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Shamli News: जानकी की विदाई का प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भाव विभोर

Sun, 08 Oct 2023 12:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 08 Oct 2023 12:21 AM IST
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Devotees were emotional after hearing the incident of Janaki's farewell.
शामली कैराना रोड पर श्री राम कथा करते संत प्रवर विजय कौशल जी महराज
शामली। संत प्रवर विजय कौशल महाराज ने श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए प्रभु श्रीराम और जानकी के विवाह का मनोहारी वर्णन किया। जानकी की विदाई के प्रसंग में उन्होंने बेटी की विदाई का हृदय स्पर्शी वर्णन किया, जिससे श्रोताओं की आंखें नम कर हो गई।
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कैराना मार्ग पर स्थित फार्म में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन संत प्रवर विजय कौशल महाराज ने कहा कि राजा जनक ने बरात का निमंत्रण पत्र दो दूतों के माध्यम से अवध को भेजा। महाराज दशरथ ने संदेश की पत्रिका स्वयं ही सिंहासन से उठकर दूतों से ली। पत्रिका पढ़कर दशरथ के नेत्रों से खुशी की अश्रु धारा बहने लगी। राजा दशरथ के पूछने पर दूतों ने राम और लक्ष्मण की छवि का वर्णन करते हुए कहा कि जब से हमने उन्हें देखा है तब से और कुछ दिखाई देना ही बंद हो गया है
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गुरु वशिष्ठ की आज्ञा पाकर महाराज दशरथ सुसज्जित बरात लेकर जनकपुर के लिए प्रस्थान करते हैं। भगवान श्रीराम अश्व पर सवार होकर दूल्हे के रूप में प्रस्थान करते हैं। गुरु वशिष्ठ के परामर्श पर भरत का विवाह मांडवी से, उर्मिला का विवाह लक्ष्मण से और श्रुति कीर्ति का विवाह शत्रुघ्न के साथ एक ही मंडप में कराया गया। विवाह उत्सव के बाद में कोहबर की सबसे मधुर और रसीली रस्म का विजय कौशल महाराज ने अपने मुखारविंद से सरस वर्णन किया। इसके बाद जानकी की विदाई के प्रसंग में कथा व्यास ने जगत की बेटी की विदाई को जोड़ते हुए बहुत ही करुण तथा मर्मस्पर्शी शब्द चित्रण किया। उन्होंने पिता और पुत्री के संबंध को सबसे पवित्र बताते हुए जानकी की विदाई के दौरान महाराज जनक और सुनैना की दशा का वर्णन किया तो पंडाल में मौजूद सभी श्रोताओं के नेत्रों से आंसुओं की धारा बह निकली। कथा के मुख्य यजमान अखिल बंसल व सारिका बंसल रहे। कथा के आयोजन में पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, रोबिन गर्ग, सपन मित्तल, प्रदीप मंगल, सतीश कुमार, रामकुमार, राजकुमार कुच्लछ, सुनील कुमार, कमलेश, शिवानी आदि का विशेष सहयोग रहा।
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