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जिले में दस और मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि
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शामली। जिले में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में दस और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इन्हें मिलाकर अब डेंगू के केस बढ़कर 71 हो गए हैं। सितंबर माह तक जिले में डेंगू के 32 केस थे। अक्तूबर माह में अब तक 39 केस सामने आ चुके हैं।
जिले में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। टायफाइड, वायरल, मलेरिया के साथ डेंगू के केस लगातार सामने आ रहे हैं। अक्तूबर माह में डेंगू की रफ्तार तेज हो रही है। सैंपलों की एलाइजा जांच की रिपोर्ट में दस और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के मुताबिक 30 सितंबर तक जिले में डेंगू के 32 केस मिले थे। अक्तूबर माह में अब तक इससे ज्यादा 39 केस सामने आ चुके हैं जबकि 94 सैंपलों की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
झिंझाना और कैराना क्षेत्र में बुखार से कई लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अभी बुखार से किसी की मौत होना दर्ज नहीं हुआ है। इन आंकड़ों को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि डेंगू बुखार का जिले में खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग निजी लैब पर जांच रिपोर्ट में डेंगू बुखार को प्रमाणिक नहीं मानता। जब तक स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आती है तब तक मरीज की जान खतरे में रहती है।
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स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि एलाइवा जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि हो पाती है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिले में दस मरीजों के सैंपल की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब जिले में डेंगू के केस की संख्या बढ़कर 71 हो गई है।
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जिले में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। टायफाइड, वायरल, मलेरिया के साथ डेंगू के केस लगातार सामने आ रहे हैं। अक्तूबर माह में डेंगू की रफ्तार तेज हो रही है। सैंपलों की एलाइजा जांच की रिपोर्ट में दस और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड के मुताबिक 30 सितंबर तक जिले में डेंगू के 32 केस मिले थे। अक्तूबर माह में अब तक इससे ज्यादा 39 केस सामने आ चुके हैं जबकि 94 सैंपलों की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
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झिंझाना और कैराना क्षेत्र में बुखार से कई लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में अभी बुखार से किसी की मौत होना दर्ज नहीं हुआ है। इन आंकड़ों को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि डेंगू बुखार का जिले में खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग निजी लैब पर जांच रिपोर्ट में डेंगू बुखार को प्रमाणिक नहीं मानता। जब तक स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आती है तब तक मरीज की जान खतरे में रहती है।
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स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि एलाइवा जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि हो पाती है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिले में दस मरीजों के सैंपल की जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब जिले में डेंगू के केस की संख्या बढ़कर 71 हो गई है।