कान्हा के जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्घालु, गूंजी बधाई
शामली। कान्हा का जन्मोत्सव जिले में धूमधाम से मनाया गया। ज्यादातर भक्तों ने घरों पर ही पूजा की, जबकि कुछ मंदिरों में भी पहुंचे। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों में झांकियों का आयोजन नहीं किया गया। मंदिरों को झालरों से सजाया गया था और पुजारियों ने आरती कर लड्डू गोपाल को भोग लगाया।
मंगलवार और बुधवार दोनों दिन जिले में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया गया। काफी संख्या में भक्तों ने बुधवार को भी व्रत रख कान्हा का पूजन किया। घरों में लड्डू गोपाल को सजाकर भोग लगाया गया। हनुमान धाम, शिव चौक मंदिर, बलभद्र मंदिर, सत्यनारायण मंदिर आदि को सजाया गया, लेकिन मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या बेहद कम रही। पुजारियों और मंदिर कमेटी के सदस्यों ने भी पूजा-पाठ कर कान्हा को भोग लगाया।
गश्त करती रही पुलिस
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में बड़े आयोजन न हो इसे लेकर पुलिस गश्त करती रही। पुलिस विभिन्न मंदिरों में झांकियों के संबंध में जानकारी लेती रही। इस बार झांकियां सजाने पर पूरी तरह रोक थी। साथ ही भक्तों को भी मंदिर आने के लिए मनाही थी। इसलिए इक्का-दुक्का भक्त ही मंदिर पहुंचे।
जन्माष्टमी पर मंदिर सजे पर नहीं पहुंचे श्रद्धालु
कांधला। बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्करहा। थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने सभी मंदिर की समितियों के पदाधिकारियों से कहा कि किसी भी आयोजन पर प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में प्रशासन के आदेशों को उल्लंघन न करें। मंदिरों को सजाया गया। घरों में लड्डू गोपाल की सुंदर झांकियों को सजाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। बच्चों को श्रीकृष्ण और राधा के रूप में सजाया गया।
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लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक
गढ़ीपुख्ता। कस्बे व क्षेत्र के गांवों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर घर-घर बधाई गीत गाए गए तथा लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक किया गया। कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर, भैंसवाल, मालैंडी, पेलखा, ओदरी, राझड़, ताना, गढ़ी अबदुल्ला खां, मानकपुर, कैलशिकारपुर, खेड़की, दुल्लाखेडी, भाट्टू आदि में मंदिरों को सजाया गया तथा अंदर झांकियां भी सजीं। श्रद्धालुओं को आने की अनुमति नहीं थी। इसलिए केवल पुजारियों ने ही पूजा पाठ कर बाल गोपाल को भोग लगाया।
बाबरी। बाबरी के दुर्गा मंदिर, सनातन मंदिर, गांव कैंडी के शिव मंदिर, हिरनवाड़ा के शिव मंदिर में जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को फूलों के झूले में झुलाया व संगीत कर प्रसाद वितरण किया गया। मंदिरों में ज्यादा भक्तों को आने की अनुमति नहीं थी। इसलिए ज्यादातर ने घरों में रहकर ही पूजा-पाठ किया।

ामली मंदिर में लडडू गोपाल के पालने को झुलाती महिला- फोटो : SHAMLI

शामली कान्हा के रूप में सजे बच्चे का फोटो खिचती महिला- फोटो : SHAMLI

शामली मंदिर में लडडू गोपाल के पालने को झुलाती महिला- फोटो : SHAMLI

शामली रंग बिरंगी रोशनी से सजा शिवचौक- फोटो : SHAMLI

शामली मन्दिर में लडडू गोपाल के पालने को झुलाती महिला- फोटो : SHAMLI

शामली सत्यनारयण मन्दिर में सजी राधा कृष्ण की मुर्ति- फोटो : SHAMLI

शामली हनुमान धाम पर श्री कृष्ण जन्मष्टमी पर पुजन करते पंडित- फोटो : SHAMLI

शामली हनुमान धाम पर श्री कृष्ण जन्मष्टमी पर पुजन करते पंडित- फोटो : SHAMLI

शामलीश्री कृष्ण जन्मष्टमी पर खरिदारी करती युवती- फोटो : SHAMLI

शामलीश्री कृष्ण जन्मष्टमी पर खरिदारी करती महिला व बच्चे- फोटो : SHAMLI

शामली में श्री कृष्ण जन्मष्टमी पर रंग बिरंगी रोशनी से सजा हनुमान धाम- फोटो : SHAMLI

शामली में श्री कृष्ण जन्मष्टमी पर रंग बिरंगी रोशनी से सजा गुरू गोरखनाथ मन्दिर- फोटो : SHAMLI

शामली में श्री कृष्ण जन्मष्टमी पर रंग बिरंगी रोशनी से सजा हनुमान धाम- फोटो : SHAMLI