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Shamli News: नगरीय निकायों के स्वच्छता सर्वेक्षण में ढाबों का होगा सर्वे
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स्वच्छता सर्वेक्षण में ढाबों का होगा सर्वे
शामली। स्वच्छ भारत मिशन नगरीय 2.0 के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में नगरीय निकायों के क्षेत्र में सड़क किनारे स्थित ढाबों व रेस्टोरेंटों को भी सर्वे में शामिल किया गया है। ढाबों पर सफाई रखने के लिए स्वच्छ ढाबा अभियान शुरू किया गया है। सर्वे के दौरान मानकों पर खरा उतरने वाले ढाबों को रेटिंग के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) उप्र ने नगरीय निकायों में स्वच्छ ढाबा अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत 12 जनवरी तक नगर निकायों में मुख्य मार्गों पर स्थित ढाबा व रेस्टोरेंट से रोजाना निकलने वाले अपशिष्ट को वैज्ञानिक विधि से स्वत: निस्तारित करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन की टीम द्वारा प्रेरित किया जाएगा। चिह्नित किए गए ढाबों व रेस्टोरेंटों का सर्वे विशेष टीम द्वारा किया जाएगा। इसके बाद मानकों पर खरा उतरने वाले ढाबों को पुरस्कृत किया जाएगा। नगरपालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश सैनी ने बताया कि स्वच्छ ढाबा अभियान से जहां ढाबों में स्वच्छता बेहतर उपलब्ध होगी, वहीं ढाबों व रेस्टोरेंटों पर पहुंचने वाले लोग भी स्वच्छता के प्रति जागरूक होंगे। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक उत्तम सिंह पूनिया ने बताया कि स्वच्छ ढाबा अभियान के तहत जिले की सभी नगर निकायों में सड़क किनारे ढाबों को चिह्नित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत ढाबों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जाएगा और स्वच्छता के मानकों को पूरा करने वाले ढाबों को पुरस्कृत किया जाएगा।
-
इस तरह चलेगा अभियान
- पांच से 12 जनवरी तक : चिह्नित ढाबों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन।
- 13 जनवरी से 20 मार्च तक : चिह्नित ढाबों की मॉनिटरिंग
- 20 मार्च से 31 मार्च तक : रेटिंग के आधार पर ढाबों का पुरस्कार वितरण
-
एक स्टार रेटिंग के मानक
- सिंगल यूज प्लास्टिक और प्लास्टिक कटलरी का प्रयोग ढाबे में नहीं किया जाए।
- सार्वजनिक उपयोग के लिए हरे और नीले रंग के दो डिब्बे ढाबे में लगे हों।
- ढाबे में गीले और सूखा कचरा को अलग-अलग करना और उसका निस्तारण हो।
- ढाबे में लोगों के लिए शौचालय साफ होना चाहिए और ओडीएफ श्रेणी की शर्तों को पूरा करे।
- गूगल मैप या टॉयलेट लोकेटर पर ढाबे के शौचालय की लोकेशन अपलोड हो।
- ढाबों के आसपास कूड़े का ढेर न हो।
- ढाबों पर चित्रों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश हो।
- तीन स्टार रेटिंग के मानक
- एक स्टार की सभी शर्तों को पूरा करना।
- ढाबे में गीले अपशिष्ट (कंपोस्टिंग या कांपैक्ट बायोगैस) की उपलब्धता हो।
- ढाबे में साफ पार्किंग, सुंदरीकरण हो।
- पांच स्टार के मानक
- एक और तीन स्टार की सभी शर्तों को पूरा करना।
- ढाबे पर गीला और सूखा दोनों तरह के कचरे का पुन: उपयोग स्वयं के स्तर पर करना।
- ढाबा जीरो वेस्ट और तीन आर (रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल) को फॉलो करना।
- ढाबे पर वेस्ट टू वंडर (आइटम), सेल्फी प्वाइंट (कचरे से बना) बना हो।
- ढाबे पर बेकार सामग्री से बने सामान को बेचने के लिए छोटा स्टॉल हो, जिससे लोग उसे देखकर प्रोत्साहित हों।
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शामली। स्वच्छ भारत मिशन नगरीय 2.0 के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में नगरीय निकायों के क्षेत्र में सड़क किनारे स्थित ढाबों व रेस्टोरेंटों को भी सर्वे में शामिल किया गया है। ढाबों पर सफाई रखने के लिए स्वच्छ ढाबा अभियान शुरू किया गया है। सर्वे के दौरान मानकों पर खरा उतरने वाले ढाबों को रेटिंग के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) उप्र ने नगरीय निकायों में स्वच्छ ढाबा अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत 12 जनवरी तक नगर निकायों में मुख्य मार्गों पर स्थित ढाबा व रेस्टोरेंट से रोजाना निकलने वाले अपशिष्ट को वैज्ञानिक विधि से स्वत: निस्तारित करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन की टीम द्वारा प्रेरित किया जाएगा। चिह्नित किए गए ढाबों व रेस्टोरेंटों का सर्वे विशेष टीम द्वारा किया जाएगा। इसके बाद मानकों पर खरा उतरने वाले ढाबों को पुरस्कृत किया जाएगा। नगरपालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश सैनी ने बताया कि स्वच्छ ढाबा अभियान से जहां ढाबों में स्वच्छता बेहतर उपलब्ध होगी, वहीं ढाबों व रेस्टोरेंटों पर पहुंचने वाले लोग भी स्वच्छता के प्रति जागरूक होंगे। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक उत्तम सिंह पूनिया ने बताया कि स्वच्छ ढाबा अभियान के तहत जिले की सभी नगर निकायों में सड़क किनारे ढाबों को चिह्नित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत ढाबों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जाएगा और स्वच्छता के मानकों को पूरा करने वाले ढाबों को पुरस्कृत किया जाएगा।
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इस तरह चलेगा अभियान
- पांच से 12 जनवरी तक : चिह्नित ढाबों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन।
- 13 जनवरी से 20 मार्च तक : चिह्नित ढाबों की मॉनिटरिंग
- 20 मार्च से 31 मार्च तक : रेटिंग के आधार पर ढाबों का पुरस्कार वितरण
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एक स्टार रेटिंग के मानक
- सिंगल यूज प्लास्टिक और प्लास्टिक कटलरी का प्रयोग ढाबे में नहीं किया जाए।
- सार्वजनिक उपयोग के लिए हरे और नीले रंग के दो डिब्बे ढाबे में लगे हों।
- ढाबे में गीले और सूखा कचरा को अलग-अलग करना और उसका निस्तारण हो।
- ढाबे में लोगों के लिए शौचालय साफ होना चाहिए और ओडीएफ श्रेणी की शर्तों को पूरा करे।
- गूगल मैप या टॉयलेट लोकेटर पर ढाबे के शौचालय की लोकेशन अपलोड हो।
- ढाबों के आसपास कूड़े का ढेर न हो।
- ढाबों पर चित्रों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश हो।
- तीन स्टार रेटिंग के मानक
- एक स्टार की सभी शर्तों को पूरा करना।
- ढाबे में गीले अपशिष्ट (कंपोस्टिंग या कांपैक्ट बायोगैस) की उपलब्धता हो।
- ढाबे में साफ पार्किंग, सुंदरीकरण हो।
- पांच स्टार के मानक
- एक और तीन स्टार की सभी शर्तों को पूरा करना।
- ढाबे पर गीला और सूखा दोनों तरह के कचरे का पुन: उपयोग स्वयं के स्तर पर करना।
- ढाबा जीरो वेस्ट और तीन आर (रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल) को फॉलो करना।
- ढाबे पर वेस्ट टू वंडर (आइटम), सेल्फी प्वाइंट (कचरे से बना) बना हो।
- ढाबे पर बेकार सामग्री से बने सामान को बेचने के लिए छोटा स्टॉल हो, जिससे लोग उसे देखकर प्रोत्साहित हों।