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भैड़ापुर में नहीं श्मशान घाट, ग्रामीणों को सड़क के किनारे करना पड़ता है शव का अंतिम संस्कार
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ढिकौली-बंथला मार्ग पर शव रख किया प्रदर्शन
चांदीनगर। भैड़ापुर गांव में श्मशान घाट नहीं है। ग्रामीणों को सड़क के किनारे शव का अंतिम संस्कार करना पड़ता है। शुक्रवार को गांव में महिला का निधन होने पर ग्रामीणों ने ढिकौली-बंथला मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से गांव में श्मशान घाट का निर्माण कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में श्मशान घाट ना होने के कारण लोग अपने खेतों में शवो का अंतिम संस्कार करते है, जबकि भूमिहीन लोगों को सड़क के किनारे शव का अंतिम संस्कार करने के लिए विवश होना पड़ता है। गांव में समस्या का समाधान कराने के लिए कई बार श्मशान घाट बनवाने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
शुक्रवार को केलादेवी (74) पत्नी हरिचंद का निधन हो गया था। गांव में श्मशान घाट न होने के कारण महिला के परिजनों को महिला का अंतिम संस्कार करने के लिए समस्या का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व एसडीएम को फोन करने का प्रयास किया, मगर बात नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने मृतका का शव बंथला-ढिकोली मार्ग पर रख प्रदर्शन कर गांव में श्मशान घाट बनवाने की मांग की। परिजनों ने महिला के शव का सड़क के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर राज कुमार, संजय, श्रीपाल, वीरपाल, बालेश्वर, देवेंद्र कुमार, जयप्रकाश, मोहित, संदीप, भोपाल मौजूद रहे।
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चांदीनगर। भैड़ापुर गांव में श्मशान घाट नहीं है। ग्रामीणों को सड़क के किनारे शव का अंतिम संस्कार करना पड़ता है। शुक्रवार को गांव में महिला का निधन होने पर ग्रामीणों ने ढिकौली-बंथला मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से गांव में श्मशान घाट का निर्माण कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में श्मशान घाट ना होने के कारण लोग अपने खेतों में शवो का अंतिम संस्कार करते है, जबकि भूमिहीन लोगों को सड़क के किनारे शव का अंतिम संस्कार करने के लिए विवश होना पड़ता है। गांव में समस्या का समाधान कराने के लिए कई बार श्मशान घाट बनवाने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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शुक्रवार को केलादेवी (74) पत्नी हरिचंद का निधन हो गया था। गांव में श्मशान घाट न होने के कारण महिला के परिजनों को महिला का अंतिम संस्कार करने के लिए समस्या का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व एसडीएम को फोन करने का प्रयास किया, मगर बात नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने मृतका का शव बंथला-ढिकोली मार्ग पर रख प्रदर्शन कर गांव में श्मशान घाट बनवाने की मांग की। परिजनों ने महिला के शव का सड़क के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर राज कुमार, संजय, श्रीपाल, वीरपाल, बालेश्वर, देवेंद्र कुमार, जयप्रकाश, मोहित, संदीप, भोपाल मौजूद रहे।
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