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Shamli News: डीडीओ का लिपिक 30 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा
Sun, 01 Oct 2023 12:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 01 Oct 2023 12:38 AM IST
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शामली। विकास भवन स्थित डीडीओ कार्यालय के लिपिक को सहारनपुर एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ तीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद टीम उसको हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई। वहां टीम ने पूछताछ करने के बाद लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और पीड़ित के बयान व रिकॉर्डिंग के आधार पर डीडीओ का नाम भी इस मामले में शामिल कर जांच शुरू कर दी है।
भैंसवाल गांव निवासी अश्वनी ने अप्रैल माह में अपनी बोलेरो गाड़ी को विकास भवन स्थित एनआरएलएम कार्यालय में लगाया था। आरोप है कि उसकी गाड़ी का अनुबंध बिना किसी कारण के निरस्त कर दिया गया, जबकि जेम पोर्टल से एक साल के लिए गाड़ी लगाई थी। उसका पांच माह का भुगतान लंबित था। जब वह पांच माह के भुगतान के लिए लिपिक के पास पहुंचा तो उसने एक लाख 42 हजार 500 रुपये का भुगतान करने के लिए तीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी। वह कार्यालय का चक्कर काट-काटकर थक गया तो उसने एंटी सहारनपुर एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और उसके बाद टीम ने शनिवार को अश्वनी को 500-500 के नोटों पर फेनॉफ्थलीन लगाकर भेजा। जैसे ही पीड़ित ने लिपिक को तीस हजार रुपये रिश्वत के दिए तो टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया।
डीडीओ रजत यादव ने बताया कि लिपिक अश्वनी द्वारा रिश्वत लेने के मामले में उनका कोई लेना देना नहीं है। उनकी ओर से किसी से भी कोई रिश्वत नहीं मांगी गई। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में जिसके भी नाम सामने आएगे, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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भैंसवाल गांव निवासी अश्वनी ने अप्रैल माह में अपनी बोलेरो गाड़ी को विकास भवन स्थित एनआरएलएम कार्यालय में लगाया था। आरोप है कि उसकी गाड़ी का अनुबंध बिना किसी कारण के निरस्त कर दिया गया, जबकि जेम पोर्टल से एक साल के लिए गाड़ी लगाई थी। उसका पांच माह का भुगतान लंबित था। जब वह पांच माह के भुगतान के लिए लिपिक के पास पहुंचा तो उसने एक लाख 42 हजार 500 रुपये का भुगतान करने के लिए तीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी। वह कार्यालय का चक्कर काट-काटकर थक गया तो उसने एंटी सहारनपुर एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और उसके बाद टीम ने शनिवार को अश्वनी को 500-500 के नोटों पर फेनॉफ्थलीन लगाकर भेजा। जैसे ही पीड़ित ने लिपिक को तीस हजार रुपये रिश्वत के दिए तो टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया।
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डीडीओ रजत यादव ने बताया कि लिपिक अश्वनी द्वारा रिश्वत लेने के मामले में उनका कोई लेना देना नहीं है। उनकी ओर से किसी से भी कोई रिश्वत नहीं मांगी गई। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में जिसके भी नाम सामने आएगे, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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