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देवी मंदिर के तालाब की भूमि का सीमांकन किया

Fri, 09 Mar 2018 11:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Fri, 09 Mar 2018 11:48 PM IST
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Demarcated the land of the goddess temple
कैराना का देवी मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
शामली के कैराना कस्बे के देवी मंदिर तालाब के सुंदरीकरण के लिए कार्यदायी संस्था के तीन इंजीनियरों ने मंदिर भूमि की पैमाइश कराकर सीमांकन कराया। 16 या 18 मार्च को भाजपा नेत्री मृगांका सिंह देवी मंदिर तालाब कार्य का शिलान्यास करेंगी।
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करीब 400 साल पुराना मराठा कालीन प्राचीन देवी मंदिर तालाब श्रंखला 168 बीघा क्षेत्र में फैली हुई है। इसमें सिद्धपीठ प्राचीन बाला सुंदरी मंदिर, मां काली मंदिर, बनखंडी महादेव मंदिर, बालाजी धाम, विश्वकर्मा मंदिर, साईं बाबा मंदिर तथा प्राचीन तालाब स्थित है। पूर्व सांसद दिवंगत हुकुम सिंह की शुरू से ही देवी मंदिर तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कराने की इच्छा थी। इसी के चलते 29 दिसंबर 2016 को केंद्रीय पर्यटन मंत्री डाक्टर महेश शर्मा ने देवी मंदिर तालाब पहुंचकर सुंदरीकरण के तहत होने वाले कार्यों की घोषणा की थी। देवी मंदिर तालाब सेवा मंडल समिति कैराना के सचिव सुभाष सिंघल ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय से सात करोड़ रुपये का बजट मंदिर के सुंदरीकरण के लिए प्रस्तावित है। इसमें से एक करोड़ रुपये प्रथम किश्त के रूप में सरकार ने जारी किए हैं। बृहस्पतिवार को कार्यदायी संस्था दिल्ली से तीन इंजीनियरों ने कैराना पहुंचकर देवी मंदिर तालाब की 168 बीघा जमीन को निरीक्षण करने के साथ ही सीमांकन किया। शनिवार को सीमांकन रेखा पर जेसीबी से नींव की खुदाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। 16 या 18 मार्च को दिवंगत सांसद हुकुम सिंह की पुत्री मृगांका सिंह विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगी।
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प्राचीन देवी मंदिर तालाब का इतिहास कैराना। समिति सचिव सुभाष सिंघल और उपाध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने बताया कि 400 साल पूर्व कैराना के लाला रंगी लाल सम्राट जहांगीर के दरबार में खजांची थे। लाला रंगीलाल के कोई औलाद नहीं थी। वह धार्मिक प्रवृति के थे। उन्होंने 168 बीघा जमीन जिसके चारों ओर सड़क थी, उसे मारूफ रंगीलाल ट्रस्ट बना कर सौंप दी। बाद में लाला ने उक्त जमीन पर बाला सुंदरी मंदिर और तालाब का निर्माण कराया। उक्त ट्रस्ट की देखभाल देवी मंदिर तालाब समिति करती थी। समय के साथ नई समिति का गठन हुआ तथा वर्तमान में देवी मंदिर तालाब सेवा मंडल समिति इसकी देखभाल करती है।
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