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Shamli News: रेबीज से पीड़ित व्यक्ति की मौत
Thu, 23 May 2024 05:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 23 May 2024 05:07 AM IST
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शामली। क्षेत्र के गांव कुड़ाना में रेबीज से पीड़ित तेल्लू कश्यप की मौत हो गई। श्रमिक को दो माह पहले गांव में ही कुत्ते ने काट लिया था। उसने एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं लगाए थे। श्रमिक की मौत से परिजनों में गम का माहौल है।
गांव कुड़ाना निवासी तेल्लू कश्यप को करीब दो माह पहले होली के दिन गांव में जाते समय रास्ते में कुत्ते ने काट लिया था। उसने झाड़ फूंक व घरेलू उपचार कर लिया, लेकिन एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया था। बताया गया है कि करीब एक सप्ताह पहले उसे सांस लेने में परेशानी हुई। उसके गले में सूजन आ गई थी। परिजनों ने उसे स्थानीय चिकित्सक के यहां इलाज कराया, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो दिल्ली अस्पताल में उपचार कराया।
दो दिन पहले तेल्लू को रेबीज के लक्षण सामने आ गए और उसकी हालत बिगड़ गई। उसने अपने हाथ को भी दांतों से चबा दिया और गले से कुत्ते जैसी आवाज निकलने लगी। मंगलवार देर शाम तेल्लू की मौत हो गई।
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- पौत्र को लगवा दिया था एंटी रेबीज का इंजेक्शन
परिजनों ने बताया कि जिस दिन तेल्लू को कुत्ते ने काटा था। उसी दिन उसके आठ साल के पौत्र वंश को भी कुत्ते ने काट लिया था। वंश को तो परिजनों ने अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवा दिए थे लेकिन तेल्लू ने इंजेक्शन लगवाने से मना कर दिया था। इसी लापरवाही की वजह से उसकी दो माह बाद ही रेबीज से मौत हो गई।
- गर्मी में बढ़ी कुत्ता काटने से घायल मरीजों की संख्या
गर्मी में कुत्ते काटने से घायल मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ गई है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 30 लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। सीएचसी शामली में रोजाना 35 से 40 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लग रहे हैं। इसी तरह अन्य सरकारी अस्पतालों में भी एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीज रोजाना पहुंचते है। इस तरह से जिले में रोजाना करीब 350 लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिले में सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन निशुल्क लगाए जाते हैं। एंटी रेबीज इंजेक्शन अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
- जिला अस्पताल व सीएचसी में रोज लगते हैं एंटी रेबीज के इंजेक्शन
जिला अस्पताल में रविवार को छोड़कर रोजाना एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। जबकि सीएचसी शामली में रविवार समेत पूरे सप्ताह एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। कुड़ाना व थानाभवन सीएचसी पर मंगलवार व शुक्रवार को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने के दिन निर्धारित हैं। कांधला सीएचसी पर सोमवार व बृहस्पतिवार दो दिन निर्धारित किए गए हैं, लेकिन उसके बाद भी अगर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं तो उनको एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया जा रहा है। अन्य सीएचसी पर भी दिन निर्धारित किए गए हैं।
- कुत्ता काटने के बाद ये बरतें सावधानी
- जख्म को 10 से 15 मिनट तक एंटीसेप्टिक सोप व साफ पानी से धोएं।
- जख्म पर पानी लगाने से न डरें।
- घाव को साफ करने के बाद उस पर एंटीसेप्टिक लगाएं।
- कुत्ता काटने के बाद तुरंत डॉक्टर की सलाह से एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
-- - झोलाछाप या झाड़फूंक से बचे
कुत्ता काटने या अन्य किसी जानवर के काटने के बाद किसी की बातों में न आएं। अक्सर देखा जाता है खासतौर से देहात क्षेत्र में कुत्ता काटने के बाद लोग घाव पर नमक, मिर्च, नींबू या हल्दी लगा देते हैं। इससे उन्हें लगता है कि इससे बैक्टीरिया मर जाएंगे, लेकिन यह गलत है। ऐसा करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया अगर कुत्ता काट लेता है तो सरकारी अस्पताल या किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज शुरू कराना चाहिए। किसी झोलाछाप के या झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ें। यह खतरनाक हो सकता है। कुत्ता काटने के बाद एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने में देरी न करें।
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गांव कुड़ाना निवासी तेल्लू कश्यप को करीब दो माह पहले होली के दिन गांव में जाते समय रास्ते में कुत्ते ने काट लिया था। उसने झाड़ फूंक व घरेलू उपचार कर लिया, लेकिन एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगवाया था। बताया गया है कि करीब एक सप्ताह पहले उसे सांस लेने में परेशानी हुई। उसके गले में सूजन आ गई थी। परिजनों ने उसे स्थानीय चिकित्सक के यहां इलाज कराया, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो दिल्ली अस्पताल में उपचार कराया।
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दो दिन पहले तेल्लू को रेबीज के लक्षण सामने आ गए और उसकी हालत बिगड़ गई। उसने अपने हाथ को भी दांतों से चबा दिया और गले से कुत्ते जैसी आवाज निकलने लगी। मंगलवार देर शाम तेल्लू की मौत हो गई।
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- पौत्र को लगवा दिया था एंटी रेबीज का इंजेक्शन
परिजनों ने बताया कि जिस दिन तेल्लू को कुत्ते ने काटा था। उसी दिन उसके आठ साल के पौत्र वंश को भी कुत्ते ने काट लिया था। वंश को तो परिजनों ने अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवा दिए थे लेकिन तेल्लू ने इंजेक्शन लगवाने से मना कर दिया था। इसी लापरवाही की वजह से उसकी दो माह बाद ही रेबीज से मौत हो गई।
- गर्मी में बढ़ी कुत्ता काटने से घायल मरीजों की संख्या
गर्मी में कुत्ते काटने से घायल मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ गई है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 30 लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। सीएचसी शामली में रोजाना 35 से 40 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लग रहे हैं। इसी तरह अन्य सरकारी अस्पतालों में भी एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीज रोजाना पहुंचते है। इस तरह से जिले में रोजाना करीब 350 लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिले में सरकारी अस्पतालों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन निशुल्क लगाए जाते हैं। एंटी रेबीज इंजेक्शन अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
- जिला अस्पताल व सीएचसी में रोज लगते हैं एंटी रेबीज के इंजेक्शन
जिला अस्पताल में रविवार को छोड़कर रोजाना एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। जबकि सीएचसी शामली में रविवार समेत पूरे सप्ताह एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। कुड़ाना व थानाभवन सीएचसी पर मंगलवार व शुक्रवार को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने के दिन निर्धारित हैं। कांधला सीएचसी पर सोमवार व बृहस्पतिवार दो दिन निर्धारित किए गए हैं, लेकिन उसके बाद भी अगर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं तो उनको एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया जा रहा है। अन्य सीएचसी पर भी दिन निर्धारित किए गए हैं।
- कुत्ता काटने के बाद ये बरतें सावधानी
- जख्म को 10 से 15 मिनट तक एंटीसेप्टिक सोप व साफ पानी से धोएं।
- जख्म पर पानी लगाने से न डरें।
- घाव को साफ करने के बाद उस पर एंटीसेप्टिक लगाएं।
- कुत्ता काटने के बाद तुरंत डॉक्टर की सलाह से एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
कुत्ता काटने या अन्य किसी जानवर के काटने के बाद किसी की बातों में न आएं। अक्सर देखा जाता है खासतौर से देहात क्षेत्र में कुत्ता काटने के बाद लोग घाव पर नमक, मिर्च, नींबू या हल्दी लगा देते हैं। इससे उन्हें लगता है कि इससे बैक्टीरिया मर जाएंगे, लेकिन यह गलत है। ऐसा करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है। सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने बताया अगर कुत्ता काट लेता है तो सरकारी अस्पताल या किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज शुरू कराना चाहिए। किसी झोलाछाप के या झाड़फूंक के चक्कर में न पड़ें। यह खतरनाक हो सकता है। कुत्ता काटने के बाद एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने में देरी न करें।