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‘एमएसएमई से जुड़े मुद्दे घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग’
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शामली में प्रेस वार्ता करते उद्यमी
- फोटो : SHAMLI
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‘एमएसएमई से जुड़े मुद्दे घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग’
शामली। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों के सामने अपनी मांगें रखी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज गर्ग ने कहा कि राजनीतिक दलों को इन मांगों को घोषणा पत्र में शामिल करना चाहिए। प्रदेश में करीब 90 लाख एमएसएमई संचालित हैं। जिनमें 165 लाख मतदाता कार्य कर रहे हैं। राजनीतिक दलों को इनके उत्थान के लिए विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी विभाग और निकाय अपनी कुल खरीद का करीब 30 फीसदी प्रदेश के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों से खरीदें। इसके लिए विभागीय टेंडरों में तकनीकी शर्तें न हो, खरीद जैम पोर्टल से की जाए। एमएसएमई की लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड किया जाए। आवश्यकता से अधिक भूमि को बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए। इससे कई फायदे सरकार, जनता और उद्यमियों को होंगे। औद्योगिक भवनों पर हाउस टैक्स आवासीय भवनों से कम किया जाए। रूफ टॉप सोलर सिस्टम को प्रोत्साहन देने और क्लीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमएसएमई की नेट मीटरिंग की सुविधा फिर से बहाल की जाए। त्वरित औद्योगिक विकास के लिए पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे पर नए इंडस्ट्रियल क्षेत्र विकसित किए जाएं। पर्यावरण और अग्नि सुरक्षा से संबंधित अनापत्तियों पर थर्ड पार्टी सहायता व निरीक्षण की व्यवस्था लागू हो। मंडी शुल्क शून्य किया जाए। विधान परिषद में एमएसएमई का प्रतिनिधित्व हो। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए उद्योगों में पीएनजी को ईंधन के रूप में उपयोग पर बढ़ावा दिया जाए। इस पर वैट को शून्य किया जाए। इस मौके पर उपाध्यक्ष आशीष जैन, महासचिव सुधीर कुमार, सचिव भारत मित्तल, अभिनव बंसल ट्रेजरार, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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शामली। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दलों के सामने अपनी मांगें रखी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज गर्ग ने कहा कि राजनीतिक दलों को इन मांगों को घोषणा पत्र में शामिल करना चाहिए। प्रदेश में करीब 90 लाख एमएसएमई संचालित हैं। जिनमें 165 लाख मतदाता कार्य कर रहे हैं। राजनीतिक दलों को इनके उत्थान के लिए विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी विभाग और निकाय अपनी कुल खरीद का करीब 30 फीसदी प्रदेश के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों से खरीदें। इसके लिए विभागीय टेंडरों में तकनीकी शर्तें न हो, खरीद जैम पोर्टल से की जाए। एमएसएमई की लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड किया जाए। आवश्यकता से अधिक भूमि को बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए। इससे कई फायदे सरकार, जनता और उद्यमियों को होंगे। औद्योगिक भवनों पर हाउस टैक्स आवासीय भवनों से कम किया जाए। रूफ टॉप सोलर सिस्टम को प्रोत्साहन देने और क्लीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमएसएमई की नेट मीटरिंग की सुविधा फिर से बहाल की जाए। त्वरित औद्योगिक विकास के लिए पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे पर नए इंडस्ट्रियल क्षेत्र विकसित किए जाएं। पर्यावरण और अग्नि सुरक्षा से संबंधित अनापत्तियों पर थर्ड पार्टी सहायता व निरीक्षण की व्यवस्था लागू हो। मंडी शुल्क शून्य किया जाए। विधान परिषद में एमएसएमई का प्रतिनिधित्व हो। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए उद्योगों में पीएनजी को ईंधन के रूप में उपयोग पर बढ़ावा दिया जाए। इस पर वैट को शून्य किया जाए। इस मौके पर उपाध्यक्ष आशीष जैन, महासचिव सुधीर कुमार, सचिव भारत मित्तल, अभिनव बंसल ट्रेजरार, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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