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एचबी कम होने से लौटना पड़ा मायूस
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शामली। शिविर में रक्तदान के लिए पहुंची कुछ युवतियां और महिलाएं हिमोग्लोबिन की जांच में फेल हो गईं। जबकि कुछ लोगों को तापमान का मानक पूरा ना करने पर अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।
रासेयो की युवा वॉलियंटर खुशी वर्मा कैराना से रक्तदान के लिए पहुंची थी। स्वास्थ्य टीम ने जब उसका हिमोग्लोबिन चेक किया तो केवल 8.4 मिला। इसी तरह आल्दी गांव से माफिया सैफी भी शिविर में रक्तदान का मन बनाकर आई, लेकिन इसका एचबी भी केवल 8.7 था। कुछ अन्य महिलाओं का एचबी भी 10 से नीचे ही मिला। हिमोग्लोबिन कम होने की वजह से स्वास्थ्य टीम ने उनका रक्तदान नहीं कराया और ये मायूस लौटी। रासेयो के अधिकारी अमितेश ने बताया कि टेंपरेचर मानक से थोड़ा ही अधिक होने की वजह से उनके नौ युवा वॉलियंटर्स को लौटना पड़ा। चार को एचबी कम बताने की वजह से लौटना पड़ा। दरअसल रविवार को गर्मी और उमस बहुत अधिक थी इस वजह से भी पारा बढ़ रहा था, लेकिन मानकों के आगे कोई समझौता नहीं किया गया। शिविर में अपराजिता टीम की सदस्य डॉक्टर दिव्या जिंदल, श्ववेता धीमान, अंजली गर्ग, शालू गर्ग, शिखा गोयल, पिंकी अग्रवाल और आशु जैन भी शामिल रहे।
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रासेयो की युवा वॉलियंटर खुशी वर्मा कैराना से रक्तदान के लिए पहुंची थी। स्वास्थ्य टीम ने जब उसका हिमोग्लोबिन चेक किया तो केवल 8.4 मिला। इसी तरह आल्दी गांव से माफिया सैफी भी शिविर में रक्तदान का मन बनाकर आई, लेकिन इसका एचबी भी केवल 8.7 था। कुछ अन्य महिलाओं का एचबी भी 10 से नीचे ही मिला। हिमोग्लोबिन कम होने की वजह से स्वास्थ्य टीम ने उनका रक्तदान नहीं कराया और ये मायूस लौटी। रासेयो के अधिकारी अमितेश ने बताया कि टेंपरेचर मानक से थोड़ा ही अधिक होने की वजह से उनके नौ युवा वॉलियंटर्स को लौटना पड़ा। चार को एचबी कम बताने की वजह से लौटना पड़ा। दरअसल रविवार को गर्मी और उमस बहुत अधिक थी इस वजह से भी पारा बढ़ रहा था, लेकिन मानकों के आगे कोई समझौता नहीं किया गया। शिविर में अपराजिता टीम की सदस्य डॉक्टर दिव्या जिंदल, श्ववेता धीमान, अंजली गर्ग, शालू गर्ग, शिखा गोयल, पिंकी अग्रवाल और आशु जैन भी शामिल रहे।
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