को मजबूर होना पड़ा। मंगलवार सुबह एनआईए टीम जैसे ही बर्फ वाली गली में पहुंची तो उस समय लोग सोए हुए थे, लेकिन जैसे ही बाहर की टीम आने की सूचना मिली तो लोगों में खलबली मच गई। छापे की इस कार्रवाई के दौरान एनआईए टीम के साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन के मिलाकर लगभग 1ृ5-16 लोग शामिल थे। गली में दूर तक बड़ी संख्या में पुलिस बल को देखकर ज्यादातर लोग घर से बाहर नहीं निकले। टीम ने कुछ स्थानीय लोगों से भी कलीम व उसके भाई तहसीम समेत उनके परिवार के सदस्यों व उनके कार्यों व गतिविधियाें के बारे में पूछताछ की। टीम ने नफीस के घर की बारीकी से तलाशी ली। इसके अलावा इसी गली में स्थित नफीस के दूसरे मकान, जिसमे तहसीम रहता था, उसकी भी तलाशी लेकर गहनता से जांच की। यहां से टीम ने डायरी, तहसीम के अलग-अलग दो फोटो व अन्य कुछ सामान कब्जे में लिया जबकि नफीस के घर से तलाशी के दौरान उनके पाकिस्तान की जेल से रिहा होने संबंधी फाइल को कब्जे में लिया। इसके बाद कलीम के पिता नफीस, मां आमना समेत परिवार के सभी सदस्याें से तहसीम के बारे में जानकारी जुटाई। संवाद
नफीस ने कहा, तीन साल से नहीं तहसीम से कोई संंबंध
कलीम के पिता नफीस ने बताया कि दिल्ली की टीम ने उनके घर की तलाशी ली। इससे पहले टीम ने उसके दूसरे घर की तलाशी ली, जिसमें तहसीम रहता था। उन्होंने बताया कि तहसीम से उनका तीन साल से कोई संबंध नहीं है। उससे बोलचाल तक भी नहीं है। वह कहां है, क्या करता है, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। नफीस का कहना है कि तहसीम की पत्नी की मौत के बाद उसके दोनों बच्चे अपने ननिहाल में रहते हैं। नफीस ने बताया कि जिस घर में तहसीम अपने परिवार के साथ रहता था, वह मकान भी मेरा है। वह मकान तहसीम को रहने के लिए दे रखा था। उस मकान को टीम ने सील कर दिया। सील क्यों किया, इसके बारे में टीम ने उन्हें कुछ नहीं बताया।
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सरकार ने उनकी मदद की, तभी वे पाकिस्तान जेल से हुए थे रिहा
कलीम के पिता नफीस ने बताया कि 23 जुलाई 2022 को पाकिस्तान से अपने वतन भारत लौटते समय कस्टम विभाग के अधिकारियों ने उसे, उसकी पत्नी आमना और कलीम को गिरफ्तार कर लिया था। वे एक साल से अधिक समय तक पाकिस्तान की जेल में बंद रहे। भारत सरकार और प्रशासन ने पाकिस्तान की जेल से रिहा कराने में उनकी व उनके परिवार की पूरी मदद की। उसी की बदौलत वे आज अपने घर पर हैं। नफीस, उसकी पत्नी आमना व पुत्र कलीम तीनों लोग पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद 12 अगस्त को अपने घर पहुंचे थे। इसके छह दिन बाद ही एसटीएफ ने कलीम को गिरफ्तार कर लिया था। नफीस का कहना है कि वे पुलिस-प्रशासन व अन्य किसी भी जांच एजेंसी का पूरा सहयोग कर रहे हैं।
एक बार फिर बर्फ वाली गली चर्चा में आई
शामली। देश विरोधी गतिविधियाें में शामिल होने के आरोप में कई लोगों के नाम सामने आने पर मोहल्ला नौकुआं रोड बर्फ वाली गली पूर्व में भी चर्चाओं में रही है। 17 अगस्त को कलीम को आईएसआई एजेंट के आरोप में पकड़े जाने पर यह गली चर्चाओं में रही थी। इससे कुछ दिन पहले ही इसी गली में रहने वाले इमरान को एसटीएफ ने नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने शामली कोतवाली में इमरान, उसके भाई समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में कलीम का भाई तहसीम भी नामजद हुआ था। पहले भी जाली करेंसी को लेकर तो कभी अवैध हथियाराें की तस्करी के मामले में टीमें व जांच एजेंसियां दबिश देती रही है।
इन सवालों के जवाब अभी बाकी
: आखिर तहसीम के मकान पर एनआईए को सील लगाने की नौबत क्यों आई?
: फरार तहसीम को अभी तक पुलिस, एसटीएफ या फिर एनआईए गिरफ्तार क्यों नहीं कर सकी।
: सहारनपुर के सिम विक्रेता अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है?
: एनआईए ने कलीम के परिजनों से फिर से पूछताछ करने की बात कहीं है, कहीं कोई बड़ा क्लू तो टीम को नहीं मिल गया।
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टीम ने आईएसआई एजेंट कलीम के भाई तहसीम के मकान पर जहां सील लगा दी। वहीं डायरी और अन्य दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। माना जा रहा है कि डायरी और दस्तावेजों से ही पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंटों का रोज खुलेगा। मकान के अंदर भी कुछ ऐसी गतिविधियां रही है, जिसके कारण एनआईए को मकान पर सील लगाने को मजबूर होना पड़ा। मंगलवार सुबह एनआईए टीम जैसे ही बर्फ वाली गली में पहुंची तो उस समय लोग सोए हुए थे, लेकिन जैसे ही बाहर की टीम आने की सूचना मिली तो लोगों में खलबली मच गई। छापे की इस कार्रवाई के दौरान एनआईए टीम के साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन के मिलाकर लगभग 1ृ5-16 लोग शामिल थे। गली में दूर तक बड़ी संख्या में पुलिस बल को देखकर ज्यादातर लोग घर से बाहर नहीं निकले। टीम ने कुछ स्थानीय लोगों से भी कलीम व उसके भाई तहसीम समेत उनके परिवार के सदस्यों व उनके कार्यों व गतिविधियाें के बारे में पूछताछ की। टीम ने नफीस के घर की बारीकी से तलाशी ली। इसके अलावा इसी गली में स्थित नफीस के दूसरे मकान, जिसमे तहसीम रहता था, उसकी भी तलाशी लेकर गहनता से जांच की। यहां से टीम ने डायरी, तहसीम के अलग-अलग दो फोटो व अन्य कुछ सामान कब्जे में लिया जबकि नफीस के घर से तलाशी के दौरान उनके पाकिस्तान की जेल से रिहा होने संबंधी फाइल को कब्जे में लिया। इसके बाद कलीम के पिता नफीस, मां आमना समेत परिवार के सभी सदस्याें से तहसीम के बारे में जानकारी जुटाई। संवाद
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नफीस ने कहा, तीन साल से नहीं तहसीम से कोई संंबंध
कलीम के पिता नफीस ने बताया कि दिल्ली की टीम ने उनके घर की तलाशी ली। इससे पहले टीम ने उसके दूसरे घर की तलाशी ली, जिसमें तहसीम रहता था। उन्होंने बताया कि तहसीम से उनका तीन साल से कोई संबंध नहीं है। उससे बोलचाल तक भी नहीं है। वह कहां है, क्या करता है, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। नफीस का कहना है कि तहसीम की पत्नी की मौत के बाद उसके दोनों बच्चे अपने ननिहाल में रहते हैं। नफीस ने बताया कि जिस घर में तहसीम अपने परिवार के साथ रहता था, वह मकान भी मेरा है। वह मकान तहसीम को रहने के लिए दे रखा था। उस मकान को टीम ने सील कर दिया। सील क्यों किया, इसके बारे में टीम ने उन्हें कुछ नहीं बताया।
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सरकार ने उनकी मदद की, तभी वे पाकिस्तान जेल से हुए थे रिहा
कलीम के पिता नफीस ने बताया कि 23 जुलाई 2022 को पाकिस्तान से अपने वतन भारत लौटते समय कस्टम विभाग के अधिकारियों ने उसे, उसकी पत्नी आमना और कलीम को गिरफ्तार कर लिया था। वे एक साल से अधिक समय तक पाकिस्तान की जेल में बंद रहे। भारत सरकार और प्रशासन ने पाकिस्तान की जेल से रिहा कराने में उनकी व उनके परिवार की पूरी मदद की। उसी की बदौलत वे आज अपने घर पर हैं। नफीस, उसकी पत्नी आमना व पुत्र कलीम तीनों लोग पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद 12 अगस्त को अपने घर पहुंचे थे। इसके छह दिन बाद ही एसटीएफ ने कलीम को गिरफ्तार कर लिया था। नफीस का कहना है कि वे पुलिस-प्रशासन व अन्य किसी भी जांच एजेंसी का पूरा सहयोग कर रहे हैं।
एक बार फिर बर्फ वाली गली चर्चा में आई
शामली। देश विरोधी गतिविधियाें में शामिल होने के आरोप में कई लोगों के नाम सामने आने पर मोहल्ला नौकुआं रोड बर्फ वाली गली पूर्व में भी चर्चाओं में रही है। 17 अगस्त को कलीम को आईएसआई एजेंट के आरोप में पकड़े जाने पर यह गली चर्चाओं में रही थी। इससे कुछ दिन पहले ही इसी गली में रहने वाले इमरान को एसटीएफ ने नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने शामली कोतवाली में इमरान, उसके भाई समेत कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में कलीम का भाई तहसीम भी नामजद हुआ था। पहले भी जाली करेंसी को लेकर तो कभी अवैध हथियाराें की तस्करी के मामले में टीमें व जांच एजेंसियां दबिश देती रही है।
इन सवालों के जवाब अभी बाकी
: आखिर तहसीम के मकान पर एनआईए को सील लगाने की नौबत क्यों आई?
: फरार तहसीम को अभी तक पुलिस, एसटीएफ या फिर एनआईए गिरफ्तार क्यों नहीं कर सकी।
: सहारनपुर के सिम विक्रेता अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है?
: एनआईए ने कलीम के परिजनों से फिर से पूछताछ करने की बात कहीं है, कहीं कोई बड़ा क्लू तो टीम को नहीं मिल गया।