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पशुओं में फैला रोग, अस्पताल में डॉक्टर नहीं
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गायों में तेजी से फैल रही लंपी महामारी
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में लंपी महामारी का प्रकोप दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। लंपी संक्रमण के चलते जिले में कई पशुओं की मौत हो चुकी है। वहीं, अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने से गोवंश का जीवन संकट में आ गया है। अब हालत ये हैं कि निजी डाक्टरों से महंगा इलाज कराने से पशुपालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हसनपुर लुहारी गांव के पशु चिकित्सालय पर आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांव लगते हैं। जहां के पशुपालक अपने पशुओं का इलाज कराने के लिए आते थे। अब पशुओं में तेजी से फैल रही लंपी महामारी से पशुओं की मौत हो रही है। पशुपालक नरेंद्र की गाय ने बुधवार सुबह बीमारी के चलते दम तोड़ दिया। वहीं, अस्पताल में चिकित्सक में नहीं बैठते हैं। हसनपुर लुहारी में डॉ. पंकज कुमार की तैनाती है। उन पर हसनपुर लुहारी के साथ थानाभवन, जलालाबाद व बाबरी पशु चिकित्सालय की भी जिम्मेदारी है। स्थिति यह है कि एक चिकित्सक के पास क्षेत्र के चार बड़े चिकित्सालयों की जिम्मेदारी है। जिस कारण वह एक स्थान पर भी पर्याप्त ड्यूटी नहीं दे पाते हैं।
यही वजह है कि पशुपालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर के नियमित रूप से उपस्थित न होने के कारण पशुपालक मजबूरी में निजी चिकित्सकों से उपचार कराने को मजबूर हैं। निजी चिकित्सक पशुपालकों से मनमाने दाम वसूल कर उनकी दिक्कतों को ओर बढ़ा रहे हैं।
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पशुपालकों की बढ़ी चिंता
पशुओं में फैली महामारी से पशुपालकों में चिंता बढ़ती जा रही है। पशुओं में गांठ अधिक होती देख पशुपालकों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ जाती हैं। वहीं, दुधारू पशु दूध देना बंद कर देते हैं। साथ ही पशुओं की भी चिंता होने लगती है।
मेरे पास पशु चिकित्सालय थाना भवन, बाबरी, जलालाबाद हसनपुर लुहारी का चार्ज है। उसके बाद भी कोशिश है कि सभी पशु चिकित्सालय में पहुंचकर पशु की देखभाल की जा सके।-पंकज कुमार, पशु चिकित्सालय प्रभारी हसनपुर लुहारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में लंपी महामारी का प्रकोप दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। लंपी संक्रमण के चलते जिले में कई पशुओं की मौत हो चुकी है। वहीं, अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने से गोवंश का जीवन संकट में आ गया है। अब हालत ये हैं कि निजी डाक्टरों से महंगा इलाज कराने से पशुपालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हसनपुर लुहारी गांव के पशु चिकित्सालय पर आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांव लगते हैं। जहां के पशुपालक अपने पशुओं का इलाज कराने के लिए आते थे। अब पशुओं में तेजी से फैल रही लंपी महामारी से पशुओं की मौत हो रही है। पशुपालक नरेंद्र की गाय ने बुधवार सुबह बीमारी के चलते दम तोड़ दिया। वहीं, अस्पताल में चिकित्सक में नहीं बैठते हैं। हसनपुर लुहारी में डॉ. पंकज कुमार की तैनाती है। उन पर हसनपुर लुहारी के साथ थानाभवन, जलालाबाद व बाबरी पशु चिकित्सालय की भी जिम्मेदारी है। स्थिति यह है कि एक चिकित्सक के पास क्षेत्र के चार बड़े चिकित्सालयों की जिम्मेदारी है। जिस कारण वह एक स्थान पर भी पर्याप्त ड्यूटी नहीं दे पाते हैं।
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यही वजह है कि पशुपालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर के नियमित रूप से उपस्थित न होने के कारण पशुपालक मजबूरी में निजी चिकित्सकों से उपचार कराने को मजबूर हैं। निजी चिकित्सक पशुपालकों से मनमाने दाम वसूल कर उनकी दिक्कतों को ओर बढ़ा रहे हैं।
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पशुपालकों की बढ़ी चिंता
पशुओं में फैली महामारी से पशुपालकों में चिंता बढ़ती जा रही है। पशुओं में गांठ अधिक होती देख पशुपालकों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ जाती हैं। वहीं, दुधारू पशु दूध देना बंद कर देते हैं। साथ ही पशुओं की भी चिंता होने लगती है।
मेरे पास पशु चिकित्सालय थाना भवन, बाबरी, जलालाबाद हसनपुर लुहारी का चार्ज है। उसके बाद भी कोशिश है कि सभी पशु चिकित्सालय में पहुंचकर पशु की देखभाल की जा सके।-पंकज कुमार, पशु चिकित्सालय प्रभारी हसनपुर लुहारी