फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Crushing season ends, arrears just over 838 crore

पेराई सत्र समाप्त, बकाया अभी 838 करोड़ से अधिक

Mon, 15 Jun 2020 11:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2020 11:15 PM IST
विज्ञापन
Crushing season ends, arrears just over 838 crore
शामली। पेराई सत्र समाप्त होने के बाद जिले की चीनी मिलों पर वर्ष 2019-20 का 838 करोड़ 24 लाख 56 हजार रुपये किसानों का बकाया है। चीनी मिलें पूरे सत्र में मात्र 354 करोड़ 16 लाख 74 हजार का ही भुगतान कर पाई है।
विज्ञापन

जिले की चीनी मिलें वर्ष 2019-20 के पेराई सत्र में 378.12 लाख क्विंटल गन्ना 1192 करोड़ 41 लाख 30 हजार रुपये का खरीद कर अपना पेराई सत्र खत्म कर चुकी है। चीनी मिले पूरे सत्र में मात्र 354 करोड़ 16 लाख 74 हजार रुपये का भुगतान कर पाई है। पूरे सत्र में 29.70 प्रतिशत गन्ने का भुगतान किया गया है। जिनमें शामली मिल 103 करोड़ 40 लाख, ऊन मिल 114 करोड़ 36 लाख 18 हजार, थानाभवन मिल 136 करोड़ 40 लाख 56 हजार भुगतान किया है। जिले की चीनी मिलों पर 838 करोड़ रुपये, 24 लाख 56 हजार किसानों का बकाया है। जिले की थानाभवन की बजाज समूह पर सबसे ज्यादा 354 करोड़ 42 लाख 24 हजार बकाया है।
विज्ञापन

दूसरे नंबर पर शामली मिल पर किसानों की बकायादारी 260 करोड़ 36 लाख 91 हजार है। ऊन मिल पर 222 करोड़ 85 लाख 91 हजार बकाया है। जिले की चीनी मिलों ने 378.12 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। जिसमें थानाभवन मिल ने 152.92 लाख क्विंटल, शामली मिल ने 120.14 लाख क्विंटल, ऊन मिल ने 105.06 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर पाई है। डीसीओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले की चीनी मिले पूरे पेराई सत्र में मात्र 29.70 प्रतिशत किसानों को बकाया भुगतान कर पाई है। चीनी मिलों पर बकाया भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed