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सावधान : अब कोरोना संक्रमण के साथ डेंगू ने भी पांव पसारे
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शामली में बुखार से पीड़ित बच्ची चांदनी
- फोटो : SHAMLI
कोरोना संक्रमण के साथ डेंगू ने भी पांव पसारे
शामली। जनपद में कोरोना संक्रमण के दौर में डेंगू ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए है। एक सप्ताह से निजी अस्पतालों में डेंगू केस आने शुरू हो गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अभी डेंगू की शुरूआत हुई है। इससे अभी सावधानी बरतने की जरूरत है, अन्यथा जरा सी लापरवाही से इसका प्रकोप बढ़ने से यह खतरनाक हो सकता है।
जिले में कोरोना का पहला केस 24 मार्च को आया था। इसके बाद से लगातार कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। अब तक जिले में करीब 2150 केस कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद अब डेंगू ने भी दस्तक दी है। सितंबर से नवंबर माह तक डेंगू बुखार होने का खतरा ज्यादा होता है। एक सप्ताह से निजी अस्पतालों में डेंगू के केस आने शुरू हो गए हैं। डेंगू और कोरोना के कुछ लक्षण जैसे बुखार तेज होना, शरीर में जकड़न व दर्द होने जैसे एक जैसे होने के कारण आम आदमी का दोनों में अंतर कर पाना आसान नहीं है। बुखार होने पर लोगों को पहले कोरोना होने की संभावना होती है, लेकिन जांच के बाद ही डेंगू या कोरोना का पता चल पाता है।
भानु नर्सिंग होम के संचालक बाल रोग विशेषज्ञ डा. वेदभानू मलिक ने बताया कि पिछले करीब 10 दिन में आठ से अधिक बच्चे डेंगू बुखार से पीड़ित मिले हैं। इस समय भी डेंगू से पीड़ित तीन बच्चे भर्ती है, जिनका उपचार चल रहा है। संवेदना नर्सिंग होम के संचालक फिजिशियन डा. रविंद्र तोमर ने बताया कि एक सप्ताह में उनके यहां डेंगू के तीन केस सामने आ चुके हैं। उनका कहना है कि डेंगू बुखार की अभी शुरुआत है। इसकी रोकथाम के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें लापरवाही बरती गई तो यह खतरनाक हो सकता है।
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जिले में डेंगू की जांच की सुविधा नहीं
शामली। जिले में डेंगू बुखार की जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू के लक्षण मिलने पर उस व्यक्ति का सैंपल लेकर मेरठ मेडिकल भेजा जाता है। वहां पर एलाइजा टेस्ट किया जाता है। रिपोर्ट मिलने पर डेंगू होने या न होने की पुष्टि होती है।
पिछले साल मिले थे डेंगू के आठ केस
जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि पिछले साल जिले में डेंगू के आठ केस मिले थे। 2018 में 14 केस, 2017 में 5 केस और 2016 में 10 केस मिले थे। इस साल अब तक सरकारी अस्पतालों में डेंगू का कोई केस सामने नहीं आया है। एक निजी अस्पताल से डेंगू के केस मिलने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच कराई जाएगी।
ये आए डेंगू के केस
निजी चिकित्सक डा. वेदभानू मलिक ने बताया कि उनके यहां 10 सितंबर को गांव सल्फा निवासी पंछी (5), 11 सितंबर को गांव गोगवान निवासी प्रियांशु (12), 12 सितंबर को जिला बागपत के बड़ौत निवासी यश (8), 15 सितंबर को टपराना निवासी अजीम (8), 14 सितंबर को गांव ख्यावड़ी निवासी यशवर्धन (12), 20 सितंबर को गांव गोगवान निवासी वारिस (9), 21 सितंबर को गांव खानपुर कला निवासी सोनाक्षी (8) और गांव टोडा निवासी चांदनी (10) के सैंपल की जांच में डेंगू होना पाया गया है।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार होना।
सिर में दर्द होना।
मांस पेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना।
जी का मिचलाना।
उल्टी लगना।
आंखों के पीछे दर्द होना।
त्वचा पर लाल चकते होना।
डेंगू से बचाव
शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढककर कपड़े पहनें।
घर में या आसपास साफ पानी का जमाव न होने दें।
एक सप्ताह में कूलर को सारा पानी निकालकर सुखाएं।
पानी को ढककर रखें और साफ-सफाई रखें।
बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
कोट
जिले में संक्रामक रोगों की रोकथाम व बचाव के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में डेंगू बुखार के केस मिलने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
- डा. संजय भटनागर, सीएमओ।
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शामली। जनपद में कोरोना संक्रमण के दौर में डेंगू ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए है। एक सप्ताह से निजी अस्पतालों में डेंगू केस आने शुरू हो गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अभी डेंगू की शुरूआत हुई है। इससे अभी सावधानी बरतने की जरूरत है, अन्यथा जरा सी लापरवाही से इसका प्रकोप बढ़ने से यह खतरनाक हो सकता है।
जिले में कोरोना का पहला केस 24 मार्च को आया था। इसके बाद से लगातार कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। अब तक जिले में करीब 2150 केस कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद अब डेंगू ने भी दस्तक दी है। सितंबर से नवंबर माह तक डेंगू बुखार होने का खतरा ज्यादा होता है। एक सप्ताह से निजी अस्पतालों में डेंगू के केस आने शुरू हो गए हैं। डेंगू और कोरोना के कुछ लक्षण जैसे बुखार तेज होना, शरीर में जकड़न व दर्द होने जैसे एक जैसे होने के कारण आम आदमी का दोनों में अंतर कर पाना आसान नहीं है। बुखार होने पर लोगों को पहले कोरोना होने की संभावना होती है, लेकिन जांच के बाद ही डेंगू या कोरोना का पता चल पाता है।
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भानु नर्सिंग होम के संचालक बाल रोग विशेषज्ञ डा. वेदभानू मलिक ने बताया कि पिछले करीब 10 दिन में आठ से अधिक बच्चे डेंगू बुखार से पीड़ित मिले हैं। इस समय भी डेंगू से पीड़ित तीन बच्चे भर्ती है, जिनका उपचार चल रहा है। संवेदना नर्सिंग होम के संचालक फिजिशियन डा. रविंद्र तोमर ने बताया कि एक सप्ताह में उनके यहां डेंगू के तीन केस सामने आ चुके हैं। उनका कहना है कि डेंगू बुखार की अभी शुरुआत है। इसकी रोकथाम के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें लापरवाही बरती गई तो यह खतरनाक हो सकता है।
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जिले में डेंगू की जांच की सुविधा नहीं
शामली। जिले में डेंगू बुखार की जांच की सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू के लक्षण मिलने पर उस व्यक्ति का सैंपल लेकर मेरठ मेडिकल भेजा जाता है। वहां पर एलाइजा टेस्ट किया जाता है। रिपोर्ट मिलने पर डेंगू होने या न होने की पुष्टि होती है।
पिछले साल मिले थे डेंगू के आठ केस
जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनय कुमार ने बताया कि पिछले साल जिले में डेंगू के आठ केस मिले थे। 2018 में 14 केस, 2017 में 5 केस और 2016 में 10 केस मिले थे। इस साल अब तक सरकारी अस्पतालों में डेंगू का कोई केस सामने नहीं आया है। एक निजी अस्पताल से डेंगू के केस मिलने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच कराई जाएगी।
ये आए डेंगू के केस
निजी चिकित्सक डा. वेदभानू मलिक ने बताया कि उनके यहां 10 सितंबर को गांव सल्फा निवासी पंछी (5), 11 सितंबर को गांव गोगवान निवासी प्रियांशु (12), 12 सितंबर को जिला बागपत के बड़ौत निवासी यश (8), 15 सितंबर को टपराना निवासी अजीम (8), 14 सितंबर को गांव ख्यावड़ी निवासी यशवर्धन (12), 20 सितंबर को गांव गोगवान निवासी वारिस (9), 21 सितंबर को गांव खानपुर कला निवासी सोनाक्षी (8) और गांव टोडा निवासी चांदनी (10) के सैंपल की जांच में डेंगू होना पाया गया है।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार होना।
सिर में दर्द होना।
मांस पेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द होना।
जी का मिचलाना।
उल्टी लगना।
आंखों के पीछे दर्द होना।
त्वचा पर लाल चकते होना।
डेंगू से बचाव
शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढककर कपड़े पहनें।
घर में या आसपास साफ पानी का जमाव न होने दें।
एक सप्ताह में कूलर को सारा पानी निकालकर सुखाएं।
पानी को ढककर रखें और साफ-सफाई रखें।
बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
कोट
जिले में संक्रामक रोगों की रोकथाम व बचाव के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में डेंगू बुखार के केस मिलने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
- डा. संजय भटनागर, सीएमओ।

शामली में बुखार से पीड़ित बच्चा वारिस- फोटो : SHAMLI

शामली में डेंगू बुखार से पीड़ित बच्ची सुनाक्षी- फोटो : SHAMLI